Aloo Kachori Chana Aloo Sabzi Recipe: बनारस की सुबह का जिक्र हो और गरमा-गरम खस्ता कचौड़ी का नाम न आए, ऐसा शायद ही हो. शहर की गलियों में सुबह-सुबह मिलने वाली कुरकुरी कचौड़ी और मसालेदार चना-आलू की सब्जी सिर्फ नाश्ता नहीं, बल्कि वहां के खान-पान की पहचान बन चुकी है. कचौड़ी का बाहर से करारा और अंदर से मसालेदार आलू की स्टफिंग वाला स्वाद, ऊपर से तीखी-खट्टी सब्जी-इसका कॉम्बिनेशन ऐसा है कि एक बार खाने के बाद मन दोबारा मांगने लगता है.

लेकिन इसके लिए हर बार बनारस जाना जरूरी नहीं है. घर की रसोई में भी इस मशहूर बनारसी स्वाद को काफी आसानी से तैयार किया जा सकता है. फूड क्रिएटर ज्योति दुबे ने इसकी आसान रेसिपी बताई है, जिसमें कुछ खास मसालों का इस्तेमाल स्वाद को बिल्कुल अलग बना देता है.

सबसे पहले तैयार करें खास बनारसी मसाला
इस रेसिपी का स्वाद काफी हद तक इसके मसाले पर निर्भर करता है. इसके लिए एक पैन गर्म करें और उसमें साबुत धनिया, जीरा, अजवाइन, सौंफ और सूखी लाल मिर्च डालकर हल्का भून लें. मसालों को तेज आंच पर ज्यादा देर तक भूनने की जरूरत नहीं है. जैसे ही खुशबू आने लगे, गैस बंद कर दें. मसालों को ठंडा होने दें और फिर मिक्सी में डालकर दरदरा पीस लें. ध्यान रखें कि इसे बिल्कुल महीन पाउडर न बनाएं. हल्का दरदरा मसाला कचौड़ी की स्टफिंग और सब्जी दोनों में अच्छा टेक्सचर और स्वाद देता है.

आलू की मसालेदार स्टफिंग ऐसे बनाएं
अब कचौड़ी की जान यानी आलू की स्टफिंग तैयार करने की बारी है. एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें. इसमें हींग डालने के बाद तैयार किया हुआ दरदरा मसाला डालें और कुछ सेकंड भूनें. इसके बाद उबले हुए आलू हाथ से तोड़कर कड़ाही में डालें. लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाएं. आलू को मसाले के साथ करीब 3 से 4 मिनट तक भूनें. आखिर में बारीक कटी हरी धनिया डालकर गैस बंद कर दें. स्टफिंग को एक प्लेट में निकालकर ठंडा होने के लिए रख दें.

(इमेज AI)

चना-आलू की सब्जी में आएगा असली बनारसी स्वाद
कचौड़ी के साथ परोसी जाने वाली चना-आलू की सब्जी को थोड़ा गाढ़ा और मसालेदार रखना इसके स्वाद को बेहतर बनाता है. कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करके इसमें हींग और हरी मिर्च डालें. इसके बाद तैयार किया हुआ मसाला डालकर हल्का भूनें. अब ताजा टमाटर की प्यूरी डालें और मसाले को तब तक पकाएं जब तक टमाटर अच्छी तरह गल न जाए और किनारों से तेल दिखाई देने लगे. यह चरण जल्दबाजी में पूरा न करें, क्योंकि अच्छी तरह पका हुआ टमाटर मसाला ही ग्रेवी को गहराई देता है.

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काले चने और आलू से तैयार होगी गाढ़ी ग्रेवी
अब इसमें पहले से उबले हुए काले चने डालें. साथ ही कुछ उबले आलू हाथ से मैश करके मिला दें. आलू ग्रेवी को प्राकृतिक रूप से थोड़ा गाढ़ा करने में मदद करेंगे. जरूरत के अनुसार पानी डालें और सब्जी को धीमी आंच पर करीब 10 मिनट तक पकने दें. बीच-बीच में सब्जी को चलाते रहें. जब चने मसाले में अच्छी तरह घुल जाएं और ग्रेवी मनचाही गाढ़ी हो जाए, तो ऊपर से हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें.

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अब बारी है खस्ता कचौड़ी तैयार करने की
कचौड़ी के लिए मैदा या आटे का नरम आटा गूंथ लें. आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और हर लोई को हल्का फैलाकर बीच में आलू की तैयार स्टफिंग रखें. किनारों को अच्छी तरह बंद करें ताकि तलते समय मसाला बाहर न निकले. अब इसे हल्के हाथ से गोल आकार दें. कचौड़ी को बहुत पतला बेलने की जरूरत नहीं है. थोड़ा मोटा आकार रखने से अंदर की स्टफिंग अच्छी तरह रहती है और तलने के बाद कचौड़ी का खस्ता टेक्सचर भी बना रहता है.

धीमी आंच पर तलने से बनेगी कचौड़ी ज्यादा खस्ता
कड़ाही में तेल गर्म करें और कचौड़ियों को मध्यम से धीमी आंच पर तलें. यहां जल्दबाजी करना भारी पड़ सकता है. तेज आंच पर कचौड़ी ऊपर से जल्दी सुनहरी हो सकती है, लेकिन अंदर से उसका टेक्सचर सही नहीं आएगा. कचौड़ी को पलट-पलटकर सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें. इसके बाद इसे तेल से निकालकर कुछ देर रखें. गरमा-गरम कचौड़ी को हल्का सा तोड़कर ऊपर से चना-आलू की सब्जी डालें. साथ में हरी चटनी, इमली की खट्टी-मीठी चटनी, बारीक कटा प्याज और हरी मिर्च रख दें. चाहें तो ऊपर से थोड़ा हरा धनिया भी डाल सकते हैं.



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