कोटा नगर निगम चुनाव के लिए वोटों की गिनती सोमवार (14 सितंबर) को सुबह 8 बजे से जारी है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अलावा कांग्रेस की नजर भी शहर के सिविक एडमिनिस्ट्रेशन (नागरिक प्रशासन) पर कब्ज़ा करने पर है। नतीजे आने के बाद कोटा के 100-वार्ड वाले नगर निगम का स्वरूप तय होगा और मेयर के चुनाव के लिए रास्ता साफ़ होगा।
राजस्थान के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए वोटिंग दो चरणों में 9 और 11 सितंबर को हुई थी। सभी 309 शहरी स्थानीय निकायों के वोटों की गिनती 14 सितंबर को हो रही है। राज्य भर में हुए इन चुनावों में 10 नगर निगमों, 47 नगर परिषदों और 252 नगर पालिकाओं के कुल 10,245 वार्ड शामिल हैं, जिनमें लगभग 1.44 करोड़ योग्य मतदाता हैं।
कोटा नगर निगम में 100 वार्ड हैं। चुनाव के नतीजों पर सबकी नजर रहेगी क्योंकि कांग्रेस और BJP राजस्थान के अहम शहरी केंद्रों में से एक में अपनी स्थिति मज़बूत करना चाहती हैं। नतीजों से नई बनी सिविक बॉडी में राजनीतिक संतुलन भी तय होगा।
कोटा नगर निगम का पिछला चुनाव 2020 में शहर को दो अलग-अलग नगर निगमों – कोटा उत्तर और कोटा दक्षिण – में बांटने के बाद हुआ था। कोटा उत्तर में, जिसमें 70 वार्ड थे, कांग्रेस ने 47 सीटें जीतीं, जबकि BJP को 14 सीटें मिलीं। निर्दलीय उम्मीदवारों ने नौ सीटें जीतीं। अब जब कोटा में 100-वार्ड वाले नगर निगम के तौर पर चुनाव हो रहे हैं, तो 2026 के नतीजे बताएंगे कि क्या कांग्रेस शहर की सिविक राजनीति में अपनी पुरानी बढ़त बनाए रख पाती है या BJP बड़ी बढ़त हासिल कर पाती है।