नई दिल्ली: वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन की सैन्य गतिविधियों को लेकर रक्षा मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट में अहम जानकारी सामने आई है। इंडिया टीवी द्वारा एक्सेस की गई रक्षा मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 के मुताबिक, वर्ष 2025 के दौरान उत्तरी सीमा यानी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के सामने चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की तैनाती में काफी कमी आई है।
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में क्या बताया गया है?
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में ‘Situation along Northern Front’ के तहत बताया गया है कि 2025 में उत्तरी सीमाओं के सामने PLA की तैनाती में महत्वपूर्ण कमी देखी गई। रिपोर्ट के अनुसार, LAC से लगे इलाकों और पारंपरिक सैन्य प्रशिक्षण क्षेत्रों में तैनात 10-10 संयुक्त हथियार ब्रिगेड स्तर की सैन्य टुकड़ियों को कम किया गया है।
PLA की एक संयुक्त हथियार ब्रिगेड में करीब 5,000 सैनिक होते हैं। ऐसे में यदि 10 ब्रिगेड के स्तर की तैनाती कम हुई है तो यह संख्या करीब 50,000 सैनिकों के बराबर हो सकती है। हालांकि, यह संख्या LAC और प्रशिक्षण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग आंकी जाती है।
खतरा कम नहीं हुआ
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में चीन की तैनाती में कमी का उल्लेख जरूर है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि LAC पर चीनी सैन्य खतरा समाप्त हो गया है। नवंबर 2024 में अमेरिका के तत्कालीन रक्षा विभाग के आंकलन के मुताबिक, चीन ने LAC के सामने करीब 1.20 लाख सैनिक तैनात किए थे और पश्चिमी, मध्य तथा पूर्वी सेक्टरों में 20 से अधिक संयुक्त हथियार ब्रिगेड अग्रिम इलाकों में मौजूद थीं।
चीन अब भी LAC के साथ बड़ी संख्या में सैनिकों के अलावा मिसाइल सिस्टम, एयर डिफेंस सिस्टम और टैंकों की तैनाती बनाए हुए है। LAC के सभी सेक्टरों में सेना की तैनाती मजबूत, संतुलित और किसी भी उभरती आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। भारत के लिए LAC पर पर्याप्त सैन्य तैनाती बनाए रखना जरूरी है। चीन की तरफ का भूभाग मुख्य रूप से अपेक्षाकृत समतल पठारी क्षेत्र है, जिसके कारण PLA सैनिकों और सैन्य संसाधनों की तेजी से आवाजाही संभव है।