आपने कभी दो ऐसे लोगों को कभी बात करते हुए सुना है, जो अलग-अलग तरह का खाना खाते हैं. यानी वेजीटेरियन और नॉन-वेजीटेरियन. वेजीटेरियन लोग अक्सर इस बात पर मुंह बिचकाते हैं कि ‘अरे, हम को किसी जीव को नहीं खा सकते.’ जबकि नॉन-वेजीटेरियन इस बात पर इतराते हैं कि ‘तुम लोग राज घास-फूंस कैसे खा लेते हो…?’ शाकाहारी (Vegetarian) Vs मांसाहारी (Non-Vegetarian) आहार को लेकर अक्सर बहस होती है. पर सवाल ये भी उठता है कि आखिर मानव शरीर के लिए कौन-सा आहार बेहतर है. वैज्ञानिक रिसर्च इसपर कुछ भी ब्लैक और वाइट में कह नहीं पातीं. दरअसल वेज-नॉनवेज से शुरू होती ये बहस इस बात पर आकर रुक जाती है कि आखिर हमारी प्लेट में ये दोनों ही डाइट्स कितना पोषण पहुंचा पा रही हैं.
चलिए पहले शाकाहारी डाइट पर बात करते हैं.
ये दिल का मामाल है…
कई बड़ी स्टडी और मेटा-एनालिसिस में पाया गया है कि शाकाहारी लोगों में हृदय रोग और कोरोनरी हार्ट डिजीज का खतरा कम हो सकता है. इसका एक कारण यह है कि प्लांट-बेस्ड डाइट वाले भोजन में फाइबर, एंटीऑक्सिडेंट और अनसेचुरेटिड फेट ज्यादा होता है. जबकि सेचुरेटिड फैट अपेक्षाकृत कम होती है. 2022 की एक बड़ी मेटा-एनालिसिस में शाकाहारी लोगों में कार्डियोवैस्कुलर डिजीज का जोखिम लगभग 15% और इस्केमिक हार्ट डिजीज का जोखिम लगभग 21% कम पाया गया.
वजन और डायबिटीज कंट्रोल में फायदा
शोध बताते हैं कि शाकाहारी लोगों का औसत BMI (बॉडी मास इंडेक्स) कम होता है और उनमें टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम भी कम देखा गया है. पौधों पर आधारित भोजन में फाइबर अधिक होने के कारण पेट देर तक भरा रहता है और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है. कई सिस्टमेटिक रिव्यूज में शाकाहारी और वीगन आहार को बेहतर बताते हुए कोलेस्ट्रॉल, ग्लूकोज स्तर और वजन प्रबंधन से जोड़ा गया है.
तो क्या मांसाहार के नुकसान हैं?
नहीं, ऐसा भी नहीं है. मांसाहार भोजन में न्यूट्रिशन से जुड़े कई फायदे मिलते हैं. आजकल प्रोटीन की हर जगह बात हो रही है और नॉनवेज डाइट में आपको प्रोटीन के कई सोर्स मिल जाते हैं. मांस, मछली, अंडे और डेयरी प्रोडट्स शरीर को उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन, विटामिन B12, आयरन, जिंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड देता है. खासकर विटामिन B12 लगभग पूरी तरह पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में पाया जाता है. इसलिए अक्सर वेजीटेरियन और वीगन डाइट फॉलो करने वाले लोगों में B12 की कमी का खतरा ज्यादा हो सकता है और कई मामलों में सप्लीमेंट की जरूरत पड़ सकती है.
शाकाहारी होने का मतलब हमेशा हेल्दी होना नहीं
यह एक बड़ी गलतफहमी है कि हर शाकाहारी भोजन हेल्दी होता है. यदि कोई व्यक्ति रोजाना तले हुए स्नैक्स, रिफाइंड आटा, शुगरी ड्रिंक्स और बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड खाता है, तो वह तकनीकी रूप से शाकाहारी तो है, लेकिन उसका आहार स्वस्थ नहीं माना जाएगा. शोध बताते हैं कि “हेल्दी प्लांट-बेस्ड डाइट” और “अनहेल्दी प्लांट-बेस्ड डाइट” में बड़ा अंतर होता है. साबुत अनाज, दालें, फल, सब्जियां और मेवे हेल्दी होते हैं, लेकिन बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड शाकाहारी भोजन ऐसा नहीं करता.
क्या शाकाहारी लोग ज्यादा स्वस्थ रहते हैं?
क्या ज्यादा मांस खाना नुकसानदायक हो सकता है?
कई अध्ययनों में लाल मांस (Red Meat) और प्रोसेस्ड मीट (जैसे सॉसेज, बेकन, सलामी) के अधिक सेवन को हृदय रोग, कुछ प्रकार के कैंसर और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़ा गया है. हालांकि, सभी प्रकार के मांस को एक जैसा नहीं माना जाता. मछली और सीमित मात्रा में बिना प्रोसेस्ड चिकन को आमतौर पर रेड और प्रोसेस्ड मीट की तुलना में बेहतर विकल्प माना जाता है.
कई मामलों में मांसाहार आपको हेल्दी रख सकता है. मेडिटेरेनियन डाइट इसका अच्छा उदाहरण है. इसमें मछली, जैतून का तेल, फल, सब्जियां, साबुत अनाज और सीमित मात्रा में पशु-आधारित खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं. दुनिया की सबसे हेल्दी डाइट्स में इसे गिना जाता है. इसलिए केवल मांस खाने या न खाने से ही यह तय नहीं होता कि आपकी डाइट हेल्दी है या नहीं.
दुनिया की सबसे बड़ी पोषण संस्थाओं में से एक Academy of Nutrition and Dietetics का कहना है कि सही तरीके से प्लान किया गया शाकाहारी या वीगन आहार पोषण की नजर से भरपूर हो सकता है. साथ ही ये कार्डियोमेटाबॉलिक बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है. यह भी जरूरी है कि ऐसे आहार में B12, आयरन, जिंक, कैल्शियम और ओमेगा-3 जैसे पोषक तत्वों का ध्यान रखा जाए. ताजा कई रिसर्च लॉन्ग टर्म हेल्थ के लिए प्लांट बेस्ड डाइट पर झुकाव दिखाती हैं. लेकिन सच ये है कि सदियों से हमारे खाने का तरीका और डाइट हमारे आसपास के वातावरण, भौगोलिक परिस्थितियों और उपलब्धता पर निर्भर रहती है. बंगाल की मछली, पंजाब का चावल, गोवा का सी-फूड ये सभी इस तथ्य के प्रमाण हैं. असल में मानव शरीर के लिए सबसे अच्छा आहार वह है जो पोषक तत्वों से भरपूर, संतुलित और लंबे समय तक अपनाया जा सके.