देश के 21 राज्यों में UCC लागू करने के अमित शाह के बयान के बाद सियासी घमासान शुरू हो चुका है। AIMIM चीफ असदउद्दीन ओवैसी ने इसे गैर हिंदुओ पर हिंदुओं के कानून थोपने की कोशिश करार दिया है। भोपाल में अपनी पार्टी की रैली में ओवैसी ने सरकार को चुनौती की दी कि वो देश के आदिवासियों को UCC के तहत लाकर दिखाए। ओवैसी ने कहा कि सरकार हमेशा मुसलमानों को टारगेट करती है। वहीं, बिहार में भी UCC को लेकर सुगबगाहट है। खबर है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज जेडीयू के सभी सांसदों, विधायकों और विधान परिषद के नेताओं की बैठक बुलाई है। इस बैठक में यूसीसी को लेकर चर्चा हो सकती है।
दरअसल, देश में यूसीसी पर ये बहस केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद शुरू हुई है। रविवार को मुंबई में शाह ने दावा किया कि 2029 से पहले देश के 21 राज्यों में UCC बिल पेश कर दिया जाएगा। शाह के इस बयान के बाद सियासत तेज हो गई। साथ ही एक्शन भी शुरू हो गया। बीजेपी विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में UCC लागू करने की तैयारी करने में जुट गई है। मंगलवार को सुबह-सुबह सीएम योगी आदित्यनाथ सिर्फ चार घंटे के लिए दिल्ली आए। जिस वक़्त अमित शाह से योगी की मीटिंग चल रही थी, उसी वक्त लखनऊ से बड़ा बयान आया। योगी सरकार के सीनियर मंत्री भूपेन्द्र चौधरी ने ऐलान कर दिया कि यूपी में UCC बिल जल्दी ही विधानसभा में पेश किया जाएगा। इसके बाद पूरे सूबे में सियासी बयानबाजी ऊफान पर आ गई।
UCC पर अमित शाह के बयान के बाद हर राज्य में सुगबुगाहट तेज हो चुकी है। लेकिन बिहार में UCC पर बीजेपी की राह आसान नहीं है। JDU के दो विधायकों ने UCC का खुलकर विरोध किया लेकिन बाकी नेताओं ने मामले को संभालने की कोशिश की। इस बीच सूत्र बता रहे हैं कि नीतीश कुमार ने पार्टी के सभी सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में फरक्का जल संधि और UCC पर विचार विमर्श हो सकता है। इस मीटिंग से पहले बिहार के डिप्टी सीएम और JDU के बड़े नेता विजय चौधरी ने कहा कि सारी आशंकाएं दूर होने के बाद जेडीयू अपना रुख तय करेगी।
यूपी और बिहार में UCC बड़ा मुद्दा होगा लेकिन बीजेपी शासित दूसरे राज्यों में UCC को लागू करने में कोई ज़्यादा दिक़्क़त नहीं दिख रही हैं। उत्तराखंड में साल 2025 से UCC लागू हो चुका है। गोवा में पहले से ही यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू है। गुजरात, असम और मध्य प्रदेश की विधानसभाओं में ये बिल पास हो चुका है। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में काम एडवांस स्टेज पर है। वहीं, अब बंगाल में भी UCC बिल को लाने की तैयारी है। सीएम शुभेंदु अधिकारी विधानसभा में इसका ऐलान कर चुके हैं। वहीं, महाराष्ट्र की सरकार को भी कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार है।