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Food Recipe : बीकानेर में पारंपरिक मिठाई मिश्री रोटी की मांग बढ़ी, दिल आकार की यह मिठाई स्वाद और सेहत लाभ के कारण बच्चों व जैन समाज में खास लोकप्रिय है. खासतौर पर बच्चों के बीच यह बेहद लोकप्रिय है और छोटी-छोटी पार्टियों व नाश्ते में इसे बड़े चाव से शामिल किया जाता है. मिश्री रोटी न सिर्फ एक पारंपरिक मिठाई है, बल्कि यह राजस्थान की समृद्ध खान-पान संस्कृति का भी प्रतीक है,
बीकानेर. बीकानेर सहित राजस्थान के बाजारों में इन दिनों पारंपरिक मिठाई मिश्री रोटी की खास धूम देखने को मिल रही है. स्वाद और बनावट के मामले में यह मिठाई अन्य मिठाइयों से अलग पहचान रखती है. यही वजह है कि लोग इसे न सिर्फ खुद खाना पसंद करते हैं, बल्कि अपने रिश्तेदारों और परिचितों को भी भेजते हैं. सालभर मिलने वाली इस मिठाई की मांग सर्दियों में और अधिक बढ़ जाती है. खासतौर पर बच्चों के बीच यह बेहद लोकप्रिय है और छोटी-छोटी पार्टियों व नाश्ते में इसे बड़े चाव से शामिल किया जाता है. मिश्री रोटी न सिर्फ एक पारंपरिक मिठाई है, बल्कि यह राजस्थान की समृद्ध खान-पान संस्कृति का भी प्रतीक है, जो स्वाद, परंपरा और सेहत का अनोखा संगम पेश करती है.
दिखने में खास, स्वाद में अलग पहचान
दुकानदार रूपेश अग्रवाल बताते हैं कि शहर में कई जगहों पर यह खास मिठाई तैयार की जाती है. वे इसे दिल को छूने वाली मिठाई कहते हैं. मिश्री रोटी का पीला रंग और आकर्षक डिजाइन इसे और खास बना देता है. आमतौर पर इसे दिल के आकार में तैयार किया जाता है, जो ग्राहकों को काफी आकर्षित करता है. बाजार में इसकी कीमत करीब 480 रुपये प्रति किलो है. रोजाना 15 से 20 किलो तक इस मिठाई का उत्पादन होता है, जो त्योहारों और आयोजनों में तेजी से बिक जाती है. जैन समाज में भी इसकी काफी मांग रहती है.
बनाने की प्रक्रिया और खासियत
मिश्री रोटी बनाने की प्रक्रिया भी बेहद खास होती है. इसे तैयार करने में करीब दो घंटे का समय लगता है. सबसे पहले मैदा, बेसन, चीनी और घी को मिलाकर एक विशेष मिश्रण तैयार किया जाता है. इसके बाद इस मिश्रण को तवे पर धीमी आंच पर सावधानीपूर्वक सेका जाता है, जिससे इसमें हल्की खुरचन और अनोखा स्वाद आता है. सेंकने के बाद इसे नारंगी रंग से सजाया जाता है और ऊपर से कतरन, बादाम व पिस्ता डाले जाते हैं, जिससे इसका स्वाद और भी समृद्ध हो जाता है. पीछे से सुनहरी रंगत इस मिठाई को देखने में बेहद आकर्षक बनाती है.
स्वाद के साथ सेहत के फायदे
स्वाद के साथ-साथ मिश्री रोटी के कुछ स्वास्थ्य लाभ भी बताए जाते हैं. इसमें डाली जाने वाली इलायची और केसर है. केसर के एंटी-बैक्टीरियल गुण शरीर को संक्रमण से बचाने में सहायक माने जाते हैं. वहीं मिश्री का सेवन हीमोग्लोबिन स्तर को बढ़ाने और रक्त संचार को बेहतर बनाए रखने में मददगार हो सकता है. इसके अलावा, मिश्री रोटी को पचाना अपेक्षाकृत आसान माना जाता है, जिससे पाचन तंत्र को भी लाभ मिलता है.
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नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें