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देवघर की भैरव गली इन दिनों मुरब्बे के कारण खासा चर्चा में रहती है. यहां एक पुरानी दुकान पर बेल और आंवले का मुरब्बा तैयार किया जाता है, जिसे खाने के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले लोग भी पहुंचते हैं. शाम होते ही गली में रौनक बढ़ जाती है और दुकान के सामने ग्राहकों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है
गर्मियों का मौसम शुरू होते ही लोग अपने खान-पान को लेकर ज्यादा सजग हो जाते हैं.इस समय ऐसी चीजों की तलाश रहती है जो शरीर को ठंडक पहुंचाए और साथ ही सेहत के लिए भी फायदेमंद हो. यही कारण है कि पारंपरिक देसी खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है, जिनमें मुरब्बा एक खास स्थान रखता है.
मुरब्बा न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा देने और पाचन को बेहतर बनाने में भी मदद करते हैं. खासकर बेल और आंवले का मुरब्बा गर्मियों में लोगों की पहली पसंद बन जाता है, क्योंकि ये दोनों ही चीजें शरीर को ठंडा रखने और कई बीमारियों से बचाने में कारगर मानी जाती हैं.
देवघर के सिर्फ इसी दुकान मे मिलता है बेल का मुरब्बा :
झारखंड के देवघर की भैरव गली इन दिनों मुरब्बे के कारण खासा चर्चा में रहती है. यहां एक पुरानी दुकान पर बेल और आंवले का मुरब्बा तैयार किया जाता है, जिसे खाने के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले लोग भी पहुंचते हैं. शाम होते ही गली में रौनक बढ़ जाती है और दुकान के सामने ग्राहकों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है.दुकान के संचालक भोला यादव बताते हैं कि उनकी यह दुकान साल 1987से लगातार चल रही है और आज भी पारंपरिक तरीके से मुरब्बा तैयार किया जाता है, जिससे इसका स्वाद और गुणवत्ता बरकरार रहती है.
120 रुपए कीलों बेल के मुरब्बे होती है शुरुआत :
यहां मिलने वाले मुरब्बे की सबसे बड़ी खासियत इसकी वैरायटी और कीमत है.बेल का मुरब्बा दो तरह से तैयार किया जाता है.एक गुड़ से और दूसरा चीनी से. गुड़ वाला बेल मुरब्बा 140 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकता है, जो स्वाद में थोड़ा अलग और ज्यादा सेहतमंद माना जाता है. वहीं चीनी से बना बेल का मुरब्बा 120 रुपये प्रति किलो में उपलब्ध है, जिसे भी लोग खूब पसंद करते हैं. इसके अलावा आंवले का मुरब्बा 90 रुपये प्रति किलो में मिलता है और यह पूरे साल बिक्री के लिए उपलब्ध रहता है. हालांकि गर्मियों के तीन महीनों में बेल के मुरब्बे की मांग सबसे ज्यादा बढ़ जाती है और लोग इसे बड़े चाव से खरीदते हैं.
बेल के साथ इस दुकान मे मालपुवा और आंवला का मुरब्बा ही उपलब्ध :
मुरब्बे के अलावा इस दुकान पर मालपुआ भी मिलता है, जो ग्राहकों को खासा आकर्षित करता है, लेकिन गर्मी के मौसम में मुरब्बे की लोकप्रियता सबसे ज्यादा रहती है. यहां आने वाले लोग सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत को ध्यान में रखते हुए भी मुरब्बा खरीदते हैं.कुल मिलाकर देवघर की भैरव गली की यह दुकान गर्मियों में स्वाद और स्वास्थ्य का बेहतरीन संगम बन जाती है, जहां परंपरा, गुणवत्ता और किफायती कीमतें एक साथ देखने को मिलती हैं.