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Chef Sanjeev Kapoor Story: कहा जाता है कि मशहूर शेफ संजीव कपूर के हाथों में जादू है. वे जिस खाना को छू देते हैं उसका स्वाद बेमिसाल हो जाता है. पर क्या आपको पता है कि 2017 में जब संजीव कपूर को पद्म श्री से नवाजा गया था तो उन्होंने एक समय साफ मना कर दिया था कि अगर मेरी बात नहीं मानोगे तो मुझे नहीं चाहिए पद्म श्री. जी हां, एक बात पर संजीव कपूर ने राष्ट्रपति भवन के सारे प्रोटोकॉल को धता बता दिया था.आखिर क्या था वो मामला, आइए इसके बारे में जानते हैं.
शेफ संजीव कपूर तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से पद्म श्री ग्रहण करते हुए. Photo: संजीव कपूर के इंस्टाग्राम पेज से.
Chef Sanjeev Kapoor’s Padma Story: इसमें कोई संदेह नहीं कि संजीव कपूर देश के सबसे बड़े शेफों में से एक हैं. उनकी धाक दुनिया भर में है. उनकी पाक कला में इतनी निपुनता है कि कहा जाता है कि अगर वे चूल्हे पर बन रही चीजों को छू भी देंगे तो उसका स्वाद आपको दीवाना बना देगा. संजीव कपूर को उनके उत्कृष्ट काम और भारतीय पाक कला को दुनिया भर में पहुंचाने के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री देने की घोषणा की थी. संजीव कपूर को इससे बेहद खुशी मिली. लेकिन ऐन मौके पर उन्होंने अधिकारियों से कह दिया कि अगर मेरी बात नहीं मानी गई तो मैं इस पद्म श्री को स्वीकार नहीं करूंगा.
शेफ यूनिफॉर्म पर बिगड़ गई बात
संजीव कपूर ने यह वाकया वीडियो सीरीज कहानी खजाना में खुद लोगों के साथ शेयर की. उन्होंने कहा कि यह बात 2017 अप्रैल की है. सरकार ने मुझे पद्म श्री देने की घोषणा की. यह मेरी जीवन का गर्व भरा क्षण था. राष्ट्रपति भवन में जब किसी कार्यक्रम में कोई भी सम्मान दिया जाता है तो पहले इसका रिहर्सल किया जाता है और इसमें भाग लेने वाले लोगों को एक खास प्रोटोकॉल के तहत सब कुछ करना होता है. इसी प्रोटोकॉल का एक हिस्सा था कि अगर कोई राष्ट्रपति से पुरस्कार ग्रहण करने आता है तो उन्हें भारतीय परिधानों में आना होगा. संजीव कपूर कहते हैं कि यह मेरे लिए बेहद असमंजस की स्थिति हो गई थी क्योंकि मैंने जिंदगी भर शेफ वाला यूनिफॉर्म पहनकर काम किया है और मैं चाहता था कि मैं पद्म श्री ग्रहण करने जाऊं तो इसी यूनिफॉर्म को पहनकर जाऊं. लेकिन राष्ट्रपति भवन के अधिकारी इसकी अनुमति देने से कतई इनकार कर दिया.
यूनिफॉर्म से हमारा गर्व जुड़ा था
शेफ संजीव कपूर कहते हैं, मैंने होटल में काम करते हुए हर दिन अपना पूरा काम शेफ यूनिफॉर्म पहन कर ही किया है. मुझे लगता है कि मेरा सम्मान और गर्व इसी यूनिफॉर्म से जुड़ा हुआ है. शायद इसी वजह से शेफ आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं. संजूव कपूर ने टीवी पर शेफ की बदलती छवि के बारे बताया कि जब मैंने टीवी पर शुरुआत की तो शेफ की टोपी स्क्रीन से गायब हो गई. धीरे-धीरे कैज़ुअल दिखने के लिए मुझसे कहा गया कि मैं सामान्य शर्ट पहनूं. इस तरह समय के साथ पेशे की छवि भले बदल जाए, लेकिन उसकी गरिमा और पहचान हमेशा बनी रहती है. इसलिए मेरा मानना था कि मैं वहां सिर्फ शेफ के यूनिफॉर्म में जाऊं.
आखिरकार सब कुछ आसानी से सुलट गया
जब संजीव कपूर को पद्म श्री लेने के लिए बुलाया गया, तो उनसे कहा गया कि आप पारंपरिक पोशाकर पहनकर आएं. उन्होंने बताया, मुझे बताया गया कि यह एक प्रोटोकॉल है और मुझे राष्ट्रीय पोशाक पहननी होगी. मैंने उन्हें समझाया कि शेफ होना उनका पेशा है और वे इस सम्मान को अपने यूनिफॉर्म में लेना चाहते हैं. इन सब बातों का अधिकारियों पर कोई असर नहीं हुआ. अंत में काफी उधेड़बुन के बाद मैंने भी यह निर्णय लिया कि जब तक यूनिफॉर्म के साथ मुझे अनुमति नहीं मिलेगी पद्म श्री अवार्ड लेने नहीं जाउंगा. संजीव कपूर ने बताया, आखिरकार मैंने अधिकारियों से साफ कह दिया कि हम समारोह में तभी आएंगे, जब मुझे अपना शेफ यूनिफॉर्म पहनने की अनुमति मिलेगी. उन्होंने कहा, अगर आप मुझे इसमें पद्म श्री नहीं देना चाहते, तो मत दीजिए. अंत में यह मामला पूरी तरह ठीक हो गया. अधिकारियों को उनकी बात माननी पड़ी और संजीव कपूर ने शेफ के यूनिफॉर्म में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से पद्म श्री ग्रहण किया. वास्तव में संजीव कपूर चाहते थे कि यह सम्मान पूरे शेफ कम्युनिटी के लिए है, इसलिए यूनिफॉर्म का प्रदर्शन बहुत ही जायज था. संजीव कपूर को भारतीय खानपान में उनके योगदान के लिए उन्हें सरकार द्वारा Best Chef of India का राष्ट्रीय पुरस्कार भी दिया जा चुका है.
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18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें