Homemade Multigrain Flour: आजकल हेल्दी खाने की बात हर कोई करता है, लेकिन जब बात आती है रोज़मर्रा के आटे की, तो हम अक्सर पैकेट वाला ऑप्शन चुन लेते हैं. बाहर से देखने में ये आटे कितने भी आकर्षक लगें, लेकिन इनके अंदर क्या मिला है, ये हमेशा साफ नहीं होता. लेबल पर लिखी बातों और असल सामग्री में फर्क होना कोई नई बात नहीं है. ऐसे में अगर आप सच में अपनी डाइट को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो घर पर बना मल्टीग्रेन आटा एक आसान और भरोसेमंद तरीका हो सकता है. इसमें न सिर्फ अलग-अलग अनाज का पोषण मिलता है, बल्कि आप खुद तय करते हैं कि क्या डालना है और क्या नहीं. यही वजह है कि अब कई लोग वापस पारंपरिक तरीकों की ओर लौट रहे हैं और घर पर आटा तैयार कर रहे हैं.

घर पर मल्टीग्रेन आटा क्यों बनाना बेहतर है
जब आप बाजार से आटा खरीदते हैं, तो उसमें लंबे समय तक चलने के लिए कुछ प्रिजर्वेटिव मिलाए जाते हैं. ये चीजें धीरे-धीरे सेहत पर असर डाल सकती हैं. दूसरी तरफ, घर पर बना आटा बिल्कुल ताजा होता है और इसमें कोई अतिरिक्त मिलावट नहीं होती. आजकल फिटनेस को लेकर जागरूक लोग, खासकर जिम जाने वाले या डायबिटीज के मरीज, मल्टीग्रेन आटे को ज्यादा पसंद कर रहे हैं. वजह साफ है-इसमें फाइबर ज्यादा होता है, जो पाचन को बेहतर बनाता है और लंबे समय तक पेट भरा महसूस कराता है.

किन चीजों से बनता है मल्टीग्रेन आटा
ज़रूरी सामग्री
मल्टीग्रेन आटा बनाने के लिए आपको ज्यादा मेहनत या महंगी चीजों की जरूरत नहीं होती. घर में मौजूद अनाज से ही काम चल जाता है.

-2 कप साबुत गेहूं
-1/2 कप जौ
-1/2 कप ओट्स
-1/4 कप चना
-1/4 कप सोयाबीन (अगर पसंद हो)
-2 चम्मच अलसी के बीज
-2 चम्मच बाजरा या ज्वार

ये सभी चीजें मिलकर आपके आटे को ज्यादा पौष्टिक बनाती हैं.

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मल्टीग्रेन आटा बनाने का आसान तरीका
स्टेप 1: साफ-सफाई का ध्यान रखें
सबसे पहले सभी अनाज को अच्छे से साफ करें. इसमें अक्सर धूल या छोटे कण हो सकते हैं, जिन्हें निकालना जरूरी है.

स्टेप 2: धूप में सुखाएं
अनाज को हल्की धूप में कुछ घंटों के लिए फैला दें. इससे उनमें मौजूद नमी खत्म हो जाती है और पीसते समय आटा खराब नहीं होता.

स्टेप 3: पीसने की प्रक्रिया
अब सभी सामग्री को मिलाकर किसी अच्छे ग्राइंडर या चक्की में पीस लें. ध्यान रखें कि आटा ज्यादा मोटा या ज्यादा बारीक न हो, बीच का टेक्सचर सबसे अच्छा रहता है.

स्टेप 4: स्टोर करने का सही तरीका
तैयार आटे को एयरटाइट कंटेनर में रखें. कोशिश करें कि इसे 15-20 दिनों के अंदर इस्तेमाल कर लें, ताकि इसकी ताजगी बनी रहे.

रोजमर्रा की जिंदगी में इसका फायदा
एक गृहिणी का अनुभव लें-जब उन्होंने अपने परिवार के लिए घर का मल्टीग्रेन आटा इस्तेमाल करना शुरू किया, तो कुछ ही हफ्तों में फर्क दिखने लगा. बच्चों को कम भूख लगने लगी, और बुजुर्गों की पाचन समस्या भी थोड़ी बेहतर हुई. मल्टीग्रेन आटा सिर्फ रोटी के लिए ही नहीं, बल्कि पराठे, चीला या हल्के स्नैक्स बनाने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इसका स्वाद थोड़ा अलग जरूर होता है, लेकिन कुछ दिनों में आदत बन जाती है.

क्या ध्यान रखें
छोटी-छोटी लेकिन जरूरी बातें
-बहुत ज्यादा मात्रा में आटा एक साथ न बनाएं
-नमी से दूर रखें
-अगर मौसम ज्यादा गर्म है, तो फ्रिज में भी स्टोर कर सकते हैं

अगर आप सच में हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना चाहते हैं, तो शुरुआत अपने किचन से करें. घर पर बना मल्टीग्रेन आटा एक छोटा कदम है, लेकिन इसका असर लंबे समय तक दिखता है. इसमें न कोई मिलावट है, न कोई छिपी हुई चीज-बस शुद्ध पोषण.



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