Atta Golgappa Recipe: गोलगप्पे, नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है. चाहे आप इसे पानीपुरी कहें या फुचका, ये स्ट्रीट फूड हर किसी की फेवरेट लिस्ट में जरूर होता है, लेकिन जब बात घर पर गोलगप्पे बनाने की आती है, तो ज्यादातर लोग पीछे हट जाते हैं. वजह साफ है-घर पर बने गोलगप्पे अक्सर वैसे नहीं बन पाते जैसे बाजार में मिलते हैं. कभी वो ठीक से फूलते नहीं, कभी नरम रह जाते हैं और कभी उनका क्रंच ही गायब हो जाता है. इसी परेशानी का हल लेकर आई हैं दिल्ली के उत्तम नगर की एक आंटी, जो पिछले 40 साल से चाट भंडार चला रही हैं. उनका कहना है कि अगर सही तरीका अपनाया जाए तो घर पर भी बिल्कुल बाजार जैसे करारे गोलगप्पे बनाए जा सकते हैं-वो भी मैदा नहीं, बल्कि आटे से.
इस आर्टिकल में हम आपको वही आजमाया हुआ तरीका बता रहे हैं, जिसमें आटा, सूजी, गूंथने का तरीका, बेलने की टेक्निक और तलने का पूरा साइंस शामिल है. अगर आपने ये ट्रिक पकड़ ली, तो यकीन मानिए अगली बार आपके घर के गोलगप्पे ही सबको पसंद आएंगे.
आटे और सूजी का सही कॉम्बिनेशन
सबसे पहले सही अनुपात समझना जरूरी है. अगर आप 1 किलो गेहूं का आटा ले रहे हैं, तो उसमें करीब 250 ग्राम सूजी मिलाएं. यही सही बैलेंस है जिससे गोलगप्पे करारे बनते हैं. पानी धीरे-धीरे डालें और आटा मीडियम टाइट गूंथें. ध्यान रखें कि आटा न ज्यादा नरम हो और न बहुत सख्त. रोटी के आटे से थोड़ा सख्त रखना बेहतर रहता है.
आटे को रेस्ट देना क्यों जरूरी है
गूंथने के बाद तुरंत गोलगप्पे बनाना बड़ी गलती है. आंटी के अनुसार, आटे को कम से कम 30 मिनट के लिए प्लास्टिक में ढककर रखें.
-इससे आटा सेट होता है, उसमें नमी बनी रहती है और बाद में बेलने में आसानी होती है. आधे घंटे बाद आटा ज्यादा स्मूद और लचीला हो जाता है. फिर उसे हल्का सा दोबारा गूंथ लें.
बेलने का सही तरीका
छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और उन पर हल्का सा तेल लगाएं ताकि चिपके नहीं. गोलगप्पे बेलते समय साइज का खास ध्यान रखें-ना बहुत बड़ा, ना बहुत छोटा. सबसे खास बात ये है कि बेले हुए गोलगप्पों को कपड़े या प्लेट पर रखने की बजाय प्लास्टिक के कट्टे पर रखें. इसके बाद उन्हें दूसरे कट्टे से ढककर 30 मिनट के लिए छोड़ दें. इस दौरान पंखा या कूलर बंद रखें क्योंकि हवा लगने से गोलगप्पे सूख सकते हैं और सही नहीं फूलेंगे.
तलने का सही तरीका (यही है असली गेम)
गोलगप्पे तलते समय सबसे ज्यादा ध्यान तेल और आंच पर देना होता है. कड़ाही में तेल ज्यादा न डालें, बस एक चौथाई हिस्सा काफी है. तेल इतना गर्म होना चाहिए कि हल्का धुआं दिखे. अब सबसे जरूरी ट्रिक-जब आप गोलगप्पा तेल में डालें, तो वही साइड नीचे रखें जो बेलते समय नीचे थी. अगर इसे उल्टा डालेंगे तो गोलगप्पा सही से नहीं फूलेगा. करीब 20-30 सेकंड में गोलगप्पे फूलकर तैयार हो जाएंगे.
तुरंत मत खाएं, ये ट्रिक जरूर अपनाएं
तले हुए गोलगप्पों को तुरंत खाने की गलती न करें. इन्हें एक दिन के लिए खुला छोड़ दें. अगले दिन ये पूरी तरह सूखकर ज्यादा करारे और खस्ता बन जाते हैं-बिल्कुल बाजार जैसे.