Boondi Raita Recipe: घर में कोई फंक्शन हो, त्योहार हो या फिर शादी जैसा माहौल बनाना हो, एक चीज जो हर प्लेट में अपना अलग ही मजा देती है, वो है बूंदी का रायता, लेकिन सच बात ये है कि घर पर बनाया गया रायता अक्सर शादी वाले रायते जैसा गाढ़ा, क्रीमी और खुशबूदार नहीं बन पाता. कई बार दही पतला रह जाता है, कभी बूंदी ज्यादा गल जाती है, तो कभी वो खास हलवाई वाला स्वाद ही नहीं आता. ऐसे में ज्यादातर लोग यही सोचते हैं कि आखिर हलवाई ऐसा क्या अलग करते हैं जो उनका रायता हर बार परफेक्ट बनता है. अच्छी खबर ये है कि इसका राज बहुत मुश्किल नहीं है, बस कुछ छोटी-छोटी चीजों का सही ध्यान रखना होता है.
हमने एक एक्सपीरियंस हलवाई से बात की और उन्होंने बहुत ही आसान तरीके से बताया कि घर पर भी बिल्कुल शादी जैसा रायता कैसे बनाया जा सकता है. इसमें सबसे बड़ा रोल होता है दही की सही तैयारी, सही मसालों का इस्तेमाल और बूंदी डालने के सही टाइम का. अगर आप भी चाहते हैं कि आपके घर का रायता हर किसी को शादी वाली याद दिला दे, तो ये पूरा तरीका ध्यान से पढ़िए.
दही फेंटना ही गेम चेंजर है
-रायते की जान दही होती है. अगर दही ही सही नहीं बना, तो पूरा स्वाद खराब हो सकता है. सबसे पहले दही को अच्छे से फेंटना जरूरी है.
-ध्यान रखें कि दही में बिल्कुल भी गाठें न रहें. जितना स्मूद दही होगा, उतना ही क्रीमी रायता बनेगा. साथ ही खट्टा दही इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि इससे पूरा स्वाद बिगड़ सकता है.
-अगर आप 1 किलो दही ले रहे हैं, तो उसे 4-5 मिनट तक अच्छे से फेंटें ताकि उसमें हल्की झाग जैसी टेक्सचर आ जाए.
ये 5 चीजें बनाती हैं रायता स्पेशल
हलवाई के मुताबिक, असली स्वाद इन 5 चीजों से आता है:
-काला नमक – स्वाद को बढ़ाता है
-हींग – हल्की खुशबू और सोंधापन देता है
-हरी मिर्च – हल्की तीखापन के लिए
-हरा धनिया – फ्रेशनेस के लिए
-भुना जीरा पाउडर – सबसे जरूरी, यही असली फ्लेवर लाता है
जीरे को तवे पर भूनकर हाथ से मसलकर डालेंगे तो उसकी खुशबू और भी बढ़िया आएगी.
बूंदी डालने का सही टाइम जानिए
ये सबसे बड़ा कंफ्यूजन होता है कि बूंदी को भिगोना चाहिए या नहीं. अगर आप रायता तुरंत सर्व करने वाले हैं, तो सूखी बूंदी सीधे डालें. इससे बूंदी सही टेक्सचर में रहेगी. अगर पहले से भिगो देंगे, तो बूंदी ज्यादा नरम होकर टूट सकती है और रायते का मजा खराब हो जाएगा. इसलिए मसाले मिलाने के बाद ही बूंदी डालें और हल्के हाथ से मिक्स करें.
पानी का सही बैलेंस रखना जरूरी
रायते की कंसिस्टेंसी बहुत मायने रखती है. 1 किलो दही में लगभग आधा लीटर पानी सही रहता है, लेकिन इसे एक बार में न डालें.
पहले थोड़ा पानी मिलाएं, फिर जरूरत के हिसाब से बढ़ाएं. रायता न ज्यादा गाढ़ा हो और न ही बहुत पतला-बस मीडियम क्रीमी टेक्सचर होना चाहिए.
गार्निशिंग से आएगा फाइनल टच
जब रायता तैयार हो जाए, तो ऊपर से थोड़ा भुना जीरा और ताजा हरा धनिया डालें. यही छोटी सी ट्रिक रायते को देखने में भी शानदार और खाने में भी लाजवाब बना देती है.