Last Updated:

Balaghat Sweet: ये मिठाई एक हलवाई के दिमाग की उपज है. इसमें पहले उन्होंने पेड़ा वाला खोवे को मोटी परत की गुजिया का आकार दिया. फिर अंदर काजू, बादाम, पिस्ता और इलायची जैसे प्रीमियम ड्राई फ्रूट्स भरे. आज ये पूरे शहर में फेमस है.

Balaghat Sweet: मिठाई का मतबल सिर्फ चीनी की मिठास से नहीं, बल्कि उसको बनाने वाले के अनुभव और तरीके का भी खास असर स्वाद में पता चलता है. जब हलवाई मिठाई को नया रूप देता है, तो उसके स्वाद के साथ उसकी तासीर भी बदल जाती है. ऐसी ही एक मिठाई ने बालाघाट से विदेशों तक का सफर तय कर दिया है. लोग इसे गुजिया कहते हैं, लेकिन ये होली वाली गुजिया की तरह की नहीं है. इसका स्वाद लाजवाब है. ऐसा स्वाद शायद ही आपको कहीं और मिले.

प्रयोग ने दिया मिठाई को नया रूप
बालाघाट में खोवे से बनने वाले पेड़े काफी फेमस हैं. लेकिन, लामता की गुजिया ने लोगों पर असर डाला है. लामता मिष्ठान भंडार के संचालक ने बताया कि वह साल 2008 से दुकान चला रहे हैं. आमतौर पर गुजिया मैदा की होती है और उसमें रवा का मिक्सचर भरा होता है. लेकिन, ये गुजिया अलग है. इसी दुकान में एक महाराज काम करने आते थे. उन्होंने ही इस मिठाई का आविष्कार किया था. इसमें पहले उन्होंने पेड़ा वाला खोवे को मोटी परत की गुजिया का आकार दिया. फिर अंदर काजू, बादाम, पिस्ता और इलायची जैसे प्रीमियम ड्राई फ्रूट्स भरे. इसके बाद बन गई अनोखी मिठाई. जब लोगों ने इसे चखा तो स्वाद के कायल हो गए. अब यह साल भर शहर में बिकती है.

खाने वाले भी कायल 
महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के रहने वाले यात्री इसी रास्ते से मंडला की ओर जाते हैं. उन्होंने बताया कि जब भी वह इस रास्ते से गुजरते हैं, तो इस दुकान में जरूर रुकते हैं. दरअसल, वह यहां खोवे वाली गुजिया खाते हैं. उनका कहना है कि पेड़े का स्वाद मुंह में घुल जाता है. इसी में मन तृप्त हो जाता है. फिर अंदर का स्वाद तो और भी जबरदस्त होता है. खास मसालों में ड्राई फ्रूट्स जान डाल देते हैं. ऐसे में ये लाजवाब मिठाई, जिसका कही कोई ऑप्शन नहीं.

घर पर भी बना सकते हैं 
दुकान संचालक ने बताया, पहले शुद्ध दूध से बना कड़ा खोवा लें. फिर इसमें गुड़ या शक्कर मिला लें. फिर घी लगाकर हलका सा गूथ लें. नरम लोई बना लें. इसमें अंदर बारीक कटे हुए ड्राई फ्रूट्स लें. घी में हल्का भून लें. गुजिया का सांचा लें. उसमें ड्राइ फ्रूट्स को भर दें. आपकी रेसिपी आसानी से तैयार हो जाएगी.

श्रीलंका से खास कनेक्शन
दुकान संचालक बताते हैं कि लामता के रहने वाले लोगों के कुछ रिश्तेदार श्रीलंका में रहते हैं. वह हर साल आते हैं. ऐसे में उन्हें भी मिठाई इतनी भाती है कि जब भी वह लामता आते हैं, तो मिठाई का डिब्बा समंदर पर भी जाता है.

About the Author

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



Source link

Write A Comment