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आजमगढ़ के कलेक्ट्रेट क्षेत्र में 45 साल पुरानी एक साधारण सी दुकान अपने विशाल और बेहद स्वादिष्ट गुलाब जामुन के लिए मशहूर हो रही है. क्रिकेट बॉल जितने बड़े आकार और खास रेसिपी से तैयार यह अनोखी मिठाई लोगों को खूब पसंद आ रही है, जिसके चलते रोजाना 100 से 150 गुलाब जामुन बनते हैं और सभी बिक जाते हैं.
आजमगढ़. अगर आपको मीठा खाना पसंद है और आजमगढ़ शहर में कुछ नया और यूनिक मिठाई के स्वाद का आनंद उठाना चाहते हैं, तो आज हम आपके शहर की एक ऐसी दुकान के बारे में बताएंगे जहां पर मिलने वाले गुलाब जामुन के आगे फाइव स्टार होटल की मिठाइयां भी फीकी पड़ जाएंगे. इस दुकान पर मिलने वाला गुलाब जामुन अपने आप में बेहद यूनिक है, जहां एक तरफ इसका स्वाद अपने आप में बेहद खास है. वही इसका साइज भी आम गुलाब जामुन की तुलना में बिल्कुल अलग है.
45 साल पुराने स्वाद का जादू
आजमगढ़ जिले के कलेक्ट्रेट क्षेत्र में स्थित तकरीबन 45 साल पुरानी चाय और समोसे की दुकान जो अपने यहां मिलने वाले गुलाब जामुन के लिए बेहद लोकप्रिय है. यह दुकान जितनी सामान्य दिखती है वही यहां पर मिलने वाला गुलाब जामुन उतना ही विशेष और विशाल है. यह खाने में जितना स्वादिष्ट है वही देखने में भी उतना ही बड़ा है. दुकानदार लचई प्रसाद बताते हैं कि उन्हें यह दुकान चलाते हुए तकरीबन 45 वर्ष गुजर चुके हैं शुरुआत में उन्होंने इस दुकान पर चाय और समोसा बनाना शुरू किया था बाद में उन्होंने अपनी खास रेसिपी से यहां पर गुलाब जामुन बनाना भी शुरू किया.
बड़े-बड़े रेस्टोरेंट का स्वाद भी है फेल
आमतौर पर बड़े-बड़े रेस्टोरेंट और होटल में जहां गुलाब जामुन का आकार छोटा होता है वहीं इस दुकान पर मिलने वाला गुलाब जामुन क्रिकेट बॉल के जितना बड़ा होता है वही आकर के साथ-साथ इसका स्वाद भी अपने आप में बेहद यूनिक है लाचारी प्रसाद बताते हैं कि इस गुलाब जामुन को बनाने के लिए वह अपने हाथ से बने हुए कोई का इस्तेमाल करते हैं, दुकान पर ही वह खोवा और छेना तैयार करते हैं और अपने अनोखी रेसिपी से इस स्वादिष्ट गुलाब जामुन को तैयार करते हैं.
रोजाना इतनी होती है बिक्री
अपने इसी यूनिक आकार और स्वाद के कारण यह छोटी सी दुकान और यहां पर मिलने वाला गुलाब जामुन शहर में बेहद लोकप्रिय है. दूर दराज के क्षेत्र से दफ्तर आदि का कार्य करने वाले लोग यहां पर आकर यहां मिलने वाले स्वादिष्ट गुलाब जामुन का लुफ्त उठाते हैं. दुकानदार बताते हैं कि वह हर दिन 100 से 150 गुलाब जामुन बनाते हैं जो की पूरी तरह से बिक जाता है. आकार में बड़ा होने के कारण ज्यादातर लोग एक गुलाब जामुन ही खा पाते है.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें