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कई यूजर्स Apple App Store से Telegram को डाउनलोड नहीं कर पा रहे हैं. हालांकि, पुराने यूजर्स पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है. Apple और Telegram ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. दूसरी ओर, Telegram के संस्थापक पावेल डुरोव कई देशों में कानूनी जांच का सामना कर रहे है. रूस ने उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया समेत अन्य देशों में भी Telegram कंटेंट मॉडरेशन और सुरक्षा नियमों को लेकर सवालों के घेरे में है.
iPhone यूजर्स को बड़ा झटका लगा है. App Store पर Telegram नहीं मिल रहा है.
इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप Telegram का यूज करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है. यह ऐप Apple App Store पर दिखाई नहीं दे रहा है. इसकी वजह से नए यूजर्स अपने Apple डिवाइस पर Telegram डाउनलोड नहीं कर पा रहे हैं. कुछ देशों में ये परेशानी होने की वजह से कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी इसके बारे में शिकायत भी की है. यूजर्स को कई बार सर्च करने के बाद भी App Store पर Telegram नहीं मिल रहा है. हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि ऐप को क्यों हटाया गया है.
Apple और Telegram, दोनों में से किसी ने भी इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. ऐसे में इसके पीछे की वजह को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब Telegram और उसके फाउंडर पावेल डुरोव पहले से ही कई देशों में कानूनी जांच और सरकारी निगरानी का सामना कर रहे हैं.
पुराने यूजर्स पर नहीं पड़ा कोई असर
जिन लोगों के iPhone या iPad में Telegram पहले से इंस्टॉल है, वे बिना किसी परेशानी के ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं. फिलहाल परेशानी सिर्फ नए यूजर्स के लिए है, जो पहली बार Telegram डाउनलोड करना चाहते हैं. इसके अलावा अभी तक यह भी कंफर्म नहीं हुई है कि App Store से ऐप का गायब होना किसी सरकारी आदेश, सुरक्षा वजहों या नियमों के उल्लंघन से जुड़ा है.
रूस ने लगाए गंभीर आरोप
रूस ने पिछले हफ्ते Telegram के फाउंडर पावेल डुरोव पर आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. रूसी अधिकारियों का दावा है कि यूक्रेन की खुफिया एजेंसियां Telegram के जरिए रूस के युवाओं को हमलों और तोड़फोड़ की घटनाओं के लिए तैयार कर रही थीं.
रूस की सुरक्षा एजेंसी FSB के अनुसार, Daivinchik/Leo नाम के Telegram चैटबॉट का इस्तेमाल लोगों को फंसाने के लिए किया जा रहा था. एजेंसी का कहना है कि कुछ लोग युवतियों की फर्जी पहचान बनाकर युवाओं से संपर्क करते थे और उन्हें रेलवे, बिजली, संचार और बैंकिंग जैसी अहम जगहों को निशाना बनाने के लिए उकसाते थे. जांच एजेंसियों के मुताबिक, पिछले एक साल में 12 से 22 साल की उम्र के 46 लोगों को Telegram के जरिए भर्ती किए जाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
कई देशों में जांच के दायरे में Telegram
FSB ने यह भी कहा है कि पावेल डुरोव का नाम इंटरनेशनल वॉटेड लिस्ट (International Wanted List) में शामिल किया गया है. हालांकि, एजेंसी ने यह नहीं बताया कि उन्हें पकड़ने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएंगे. दूसरी ओर, डुरोव ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि Telegram गैरकानूनी कंटेंट पर कार्रवाई करता है, जांच एजेंसियों का सहयोग भी करता है और साथ ही यूजर्स की प्राइवेसी व अभिव्यक्ति की आजादी की रक्षा करता है.
रूस छोड़ने के बाद डुरोव ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और फ्रांस की नागरिकता ले ली थी. साल 2024 में उन्हें फ्रांस में भी गिरफ्तार किया गया था. आरोप था कि Telegram अपराध से जुड़े मामलों में पर्याप्त सहयोग नहीं कर रहा है. बाद में जांच जारी रहने के दौरान उन्हें देश छोड़ने की अनुमति मिल गई.
हाल के समय में Telegram कंटेंट मॉडरेशन, नेशनल सेफ्टी और ऑनलाइन प्राइवेसी जैसे मुद्दों को लेकर लगातार विवादों में रहा है. कुछ दिन पहले ऑस्ट्रेलिया की ऑनलाइन सुरक्षा एजेंसी ने भी कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की. एजेंसी का आरोप है कि Telegram ने अपने प्लेटफॉर्म से हिंसक कंटेंट समय पर नहीं हटाया. हालांकि, Telegram ने इन आरोपों को खारिज करते हुए जानकारी दी थी कि उसने इस साल अब तक आतंकवाद से जुड़े 1.5 लाख से ज्यादा ग्रुप और कम्युनिटी ब्लॉक किए हैं.
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यशस्वी यादव एक अनुभवी बिजनेस राइटर हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में दो साल का अनुभव है। ये नेटवर्क18 के साथ मनी सेक्शन में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यशस्वी का फोकस बिजनेस और फाइनेंस से जुड़ी खबरों को रिस…
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