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Dacoit Movie Review: जब भी सिनेमा में डकैतों और बीहड़ों की कहानियां दिखाई गई हैं, उनमें हिंसा और बदले का बोलबाला रहा है. लेकिन डायरेक्टर शेनिल देव की फिल्म ‘डकैत: एक प्रेम कथा’ इस सोच को पूरी तरह बदल देती है. यह फिल्म सिर्फ गोलियों की आवाज के बारे में नहीं है, बल्कि टूटे दिलों और अधूरे प्यार की एक गहरी कहानी है. 10 अप्रैल 2026 को थिएटर में आने वाली यह फिल्म आपको एक बहुत ही इंटेंस इमोशनल सफर पर ले जाती है, जिसमें एक्शन के साथ इंटेंस इमोशन का मेल है. अदिवी सेष का खूंखार अंदाज और मृणाल ठाकुर की खूबसूरती इस थ्रिलर को एक क्लासिक टच देती है.
अदिवि और मृणाल की एक्शन थ्रिलर ‘डकैत: एक प्रेम कथा’ सिनेमाघरों में हुई रिलीज.
डकैत: एक प्रेम कथा 3.5
Starring: अदिवि शेष, मृणाल ठाकुर, अनुराग कश्यप, प्रकाश राज, सुनील, अतुल कुलकर्णी, जैन मैरी खान और अन्यDirector: शेनिल देवMusic: भीम्स सेसिरोलेओ
नई दिल्ली. ‘डकैत: एक प्रेम कथा’ एक ऐसी फिल्म है, जिसमें गोलियों की गूंज के बीच एक गहरी और जोशीली प्रेम कहानी सामने आती है. अदिवी सेष ने एक बदला लेने वाले डकैत के रूप में शानदार परफॉर्मेंस दी है और मृणाल ठाकुर ने उनकी अधूरी प्रेमिका के रूप में शानदार परफॉर्मेंस दी है. शेनिल देव का सधा हुआ डायरेक्शन और फिल्म के बेहतरीन टेक्निकल पहलू इसे एक साधारण एक्शन थ्रिलर से एक यादगार इमोशनल ड्रामा बना देते हैं, जिसे थिएटर में देखना पैसा पसूल होगा.
कहानी
फिल्म की कहानी एक इमोशनल थ्रिलर का सबसे अच्छा उदाहरण है. अदिवी सेष एक ऐसे नौजवान का रोल कर रहे हैं जो कभी मासूम था और प्यार में था, लेकिन किस्मत के बुरे मोड़ और अपने ही लोगों के धोखे ने उसे समाज का दुश्मन बना दिया एक डकैत. फिल्म का हीरो अपनी बर्बादी के लिए अपनी पुरानी मोहब्बत (मृणाल ठाकुर) को जिम्मेदार मानता है. जब वह सालों बाद लौटता है, तो उसके अंदर नफरत और बदला लेने का एक पक्का प्लान भर जाता है. कहानी का असली रोमांच तब शुरू होता है जब पुरानी यादें और अनकही भावनाएं उसके बदला लेने के सफर में रुकावट डालने लगती हैं. क्या हीरो अपने प्यार को खत्म कर पाएगा या प्यार की आग बदले की आग को बुझा देगी? फिल्म का स्क्रीनप्ले इतनी खूबसूरती से लिखा गया है कि आप एक पल के लिए भी अपनी सीट से उठ नहीं पाएंगे.
डायरेक्शन और सिनेमैटोग्राफी
एक डायरेक्टर के तौर पर शनील देव ने फिल्म को पूरे भारत में अपील दी है. सबसे जरूरी बात, हिंदी और तेलुगु दर्शकों की पसंद के हिसाब से फिल्म को अलग तरह से बनाया गया है, जो डायरेक्टर की समझ को दिखाता है. 2 घंटे 35 मिनट की यह फिल्म कभी भी बोझिल नहीं लगती. फिल्म की सिनेमैटोग्राफी इसकी सबसे बड़ी यूएसपी है. धूल भरे घाटियों वाले सीन और जिस तरह से एक्शन सीक्वेंस शूट किए गए हैं, वे तारीफ के काबिल हैं.
म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर
फिल्म का म्यूजिक कहानी के मूड से मेल खाता है. बैकग्राउंड स्कोर (BGM) टेंशन वाले सीन में जान डालता है, जबकि रोमांटिक गानों में पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं. भीम्स सेसिरोलेओ ने एक्शन और इमोशन के बीच म्यूजिक को पूरी तरह से बैलेंस किया है.
कमियां
किसी भी फिल्म की तरह ‘डकैत’ भी पूरी तरह से परफेक्ट नहीं है. फिल्म की सबसे बड़ी कमी इसका क्लाइमैक्स है, जो काफी प्रेडिक्टेबल लगता है. दर्शक आसानी से अंदाजा लगा सकते हैं कि एंडिंग क्या होगी. इसके अलावा, कुछ एक्शन सीन बहुत ज्यादा खींचे गए हैं, जिससे कई बार फिल्म की स्पीड धीमी हो जाती है. हालांकि, ये छोटी-मोटी कमियां फिल्म के गहरे इमोशंस और कास्ट की शानदार परफॉर्मेंस को कम नहीं करतीं.
फाइनल वर्डिक्ट
‘डकैत: एक प्रेम कथा’ सिर्फ उन लोगों के लिए नहीं है जिन्हें एक्शन पसंद है, बल्कि उन लोगों के लिए भी है जो एक अच्छी लव स्टोरी देखना चाहते हैं. यह फिल्म हमें याद दिलाती है कि प्यार या तो खुशहाली ला सकता है या किसी इंसान को हथियार उठाने की हद तक बर्बाद कर सकता है. अगर आपको बेहतरीन एक्टिंग, दमदार डायलॉग और दिल को छू लेने वाली कहानी चाहिए तो ‘डकैत’ आपके लिए है. मेरी ओर से फिल्म को 5 में से 3.5 स्टार.
About the Author
Pratik Shekhar is leading the entertainment section in News18 Hindi. He has been working in digital media for the last 12 years. After studying from Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Co…और पढ़ें