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Northeast Ttraditional Rice drink Apong: पूर्वोत्तर की पारंपरिक चावल वाइन अपोंग को जीआई टैग मिला है. पोरो अपोंग, मिरुंग अपोंग और पुजिन अपोंग प्राकृतिक फर्मेंटेशन से बनती है. इसके लिए खास चावल का इस्तेमाल किया जाता है. जो सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती है.

दिल्लीः भारत के पूर्वोत्तर राज्यों की समृद्ध संस्कृति में पारंपरिक पेय अपोंग (Apong) एक खास स्थान रखता है. पीढ़ियों से चली आ रही यह चावल से बनी वाइन न सिर्फ स्वाद बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी बेहद खास मानी जाती है. Poro Apong, Mirung Apong और Pujin Apong इन तीनों प्रकारों की अपनी अलग पहचान और बनाने की विधि है. जो स्थानीय परंपराओं और प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित है. इतना ही नहीं चावल से बनने वाली इस बियर को GI टैग भी मिल चुका है.

कैसे बनती है अपोंग
अपोंग बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह प्राकृतिक होती है. इसमें किसी भी तरह के कृत्रिम फ्लेवर या प्रिजर्वेटिव का इस्तेमाल नहीं किया जाता. चावल को खास तरीके से तैयार किया जाता है. जिसमें जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक यीस्ट से बना स्टार्टर मिलाया जाता है. इसके बाद इसे लंबे समय तक फर्मेंट होने के लिए रखा जाता है, जिससे इसका स्वाद और गुण विकसित होते हैं.

अलग-अलग प्रकार, अलग पहचान
Poro Apong पारंपरिक चावल वाइन है जो खास विधि से तैयार होती है. Mirung Apong को बाजरे (millet) से बनाया जाता है, जबकि Pujin Apong में काले और सफेद चावल का इस्तेमाल होता है. इन सभी में स्थानीय स्तर पर उगाए गए चावल का उपयोग किया जाता है. जिससे इसका स्वाद और भी प्रामाणिक बनता है.

समय और मेहनत का खेल
अपोंग तैयार होने में काफी समय लगता है. पारंपरिक तरीके से इसे तैयार करने में 6-7 महीने तक का समय लग सकता है. हालांकि आधुनिक तकनीकों के जरिए इसे 2-4 महीनों में भी तैयार किया जा रहा है.

सेहत के लिए कितना फायदेमंद
प्राकृतिक रूप से फर्मेंटेड होने के कारण अपोंग को पाचन के लिए अच्छा माना जाता है. पुराने समय में इसे एक तरह के हेल्थ ड्रिंक के रूप में इस्तेमाल किया जाता था. इसमें किसी प्रकार के केमिकल नहीं होते, जिससे यह शरीर के लिए हल्का और लाभकारी माना जाता है.

स्टोरेज और कीमत
इस वाइन को बिना खोले 3-4 महीनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है. जबकि खोलने के बाद इसे 7-10 दिनों के भीतर इस्तेमाल करना बेहतर होता है. इसकी कीमत 500 से 1500 रुपये के बीच होती है.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



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