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Kachhe Aam ki Chutney Kaise Banti Hai: गर्मी के मौसम में बघेलखंड की पारंपरिक पुदीना और कच्चे आम की चटनी स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन मेल है. यह चटनी शरीर को ठंडक देने के साथ पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है. घर में आसानी से बनने वाली यह रेसिपी आज भी लोगों की पहली पसंद बनी हुई है. इसे रोटी, पराठे और दाल-चावल के साथ बड़े चाव से खाया जाता है. अगर आप भी गर्मियों में हल्का और हेल्दी खाना चाहते हैं, तो यह चटनी जरूर ट्राई करें.
शिवांक द्विवेदी, सतना: भीषण गर्मी के दिनों में जब भूख कम हो जाती है और भारी भोजन खाने का मन नहीं करता तब बघेलखंडी स्टाइल में बनी चटनियों की याद जरूर आती है. खास बात यह है कि ये चटनियां सिर्फ स्वाद बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं बल्कि सेहत के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद होती हैं. पहले जहां इन्हें सिलवट्टे पर ताज़ा पीसकर तुरंत खाया जाता था वहीं अब आधुनिक समय में मिक्सी ने इस प्रक्रिया को आसान बना दिया है और लोग इन्हें स्टोर करके भी इस्तेमाल कर रहे हैं. रोटी हो, पराठा हो या फिर दाल चावल, इसे तो स्नैक्स के साथ भी पब्लिक खूब चाव से खाती है.
पारंपरिक सामग्री से बनती है खास चटनी
बघेलखंडी स्टाइल की इस खास चटनी को बनाने के लिए स्थानीय और आसानी से उपलब्ध सामग्री का उपयोग किया जाता है. इसमें पुदीना पत्ती, एक छोटा कच्चा आम, लहसुन, हरी मिर्च, गुड़ का छोटा टुकड़ा, नमक और काला नमक शामिल होते हैं. इन सभी चीजों को एक साथ पीसकर तैयार की गई चटनी में स्वाद का अनोखा संतुलन देखने को मिलता है. खट्टापन, मिठास और तीखापन एक साथ मिलकर इसे खास बनाते हैं. स्वाद को और बढ़ाने के लिए इसमें नींबू का रस भी मिलाया जाता है जो इसे और ताज़गी भरा बना देता है.
स्वाद के साथ सेहत का भी ख्याल
विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मियों में पुदीना, कच्चा आम और गुड़ जैसे तत्व शरीर को ठंडक देने के साथ पाचन तंत्र को भी मजबूत करते हैं. पुदीना जहां पेट को ठंडक पहुंचाता है वहीं कच्चा आम लू से बचाने में मदद करता है. गुड़ शरीर में ऊर्जा बनाए रखने के साथ-साथ पाचन को बेहतर करता है. इस तरह यह चटनी स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद साबित हो रही है.
लोकल 18 से बातचीत में क्या बोले स्थानीय लोग
लोकल 18 से बातचीत में स्थानीय निवासी मंजू द्विवेदी ने बताया कि यह चटनी बनाना बेहद आसान है और इसमें इस्तेमाल होने वाली सभी चीजें घर में ही मिल जाती हैं. पहले हम इसे सिलवट्टे पर पीसते थे जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता था, लेकिन अब मिक्सी के जरिए इसे जल्दी तैयार किया जा सकता है. वहीं गर्मियों में यह चटनी खाने का मजा ही अलग होता है.
स्टोरेज और खाने का तरीका भी खास
इस चटनी की एक खासियत यह भी है कि इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है. फ्रिज में रखने पर यह 15-20 दिनों तक खराब नहीं होती जबकि बाहर रखने पर इसे 2 से 4 दिनों तक गीले कपड़े से ढककर सुरक्षित रखा जा सकता है. बघेलखंड में लोग इसे सिर्फ रोटी या पराठे के साथ ही नहीं बल्कि दाल-चावल के साथ मिलाकर भी खाते हैं, जिससे खाने का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है.
समय के साथ भले ही खानपान के तरीके बदल गए हों लेकिन बघेलखंड की यह पारंपरिक चटनी आज भी लोगों के दिल और थाली दोनों में अपनी जगह बनाए हुए है. आधुनिक तकनीक ने इसे बनाना आसान जरूर कर दिया है लेकिन इसका देसी स्वाद और सेहतमंद गुण आज भी पहले जैसे ही बरकरार हैं.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें