Urad Papad Recipe: शिवपुरी में आज भी घर पर पापड़ बनाने की परंपरा है. गर्मियों में महिलाएं मिल-जुलकर पापड़ तैयार करती हैं, ताकि पूरे साल घर में स्वाद बना रहे. बाजार के पापड़ जहां जल्दी नमी पकड़ लेते हैं, वहीं घर के बने पापड़ लंबे समय तक कुरकुरे और सुरक्षित रहते हैं. खास बात ये कि इन्हें बनाने में ज्यादा खर्च भी नहीं आता और स्वाद बिल्कुल देसी होता है. अगर आप भी घर पर कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं, जिसे मेहमानों के सामने परोसते ही तारीफ बटोर लें, तो उड़द दाल के पापड़ सबसे बेहतरीन विकल्प हैं.

पापड़ बनाने के लिए सबसे पहले अच्छी गुणवत्ता वाली उड़द दाल लें. दाल को साफ करके धूप में अच्छी तरह सुखा लें, ताकि उसमें नमी बिल्कुल न रहे. इसके बाद दाल को चक्की पर पिसवाकर बारीक आटा तैयार करा लें. यह आटा ही पापड़ की जान होता है. अब इस आटे में स्वाद और खुशबू के लिए लाल खड़ी मिर्च का पानी, हींग का पानी, नमक स्वादानुसार और थोड़ा सा सुहागा (सोडा जैसा काम करता है) मिलाया जाता है. इन सबको मिलाकर आटे को अच्छी तरह गूंथना है. ध्यान रखें कि आटा जितना सख्त होगा, पापड़ उतने ही अच्छे बनेंगे.

जल्दी खराब नहीं होंगे
आटा गूंथने के बाद इसे थोड़ी देर ढककर रख दें. फिर छोटी-छोटी लोइयां बनाकर बेलन की मदद से पतले-पतले पापड़ बेल लें. अब इन्हें साफ कपड़े या प्लास्टिक शीट पर धूप में सुखाने के लिए रख दें. तेज धूप में दो से तीन दिन में पापड़ पूरी तरह सूख जाते हैं. सूखने के बाद इन्हें एयरटाइट डिब्बे में भरकर रख लें. सही तरीके से बनाए गए ये पापड़ खराब नहीं होते और साल भर स्वाद देते हैं.

पापड़ बनाने का तरीका
उड़द दाल को साफ कर धूप में सुखाएं और चक्की पर बारीक पिसवा लें. आटे में लाल मिर्च का पानी, हींग का पानी, नमक और थोड़ा सुहागा मिलाएं. सख्त आटा गूंथकर कुछ देर ढककर रखें. छोटी लोइयां बनाकर पतले पापड़ बेलें. साफ कपड़े या प्लास्टिक पर धूप में 2-3 दिन सुखाएं. पूरी तरह सूखने पर एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखें.

थाली की शान, ऐसे परोसें
घर के बने पापड़ सिर्फ एक खाने की चीज नहीं, बल्कि मेहमान नवाजी की पहचान भी हैं. जब थाली में दाल, सब्जी, रोटी और चावल के साथ कुरकुरा पापड़ रखा होता है, तो खाने का स्वाद दोगुना हो जाता है. खासकर त्योहार, शादी-ब्याह या घर में आए मेहमानों के सामने घर का बना पापड़ परोसना सुखद होता है. इसे तलकर, सेककर या माइक्रोवेव में हल्का भूनकर भी परोसा जा सकता है.

बाजार के पापड़ की तुलना में घर के पापड़ ज्यादा स्वादिष्ट, शुद्ध और बिना मिलावट के होते हैं. बच्चे हों या बड़े, सभी इसे चाव से खाते हैं. यही कारण है कि शिवपुरी के कई घरों में आज भी गर्मियों में पापड़ बनाने की परंपरा निभाई जाती है, ताकि साल भर खाने के साथ स्वाद बना रहे.



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