Homemade Singhara atta Recipe : सावन के पवित्र महीने की शुरुआत होते ही देशभर में व्रत और उपवास का दौर शुरू हो जाता है. सावन के सोमवार या पूरे महीने के व्रत में लोग फलाहारी चीजों का सेवन करते हैं, जिनमें सिंघाड़े का आटा सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. सिंघाड़े के आटे से बनी पूरियां, पकोड़े और हलवा व्रत के दौरान शरीर को ऊर्जा देते हैं. लेकिन अक्सर बाजार में मिलने वाले सिंघाड़े के आटे में मिलावट या बासीपन की शिकायत रहती है, जिससे न सिर्फ व्रत की पवित्रता प्रभावित होती है बल्कि सेहत भी बिगड़ सकती है.
अगर आप इस सावन व्रत में 100% शुद्ध, बिना मिलावट और एकदम ताजा सिंघाड़े का आटा इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इसे बाजार से खरीदने के बजाय घर पर ही आसानी से तैयार कर सकते हैं. आइए जानते हैं घर पर शुद्ध सिंघाड़े का आटा बनाने के 4 आसान स्टेप्स और इसे महीनों तक फ्रेश रखने की सही ट्रिक.
घर पर इस तरह बनाएं सिंघाड़े का आटा (How To Make Homemade Singhara atta)-
स्टेप 1: सफाई और धूप दिखाना है जरूरी
घर पर आटा बनाने के लिए सबसे पहले बाजार से अच्छी क्वालिटी के सूखे सिंघाड़े खरीदें. ध्यान रखें कि सिंघाड़े पूरी तरह साफ और सूखे हों. सूखे सिंघाड़ों को किसी साफ और सूखे सूती कपड़े से अच्छी तरह पोंछ लें ताकि उन पर जमी धूल-मिट्टी साफ हो जाए. इसके बाद इन्हें 1 से 2 घंटे के लिए कड़क धूप में रख दें. धूप दिखाने से सिंघाड़ों की बची-कुची नमी खत्म हो जाती है और वे कुरकुरे हो जाते हैं, जिससे वे आसानी से पीस जाते हैं.
स्टेप 2: सीधे मिक्सी में न डालें, पहले छोटे टुकड़ों में कूटें
सूखे सिंघाड़े काफी सख्त और कठोर होते हैं. अगर आप इन्हें सीधे मिक्सी के जार में डालकर पीसने की कोशिश करेंगे, तो मिक्सी का ब्लेड टूट सकता है या मोटर खराब हो सकती है. इसके लिए ओखली (खल-बट्टा) या किसी भारी बेलन/हाथौड़ी की मदद लें. सिंघाड़ों को किसी सूती कपड़े या मोटे प्लास्टिक बैग में रखकर ओखली से कूटकर छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ लें.
स्टेप 3: पीसने की सही तकनीक (रोक-रोक कर चलाएं मिक्सी)
अब इन छोटे-छोटे टुकड़ों को मिक्सी के बिल्कुल सूखे जार में डालें. मिक्सी को लगातार न चलाएं. ‘पल्स मोड’ पर यानी थोड़ा चलाकर बंद करें और फिर चलाएं. ऐसा करने से जार में ज्यादा गर्मी पैदा नहीं होगी और आटा बहुत बारीक और स्मूथ पिसेगा.
स्टेप 4: छानना और मैदा जैसा बारीक आटा पाना
पिसे हुए मिश्रण को एक महीन छलनी से छान लें. छलनी में बचे हुए मोटे टुकड़ों को फेंके नहीं, उन्हें दोबारा मिक्सी जार में डालकर बारीक पीस लें. अगर आपको व्रत की पूरियां या हलवा बनाने के लिए बिल्कुल मैदा जैसा फाइन आटा चाहिए, तो इसे किसी साफ सूती (मलमल के) कपड़े से छानें.
आटे को महीनों तक स्टोर करने का सही तरीका-
घर पर बना यह शुद्ध आटा महीनों तक खराब नहीं होगा, बस इसे स्टोर करते समय इन बातों का ध्यान रखें:
तैयार आटे को किसी एयरटाइट कांच के जार या डिब्बे में भर कर रखें. डिब्बे को हमेशा नमी और सीधी धूप से दूर किसी सूखी जगह पर रखें.
अगर आप इसे 3 से 4 महीने तक एकदम फ्रेश और कीड़ों से बचाकर रखना चाहते हैं, तो जार को फ्रिज के अंदर रख सकते हैं.
इस सावन आप भी इस आसान तरीके से घर पर ही शुद्ध और सेहतमंद सिंघाड़े का आटा तैयार करें और बिना किसी चिंता के व्रत के स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लें!