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Ufff Yeh Siyapaa Review: बोलती फिल्मों का युग 1930 के दशक के बाद शुरू हो गया था. उससे पहले हमें पर्दे पर सिर्फ सीन नजर आते थे आवाज नहीं… जिसे हम साइलेंट फिल्में कहते थे. 1931 में आई फिल्म ‘आलामा आरा’ भारत की पहली बोलती फिल्म थी. ‘उफ्फ ये सियापा’ को उसी पैटर्न में बनाया गया है, बस अंदाज नया है.
5 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई सोहम शाह की ‘उफ्फ ये सियापा’.
उफ्फ ये सियापा 3.5
Starring: सोहम शाह, नुसरत भरुचा, नोरा फतेही, ओमकार कपूर और अन्यDirector: जी. अशोकMusic: एआर रहमान
Ufff Yeh Siyapaa Review: साल 2011 में एक फ्रेंच मूवी रिलीज हुई थी, जिसका नाम था ‘द आर्टिस्ट’. इसे पुराने जमाने की फिल्मों की तरह बनाया गया था, जो ब्लैक एंड व्हाइट तो थी ही… साथ ही साइलेंट भी थी. इस फिल्म को काफी पसंद किया गया था. बॉक्स ऑफिस पर मेकर्स को काफी फायदा हुआ था. कहते हैं ‘द आर्टिस्ट’ से अपने बजट से आठ गुना ज्यादा की कमाई की थी. अब ऐसा ही एक एक्सपेरिमेंट प्रोड्यूसर लव रंजन और अंकुर गर्ग ने मिलकर किया है. इन्होंने सोहम शाह, नुसरत भरुचा, नोरा फतेही और ओमकार कपूर जैसे कलाकारों को लेकर एक साइलेंट कॉमेडी थ्रिलर ‘उफ्फ ये सिपाया’ बनाई है, जिसमें एक भी डायलॉग नहीं हैं, लेकिन बिना किसी संवाद के ही आपको फिल्म की पूरी कहानी समझ में आ जाएगी. यह आज के जमाने में एक अनोखी बॉलीवुड फिल्म है.
वैसे तो साइलेंट फिल्मों का दौर तो 1930 के दशक के बाद ही खत्म हो गया था, लेकिन ‘उफ्फ ये सिपाया’ उसी पुराने पैटर्न को नए अंदाज से जिंदा करती है. कलाकारों के अद्भुत अभिनय, शानदार निर्देशन और एआर रहमान की धुनों के साथ, यह फिल्म एक ऐसा मनोरंजन है जो आपको पूरी तरह बांधे रखता है, जो अभी के दौर में बहुत ही कम देखने को मिलता है.
फिल्म की कहानी की बात करें तो यह एक आम आदमी की कहानी है जिसकी जिंदगी एक छोटी सी गलतफहमी के बाद बेकाबू हो जाती है और सोचिए वो कौन है, सोहम शाह जिन्होंने केसरी लाल सिंह का किरदार निभाया है और हमेशा की तरह उन्होंने निराश नहीं किया है और अपने किरदार में पूरी तरह से खरे उतरे हैं. इस साइलेंट फिल्म में उन्होंने अपने अभिनय और भाव से कमाल कर दिया है. ‘तुम्बाड’ और ‘क्रेजी’ जैसी थ्रिलर फिल्मों से सबके दिलों में उतरने वाले सोहम शाह को ‘उफ्फ ये सियापा’ में देखना आपको एक अलग अनुभव देगा.
दूसरी ओर, पुष्पा के रूप में नुसरत भरुचा अपने किरदार में पूरी तरह से डटी हुई हैं और अपनी छाप छोड़ती हैं. हालांकि हमने उन्हें ज्यादातर अलग-अलग ग्लैमर और गंभीर भूमिकाओं में देखा है, लेकिन इस कॉमेडी फिल्म में भी उन्होंने कमाल कर दिया है. उनकी भूमिका चुनौतीपूर्ण है जो दो अलग-अलग परिस्थितियों में उलझी हुई है और कई मोड़ लाती है.
वही, कामिनी के रूप में नोरा फतेही ने अपनी ग्लैमरस अपील को पूरी तरह से बरकरार रखा है और फिल्म में एक अलग ही रंग भर दिया है. उन्होंने निश्चित रूप से अपना किरदार बखूबी निभाया है और हमेशा की तरह सबका ध्यान खींच रही हैं. गंगरा के रूप में शारिब हाशमी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और वो नुसरत के साथ दिलचस्प लग रहे हैं. कुल मिलाकर देखा जाए तो फिल्म मनोरंजन से भरपूर है. आप इस फिल्म को अपने पूरे परिवार के साथ देख सकते हैं. मेरी ओर से फिल्म 5 में से 3.5 स्टार.
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Pratik Shekhar is leading the entertainment section in News18 Hindi. He has been working in digital media for the last 12 years. After studying from Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Co…और पढ़ें