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Vrusshabha Movie Review: ‘वृषभ’ एक बेहतरीन फिल्म है, जिसमें सुपरस्टार मोहनलाल का अभिनय फिल्म को गहराई और मजबूती देता है. वह अपने शांत और संतुलित अभिनय से किरदार में भरोसे और गंभीरता लाते हैं. उनका अभिनय न तो जरूरत से ज्यादा ऊंचा लगता है और न ही फीका. बड़े और काल्पनिक माहौल में भी वह अपने किरदार को बेहद सच्चा और विश्वसनीय बना देते हैं.

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मोहनलाल की फिल्म ‘वृषभ’ सिनेमाघरों में हुई रिलीज.

वृषभ 4

25 दिसंबर 2025|मलयालम (हिंदी में भी उपलब्ध)124 मिनट|एक्शन ड्रामा

Starring: मोहनलाल, समरजीत लंकेश, रागिनी द्विवेदी, नयन सारिका, अजय, नेहा सक्सेना और अन्यDirector: नंद किशोरMusic: सैम सीएस

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मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल स्टारर ‘वृषभ’ को एक बड़े पैमाने की भव्य फिल्म के रूप में बनाया गया है, लेकिन इस फिल्म की असली ताकत इसके दृश्य नहीं बल्कि इसकी भावनात्मक कहानी है. नंदा किशोर द्वारा लिखी और निर्देशित यह पौराणिक फैंटेसी एक्शन ड्रामा लगातार दिखावे पर निर्भर रहने के बजाय किरदारों के रिश्तों को प्राथमिकता देता है. फिल्म की कहानी भाग्य, त्याग और पीढ़ियों से चली आ रही जिम्मेदारी जैसे विषयों से जुड़ी हुई है. यह फिल्म पौराणिक बातों को जटिल तरीके से समझाने के बजाय भावनाओं और आपसी संबंधों के जरिए कहानी को आगे बढ़ाती है. यही वजह है कि कहानी आम दर्शकों के लिए भी आसानी से समझ में आती है और फिर भी इसका भव्य स्वरूप बना रहता है.

यह एक एक्शन-फंतासी ड्रामा है जो पिता और पुत्र के बीच के गहरे और अटूट संबंध के इर्द-गिर्द घूमती है. कहानी में अतीत के संघर्ष और वर्तमान के रहस्यों को पुनर्जन्म के तत्वों के साथ जोड़ा गया है. फिल्म के एक पहलू में 1960 के दशक के भारत का कृषि संकट दिखाया गया है, जहां एक रहस्यमय बीमारी पशुधन के लिए खतरा बन जाती है. मोहनलाल अभिनीत फिल्म ‘वृषभ’ की कहानी प्रेम, नियति और प्रतिशोध का एक भव्य संगम है.

मोहनलाल का अभिनय फिल्म को गहराई और मजबूती देता है. वह अपने शांत और संतुलित अभिनय से किरदार में भरोसे और गंभीरता लाते हैं. उनका अभिनय न तो जरूरत से ज्यादा ऊंचा लगता है और न ही फीका. बड़े और काल्पनिक माहौल में भी वह अपने किरदार को बेहद सच्चा और विश्वसनीय बना देते हैं. समरजीत लंकेश उनके साथ पूरी मजबूती से खड़े नजर आते हैं. किसी दिग्गज कलाकार के साथ स्क्रीन साझा करना आसान नहीं होता, लेकिन समरजीत आत्मविश्वास और संयम के साथ अपनी जगह बनाते हैं. उनके अभिनय में भावनाओं की समझ साफ झलकती है.

मोहनलाल और समरजीत के बीच का रिश्ता ही फिल्म की भावनात्मक रीढ़ बन जाता है, जो कहानी को सिर्फ एक भव्य फिल्म से आगे ले जाता है. फिल्म के सहायक कलाकार भी अपनी भूमिकाओं को ईमानदारी से निभाते हैं और फिल्म की दुनिया को और मजबूत बनाते हैं. तकनीकी रूप से भी वृषभ काफी प्रभावशाली है. इसका प्रोडक्शन डिजाइन भव्य है, एक्शन सीन साफ और संतुलित हैं, और सिनेमैटोग्राफी कहानी के माहौल को अच्छे से पकड़ती है.

फिल्म का संगीत और बैकग्राउंड स्कोर भावनात्मक दृश्यों को और असरदार बनाता है, लेकिन कभी भी कहानी पर हावी नहीं होता. फिल्म की गति संतुलित है, जिससे भावनात्मक पल दर्शकों पर सही असर छोड़ते हैं. अंत में कहा जाए तो वृषभ एक ऐसी फैंटेसी फिल्म है जो यह समझती है कि सच्ची भावना कितनी जरूरी होती है. दमदार अभिनय, सोच-समझकर किया गया निर्देशन और मजबूत तकनीकी पक्ष के साथ यह फिल्म बड़े पर्दे पर एक संतोषजनक अनुभव देती है, जो आम दर्शकों और सिनेमा को गंभीरता से देखने वालों- दोनों को पसंद आएगी. मेरी ओर से फिल्म को 5 में से 4 स्टार.

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Pratik Shekhar

Pratik Shekhar is leading the entertainment section in News18 Hindi. He has been working in digital media for the last 12 years. After studying from Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Co…और पढ़ें



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