अगर आप एक्शन फिल्मों के शौकीन हैं… तो YRF स्पाई यूनिवर्स की छठी किस्त ‘वॉर 2’ आपको पसंद आएगी. इस फिल्म में सिर्फ एक्शन है, लेकिन कहानी की बात करें तो ये कोई खास ट्विस्ट देने में कामयाब नहीं रही है. फिल्म की कहानी में कुछ नया नहीं है, लेकिन सुपरस्टार ऋतिक रोशन और साउथ के मशहूर एक्टर जूनियर एनटीआर की जोड़ी ने कमाल कर दिया है. 2019 में आई फिल्म ‘वॉर’ में जहां ऋतिक के साथ टाइगर श्रॉफ नजर आए थे, वहीं इस बार टाइगर की जगह जूनियर एनटीआर ने ले ली है और वो YRF स्पाई यूनिवर्स में नए एजेंट के तौर पर शामिल हुए हैं. तो चलिए सबसे पहले आपको फिल्म की कहानी के बारे में बताते हैं.
इस बार फिल्म की कहानी भारतीय खुफिया एजेंसी (रॉ) के 2 एजेंट्स की है, एक मेजर कबीर (ऋतिक रोशन) और दूसरे मेजर विक्रम चेलापति उर्फ रघु (जूनियर एनटीआर) की. फिल्म की कहानी वहीं से शुरू होती है जहां ‘वॉर’ की कहानी खत्म हुई थी. यानी कबीर ने रॉ से नाता तोड़ लिया है और एक फ्रीलांसर बन गया है, जो कॉन्ट्रैक्ट पर लोगों की हत्या करता है. इस बीच, कबीर कर्नल सुनील लूथरा (आशुतोष राणा) को मार देता है, जिससे रॉ बेहद नाराज हो जाती है और कबीर को खत्म करने की योजना बनाने लगती है.
कियारा आडवाणी फिल्म में कर्नल सुनील लूथरा की बेटी का किरदार निभा रही हैं, जो विंग कमांडर काव्या लूथरा की भूमिका में हैं. कियारा भी अपने पिता की हत्या से बेहद नाराज है और वह भी कबीर को मारना चाहती है. इसी बीच रॉ चीफ विक्रांत कौल (अनिल कपूर) की एंट्री होती है, जो कबीर को मारने के लिए एक टीम तैयार कर रहे हैं. रघु उनकी टीम का हिस्सा बन जाता है. दूसरी तरफ, भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और चीन समेत कई देशों के कुछ लोग मिलकर दुनिया पर राज करने की योजना बना रहे हैं, जिसका नेतृत्व एक अनजान शख्स कली कर रहा है. सुनील लूथरा को मारने वाला कबीर अब कली की टीम का हिस्सा बन गया है.
कियारा को पता चलता है कि कबीर अपनी बेटी से मिलने वाला है और तभी उसे मारने के लिए रॉ की एक टीम आ पहुंचती है. रघु इस टीम का नेतृत्व करता है और मौका मिलते ही उसकी टीम कबीर पर हमला कर देती है, लेकिन कबीर उनसे बच निकलता है. क्या रघु कबीर को मार पाएगा? क्या कबीर ‘वॉर 2’ का मुख्य विलेन है? इन सवालों के जवाब पाने के लिए आपको सिनेमाघर जाकर पूरी फिल्म देखनी होगी.
वैसे फिल्म की कहानी को कई मोड़ दिए गए हैं. कई बार कहानी को फ्लैशबैक में भी ले जाया गया है. मेकर्स ने पूरी कोशिश की कि कहानी में कुछ ट्वीस्ट और टर्न आए, लेकिन इसमें वे सफल नहीं हो पाए. वहीं, फिल्म में एक्शन और विजुअल्स की बात करें तो ये कमाल की है. फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष इसका एक्शन ही है. फाइट सीन इतने शानदार हैं कि उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन एक्शन सीक्वेंस कहा जा सकता है. ‘नेशन फर्स्ट’ फिल्म में सिर्फ एक डायलॉग नहीं, बल्कि वह भावना है जो फिल्म के हर खतरनाक स्टंट और लड़ाई को और भी रोमांचक बना देती है.
अब एक्टिंग की बात करें तो कबीर के रूप में ऋतिक रोशन धमाकेदार वापसी हुई है. उनका किरदार स्टाइल और गहराई का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है. उनकी एंट्री पहले वाली ‘वॉर’ की याद दिलाती है, और उनकी जबरदस्त स्क्रीन प्रेजेंस दर्शकों को आखिर तक बांधे रखती है. वहीं, फिल्म में जूनियर एनटीआर को आप एक सरप्राइज एलिमेंट के रूप में देख सकते हैं. फिल्म में जूनियर एनटीआर की एंट्री 10 मिनट के एक शानदार रेस्क्यू और फाइट सीन के साथ होती है. उनका ‘मास’ अपील ऋतिक के ‘क्लास’ एक्ट को पूरी तरह से बैलेंस करता है, जिससे उनकी केमिस्ट्री फिल्म का सबसे रोमांचक पहलू बन जाती है.
वहीं, सपोर्टिंग रोल में अनिल कपूर और कियारा आडवाणी ने अपने किरदारों को बखूबी निभाया है. उनके दमदार सपोर्ट से फिल्म के इमोशनल मोमेंट्स और भी असरदार बन गए हैं, जबकि निर्देशन में भी कोई कमी नजर नहीं आती. अयान मुखर्जी ने एक ऐसी जासूसी फिल्म बनाई है जो सिर्फ बड़े पर्दे के ड्रामा तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें इमोशन भी है. कुल मिलाकर देखा जाए तो आप इस फिल्म को पूरे परिवार के साथ देख सकते हैं. मेरी ओर से फिल्म को 5 में 3 स्टार.