Thecha Samak Khichdi: सावन का महीना आते ही घरों में पूजा-पाठ, व्रत और सात्विक भोजन की रौनक बढ़ जाती है. इस दौरान ज्यादातर लोग ऐसा खाना पसंद करते हैं जो पेट पर हल्का हो, लंबे समय तक ऊर्जा दे और स्वाद में भी किसी तरह की कमी महसूस न होने दे, अगर हर व्रत में साबूदाना खिचड़ी या आलू की डिश खाकर बोरियत होने लगी है, तो इस बार सामक चावल से बनने वाली मसालेदार थेचा सामक खिचड़ी जरूर ट्राई करें. यह रेसिपी पारंपरिक स्वाद और हल्के तीखेपन का बेहतरीन मेल है.
सामक चावल की मुलायम बनावट और हरी मिर्च-मूंगफली के थेचा का तीखा स्वाद इसे बाकी व्रत वाली डिश से अलग बनाता है. बरसात के मौसम में गर्मागर्म घी से सजी यह खिचड़ी न सिर्फ शरीर को सुकून देती है बल्कि खाने का पूरा मजा भी बढ़ा देती है. खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता और घर में मौजूद कुछ आसान सामग्री से यह स्वादिष्ट व्रत स्पेशल डिश तैयार हो जाती है.
सामक खिचड़ी क्यों है व्रत के लिए अच्छी?
सामक चावल, जिसे बार्नयार्ड मिलेट भी कहा जाता है, व्रत के दौरान सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले अनाज विकल्पों में शामिल है. यह हल्का होता है, जल्दी पच जाता है और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है. इसलिए कई लोग सावन, नवरात्र और अन्य उपवास के दौरान इसे अपनी डाइट का हिस्सा बनाते हैं. इस रेसिपी की खासियत यह है कि इसमें साधारण मसालों की जगह ताजा तैयार किया गया थेचा इस्तेमाल किया जाता है, जिससे हर निवाला स्वाद से भर जाता है.
थेचा सामक खिचड़ी बनाने के लिए सामग्री
1. 1 कप सामक चावल (अच्छी तरह धोकर)
2. 2 बड़े चम्मच घी
3. 1 छोटा चम्मच जीरा
4. 3 कप गर्म पानी
5. 2 बड़े चम्मच सेंधा नमक (स्वादानुसार)
थेचा बनाने के लिए
1. 4 हरी मिर्च
2. 1 मुट्ठी भुनी हुई मूंगफली
3. 3 लहसुन की कलियां (अगर व्रत में मान्य हो तो)
4. थोड़ा सा ताजा हरा धनिया
इन सभी चीजों को दरदरा पीसकर थेचा तैयार कर लें.
ऐसे बनाएं स्वादिष्ट थेचा सामक खिचड़ी
सबसे पहले एक भारी तले की कड़ाही या पैन में घी गर्म करें. घी गर्म होने पर उसमें जीरा डालें और हल्का चटकने दें. अब इसमें तैयार किया हुआ एक चम्मच थेचा डालकर कुछ सेकंड तक भूनें ताकि उसकी खुशबू घी में अच्छी तरह मिल जाए. इसके बाद धुले हुए सामक चावल डालें और करीब दो मिनट तक हल्के हाथों से चलाते हुए भूनें. इससे चावल का स्वाद और भी बेहतर हो जाता है. अब इसमें गर्म पानी और सेंधा नमक डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर ढक्कन लगा दें और धीमी आंच पर 10 से 12 मिनट तक पकने दें. जब पानी पूरी तरह सूख जाए और सामक अच्छी तरह पक जाए, तब गैस बंद कर दें. अंत में कांटे की मदद से खिचड़ी को हल्के हाथों से फुलाएं. ऊपर से थोड़ा ताजा थेचा और एक छोटा चम्मच घी डालकर गर्मागर्म परोसें.
व्रत में क्यों पसंद आ रही है यह रेसिपी?
आजकल लोग व्रत के दौरान भी नए स्वाद की तलाश में रहते हैं. ऐसे में यह रेसिपी पारंपरिक और आधुनिक स्वाद का अच्छा मेल बनकर सामने आती है. तीखा थेचा, घी की खुशबू और सामक की मुलायम बनावट मिलकर ऐसा स्वाद देते हैं जिसे एक बार खाने के बाद बार-बार बनाने का मन करता है. कई परिवारों में इसे दही, मूंगफली के रायते या व्रत वाली आलू की सब्जी के साथ भी परोसा जाता है. इससे पूरा भोजन और भी स्वादिष्ट बन जाता है.
स्वाद बढ़ाने के आसान टिप्स
अगर आप हल्का तीखा खाना पसंद करते हैं तो हरी मिर्च की मात्रा कम रख सकते हैं. वहीं ज्यादा मसालेदार स्वाद के लिए थेचा की मात्रा बढ़ाई जा सकती है. घी का इस्तेमाल थोड़ा उदारता से करें क्योंकि इससे खिचड़ी का स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ जाते हैं. यदि आपके घर में व्रत के दौरान लहसुन नहीं खाया जाता, तो उसे आसानी से छोड़ सकते हैं. सिर्फ हरी मिर्च, मूंगफली और धनिया से भी बेहतरीन थेचा तैयार हो जाता है.
बरसात के मौसम के लिए एक आरामदायक भोजन
सावन में मौसम ठंडा और सुहाना रहता है. ऐसे समय में गर्मागर्म सामक खिचड़ी शरीर को सुकून देने के साथ पेट को भी आराम देती है. यह जल्दी बनने वाली रेसिपी है, इसलिए व्यस्त दिन में भी बिना ज्यादा मेहनत के तैयार की जा सकती है, अगर इस सावन आप व्रत के खाने में कुछ नया शामिल करना चाहते हैं, तो थेचा सामक खिचड़ी एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है.