How to make tanka torani drink: ओडिशा की पारंपरिक खानपान संस्कृति में एक खास पेय शामिल है ‘टंका तोरानी’, जो स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन मेल है. यह न सिर्फ गर्मी से राहत देता है, बल्कि शरीर के लिए भी काफी लाभकारी माना जाता है. खास बात यह है कि यह भगवान जगन्नाथ मंदिर में महाप्रसाद के रूप में भी दिया जाता है और इसे एक दिन पुराने पके चावल से बनाया जाता है. आपको भी चखना है टंका तोरानी का स्वाद और शरीर को रखना कूल तो यहां जानें इसे बनाने की विधि और फायदों के बारे में.

गर्मियों में ठंडक का बेहतरीन विकल्प

टंका तोरानी खासतौर पर गर्मियों में पिया जाता है, क्योंकि यह शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करता है. यह प्यास बुझाने के साथ-साथ शरीर को तरोताजा भी करता है. इसी वजह से ओडिशा के घरों में यह आज भी लोकप्रिय है.

टंका तोरानी बनाने की विधि

इसे तैयार करने की प्रक्रिया सरल लेकिन दिलचस्प होती है. एक दिन पुराने पके चावल को पानी में डालकर रातभर छोड़ दिया जाता है, जिससे उसमें हल्का खमीर उठता है. अगले दिन चावल को हाथ से मसलकर उसमें दही मिलाया जाता है.

स्वाद बढ़ाने वाली सामग्री

इसके स्वाद को और बेहतर बनाने के लिए इसमें कई चीजें डाली जाती हैं, जैसे-

अदरक
करी पत्ते
नींबू के टुकड़े
हरी मिर्च
धनिया पत्ती
भुना हुआ जीरा पाउडर
काला नमक

खट्टा-चटपटा और ताजगी से भरपूर स्वाद

तैयार होने के बाद टंका तोरानी का स्वाद हल्का खट्टा और मसालेदार होता है, जो पीने में बेहद ताजगी देता है. यह गर्मी में थकान दूर करने और शरीर को राहत देने में मदद करता है.

सेहत के लिए फायदेमंद

यह पेय एक प्राकृतिक प्रोबायोटिक है, जो पेट में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है. इससे पाचन तंत्र मजबूत होता है और गैस, भारीपन जैसी समस्याओं से राहत मिलती है.

पारंपरिक पेय का महत्व

आज के समय में जहां लोग पैकेज्ड और केमिकल युक्त ड्रिंक्स की ओर आकर्षित हो रहे हैं, वहीं टंका तोरानी जैसे पारंपरिक पेय हमें हमारी जड़ों से जोड़ते हैं. यह पूरी तरह प्राकृतिक, घरेलू और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प है.



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