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चित्रकूट जिला अपने धार्मिक महत्व के साथ-साथ अपने खास देसी खान-पान के लिए भी जाना जाता है. यहां मानिकपुर स्टेशन के पास एक छोटा नाश्ता कॉर्नर सुबह के समय खासा लोकप्रिय रहता है, जहां मूंग दाल की मंगौड़ी लोगों की पहली पसंद बनी हुई है. पारंपरिक तरीके और देसी मसालों से तैयार यह नाश्ता अपने कुरकुरे स्वाद के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है.
चित्रकूट जिला धार्मिक महत्व के साथ-साथ अपने खास खान-पान के लिए भी जाना जाता है. अगर आप सुबह के नाश्ते में स्वादिष्ट मंगौड़ी खाना पसंद करते हैं, तो आप चित्रकूट में हमारे द्वारा बताई गई इस नाश्ता कॉर्नर दुकान पर जाकर यहां बनने वाली मंगौड़ी का स्वाद चख सकते हैं.
मंगौड़ी पूरी तरह पक जाने के बाद उसे निकाल लिया जाता है. इसके बाद यहां आने वाले ग्राहकों को इसे टमाटर, अमली चटनी या मिर्च वाली दही के साथ परोसा जाता है, जो खाने वालों को काफी पसंद आता है. ग्राहक इसे बड़े स्वाद और मजे से खाते हैं.
दुकान के मालिक शंकर दयाल ने बताया कि सबसे पहले मूंग की दाल को एक दिन पहले भिगोकर रखा जाता है. इसके बाद सुबह इसे पीसा जाता है. पीसने के बाद इसमें बारीक कटी प्याज, हरी मिर्च, अदरक और हरी धनिया मिलाई जाती है.
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अगर इसके रेट की बात करें तो यह ग्राहकों को 20 रुपये में 100 ग्राम और 1 किलो के हिसाब से 180 से 200 रुपये तक मिलती है. यहां बनने वाली मंगौड़ी की खास बात यह है कि इसमें देसी हाथ से बने मसालों का प्रयोग किया जाता है, जो इसे और भी स्वादिष्ट बना देते हैं.
अगर आप भी इस नाश्ते के शौकीन हैं, तो आप इस दुकान पर सुबह 7:00 बजे से रात 8:00 बजे तक किसी भी समय आ सकते हैं और यहां बनने वाली देसी स्टाइल मंगौड़ी का स्वाद चख सकते हैं. यह आपके सुबह के नाश्ते को यादगार बना देगा.
आपको बता दें कि चित्रकूट जिले के मानिकपुर स्टेशन के पास स्थित छोटे नाश्ता कॉर्नर पर सुबह के समय नाश्ते के लिए अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है. यहां बनने वाली मूंग दाल की मंगौड़ी खाने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं. सबसे खास बात यह है कि इसे खास मसालों और सामग्री के साथ तैयार किया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी खास हो जाता है.
तेल गर्म होने के बाद इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में डालकर तलते हैं. कुछ देर तक इसे तेल में छोड़ दिया जाता है, जब तक यह पूरी तरह से सुनहरी लाल न हो जाए. जब यह अच्छी तरह पक जाती है, तो इसे निकाल लिया जाता है.
उन्होंने बताया कि इसी पिसी हुई दाल में फिर नमक, लाल मिर्च और हाथ से बने कुछ मसाले डालकर इसे अच्छी तरह मिला लिया जाता है. इसके बाद इसे कुछ समय के लिए रख दिया जाता है. फिर कढ़ाई में तेल गर्म होने के लिए चढ़ा दिया जाता है.