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Khajla Sweet of Udaipur: उदयपुर के बोहरवाड़ी स्थित खानजी स्वीट्स का ‘ख़ाजला’ अपनी अनोखी बनावट और शाही स्वाद के लिए प्रसिद्ध है. आलू पेटिस जैसी परतों वाली यह मिठाई मावे और ड्राई फ्रूट्स से भरी होती है और पूरे शहर में केवल इसी एक दुकान पर मिलती है. कुरकुरापन और संतुलित मिठास इसकी मुख्य विशेषता है, जिसके चलते यहाँ रोजाना 100 से अधिक पीस की बिक्री होती है. स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के बीच भी यह मिठाई आकर्षण का केंद्र है. पिछले कई वर्षों से अपनी गुणवत्ता और पारंपरिक स्वाद को बरकरार रखते हुए, ख़ाजला अब मेवाड़ के खान-पान की एक महत्वपूर्ण पहचान बन चुका है.

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Khajla Sweet of Udaipur: राजस्थान अपनी ऐतिहासिक विरासत के साथ-साथ अपने अनूठे खान-पान के लिए भी पूरी दुनिया में मशहूर है. झीलों की नगरी उदयपुर में वैसे तो कई पारंपरिक मिठाइयां मिलती हैं, लेकिन यहाँ का ‘ख़ाजला’ अपने आप में बेहद खास है. पहली नजर में देखने पर यह मिठाई बिल्कुल नमकीन आलू पेटिस जैसी लेयरदार नजर आती है, लेकिन इसका असली राज इसकी पहली बाइट में छिपा है. इसमें आलू का मसाला नहीं, बल्कि शुद्ध मावा और ढेर सारे ड्राई फ्रूट्स की रिच फिलिंग भरी होती है, जो इसे स्वाद के मामले में बेजोड़ बना देती है.

उदयपुर के बोहरवाड़ी क्षेत्र में स्थित ‘खानजी स्वीट्स’ पर यह मिठाई पिछले कई दशकों से तैयार की जा रही है. इस मिठाई की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पूरे उदयपुर शहर में ‘ख़ाजला’ सिर्फ इसी दुकान पर उपलब्ध है. अपनी इसी विशिष्टता के कारण खानजी स्वीट्स का ख़ाजला अब शहर की एक पहचान बन चुका है. यहाँ रोजाना 100 से भी ज्यादा पीस बिक जाते हैं, जो इसकी जबरदस्त लोकप्रियता का प्रमाण है.

परतों का हुनर और संतुलित स्वाद
ख़ाजला की बनावट ही इसकी सबसे बड़ी खूबी है. इसे कई परतों (Layers) में तैयार किया जाता है, जिससे यह बाहर से हल्की कुरकुरी और अंदर से बेहद नरम होती है. मावे और ड्राई फ्रूट्स का मिश्रण इसके स्वाद को शाही अहसास देता है. स्वाद के जानकारों की मानें तो यह मिठाई न ज्यादा मीठी होती है और न ही फीकी, बल्कि इसका मिठास स्तर बिल्कुल संतुलित रखा जाता है. यही कारण है कि यह हर उम्र के लोगों की पसंद बनी हुई है.

पीढ़ियों से बरकरार है वही असली ज़ायका
स्थानीय निवासी ओवेश खान बताते हैं कि वे बचपन से इस मिठाई को बनते और इसके स्वाद का आनंद लेते आ रहे हैं. समय के साथ कई दुकानों का स्वाद बदल गया, लेकिन खानजी स्वीट्स पर आज भी वही पुराना और शुद्ध स्वाद मिलता है. जो भी पर्यटक उदयपुर आता है, वह एक बार इस ‘मीठी पेटिस’ यानी ख़ाजला का स्वाद जरूर लेना चाहता है. यह मिठाई अब उदयपुर की पारंपरिक स्वाद विरासत का एक अटूट हिस्सा बन चुकी है, जिसे चखे बिना शहर की फूड यात्रा अधूरी मानी जाती है.

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vicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें



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