गर्मियों का मौसम आते ही हमारे खान-पान में बदलाव आना बेहद जरूरी हो जाता है. तेज धूप, लू और पसीने के कारण शरीर में पानी की कमी और कमजोरी महसूस होने लगती है. ऐसे में अगर आप अपने रोज़ाना के खाने में थोड़ी समझदारी दिखाएं, तो स्वाद के साथ-साथ सेहत भी बेहतर बनी रह सकती है. इसी कड़ी में “सत्तू की रोटी” गर्मियों के लिए एक बेहतरीन विकल्प मानी जाती है.

सत्तू की रोटी क्यों है खास?
सत्तू, भुने हुए चने को पीसकर बनाया जाता है. यह ठंडक देने वाला और पोषक तत्वों से भरपूर होता है. गर्मियों में इसे खाने से शरीर को ठंडक मिलती है और ऊर्जा भी बनी रहती है. सत्तू की रोटी खासतौर पर बिहार और उत्तर प्रदेश में बेहद लोकप्रिय है.

सेहत के लिए फायदे
सत्तू की रोटी कई तरह से शरीर के लिए फायदेमंद होती है.
शरीर को ठंडक देती है
सत्तू की तासीर ठंडी होती है, जिससे यह शरीर को प्राकृतिक ठंडक पहुंचाती है और लू से बचाव करती है.

पाचन में मददगार
इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिससे पाचन तंत्र मजबूत रहता है और कब्ज की समस्या दूर होती है.

ऊर्जा का अच्छा स्रोत
सत्तू में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट भरपूर होते हैं, जो शरीर को दिनभर एक्टिव बनाए रखते हैं.

डिहाइड्रेशन से बचाव
गर्मियों में शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो जाता है, ऐसे में सत्तू खाने से शरीर में नमी और संतुलन बना रहता है.

बनाने की आसान विधि
सत्तू की रोटी बनाना बेहद आसान है.

सामग्री:
1 कप गेहूं का आटा
1/2 कप सत्तू
बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, धनिया
नींबू का रस
नमक और मसाले स्वादानुसार

विधि:
सबसे पहले सत्तू में प्याज, हरी मिर्च, धनिया, नमक और मसाले डालकर अच्छे से मिलाएं. इसमें थोड़ा नींबू निचोड़ दें और चाहें तो थोड़ा पानी मिलाकर मसाला तैयार करें. अब आटे की लोई बनाकर उसमें यह सत्तू भरें और हल्के हाथ से बेल लें. तवे पर सेंककर घी या तेल लगाकर गर्मागर्म रोटी तैयार करें.

खाने का सही तरीका
सत्तू की रोटी को दही, अचार या हरी चटनी के साथ खाना इसके स्वाद को और भी स्वादिष्ट बना देता है. चाहें तो इसे ठंडे मट्ठे या छाछ के साथ भी खा सकते हैं, जिससे इसका ठंडक देने वाला प्रभाव और भी बढ़ जाता है. तो इसे जरूर बनाकर ट्राई करें.



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