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आज हम सुपरफूड से बनने वाली रोटी की बात करेंगे, जो गर्मियों में किसी रामबाण नुस्खे से कम नहीं है. जी हां, इस सुपर फूड से बनी रोटी गर्मियों में आपके शरीर को अंदर से ठंडक देने का काम करती है. दअरल, यहां पर हम ज्वार की रोटी की बात कर रहे हैं. सर्दियों में लोग बाजरे की रोटी खाना पसंद करते हैं क्योंकि उसकी तासीर गर्म मानी जाती है. लेकिन गर्मियों में शरीर को ठंडक देने वाले खाने की जरूरत होती है. ऐसे में ज्वार की रोटी एक बेहतरीन विकल्प बन जाती है. इसकी तासीर ठंडी होती है, इसलिए यह शरीर की गर्मी कम करने में मदद करती है.
ज्वार में ऐसे गुण हैं जो शरीर को लंबे समय तक देते हैं ऊर्जा: ज्वार एक ऐसा अनाज है जो पेट में धीरे-धीरे पचता है. यही कारण है कि इसे खाने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती. इसमें ऐसे कार्बोहाइड्रेट होते हैं जो शरीर को धीरे-धीरे ऊर्जा देते रहते हैं. अगर आप बार-बार भूख लगने या कमजोरी महसूस होने से परेशान रहते हैं तो ज्वार की रोटी आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकती है. खास बात यह है कि यह शरीर में शुगर को भी धीरे-धीरे बढ़ाती है, इसलिए इसे खाने के बाद अचानक कमजोरी या थकान महसूस नहीं होती है.
ज्वार में होते हैं भरपूर एंटीऑक्सीडेंट: ज्वार में ऐसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. इसमें एंटीऑक्सीडेंट अच्छी मात्रा में होते हैं, जो शरीर में बनने वाले हानिकारक तत्वों से लड़ने में मदद करते हैं. ये तत्व हमारी कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने से रोकते हैं. रोजमर्रा की भागदौड़, तनाव और प्रदूषण का असर शरीर पर पड़ता है, लेकिन ज्वार जैसे पौष्टिक अनाज इन प्रभावों को कम करने में मदद कर सकते हैं. इसलिए इसे अपनी नियमित डाइट में शामिल करना फायदेमंद माना जाता है.
अगर गेहूं नही करता सूट तो ज्वार है बेहतरीन विकल्प: कई लोगों को गेहूं खाने के बाद पेट फूलना, गैस बनना या भारीपन महसूस होता है. ऐसे लोगों के लिए ज्वार की रोटी एक अच्छा विकल्प हो सकती है. ज्वार में ग्लूटेन नहीं होता, इसलिए इसे पचाना आसान माना जाता है. साथ ही इसमें मौजूद फाइबर पेट और आंतों को स्वस्थ रखने में मदद करता है. अगर किसी को गेहूं से जुड़ी परेशानी है तो डॉक्टर की सलाह लेकर ज्वार को अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है. इससे पेट हल्का रहता है और पाचन भी बेहतर होता है.
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दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद है ज्वार: ज्वार सिर्फ पेट के लिए ही नहीं बल्कि दिल के लिए भी अच्छा माना जाता है. इसमें ऐसे प्राकृतिक तत्व होते हैं जो शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकते हैं. जब खराब कोलेस्ट्रॉल कम होता है तो धमनियों में रुकावट का खतरा भी घटता है. इसके अलावा ज्वार शरीर में सूजन को कम करने में भी मदद करता है. इसलिए जो लोग अपने दिल को स्वस्थ रखना चाहते हैं, उनके लिए ज्वार की रोटी एक अच्छा और पौष्टिक विकल्प साबित हो सकती है.
ज्वार की ठंडी तासीर गर्मियों में देती है राहत: गर्मी के मौसम में शरीर में गर्मी बढ़ने से कई तरह की परेशानियां शुरू हो जाती हैं. सीने में जलन, पेट में गर्मी, चिड़चिड़ापन और ज्यादा प्यास लगना आम बात है. ज्वार की तासीर ठंडी होती है, इसलिए यह शरीर को अंदर से ठंडक देने का काम करती है. यही कारण है कि गांवों में गर्मियों के दौरान ज्वार की रोटी खूब खाई जाती है. इसे खाने से शरीर को राहत मिलती है और गर्मी का असर कुछ हद तक कम महसूस होता है.
पेट की जलन और एसिडिटी में पहुंचाती है आराम: अगर आपको अक्सर एसिडिटी, गैस या पेट में जलन की समस्या रहती है तो ज्वार की रोटी आपके लिए फायदेमंद हो सकती है. इसकी ठंडी प्रकृति पेट को शांत रखने में मदद करती है. गर्मियों में जब तला-भुना या मसालेदार खाना खाने से पेट खराब हो जाता है, तब ज्वार का सेवन राहत दे सकता है. यह पेट को हल्का रखती है और पाचन तंत्र पर ज्यादा दबाव नहीं डालती. इसलिए कई लोग इसे पेट की समस्याओं में लाभदायक मानते हैं.
त्वचा को भी फायदा पहुंचा सकती है ज्वार: गर्मियों में चेहरे पर मुंहासे, दाने और त्वचा में जलन जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं. आयुर्वेद के अनुसार इसका एक कारण शरीर में बढ़ी हुई गर्मी भी होती है. ज्वार की ठंडी तासीर शरीर को अंदर से संतुलित रखने में मदद करती है. जब शरीर स्वस्थ रहता है और पाचन सही होता है, तो इसका असर त्वचा पर भी दिखाई देता है. इसलिए ज्वार की रोटी को सिर्फ पेट के लिए ही नहीं, बल्कि त्वचा की देखभाल के लिए भी फायदेमंद माना जाता है.
लू और डिहाइड्रेशन से बचाव में मददगार: भीषण गर्मी में लू लगना, चक्कर आना और शरीर में पानी की कमी होना आम समस्या है. ऐसे समय में ज्वार की रोटी या ज्वार से बनी राबड़ी काफी फायदेमंद मानी जाती है. यह शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करती है. जब शरीर ज्यादा गर्म नहीं होता तो कमजोरी और थकान भी कम महसूस होती है. यही वजह है कि ग्रामीण इलाकों में गर्मियों के दौरान ज्वार को रोजाना के खाने का हिस्सा बनाया जाता है.
भरपूर ऊर्जा देती है ज्वार की रोटी: कई लोग सोचते हैं कि ठंडी तासीर वाला खाना शायद ताकत नहीं देता होगा, लेकिन ज्वार के साथ ऐसा नहीं है. ज्वार की रोटी शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देती है. इसे खाने के बाद पेट भारी नहीं लगता और दिनभर काम करने की ताकत बनी रहती है. खेतों में काम करने वाले लोग भी लंबे समय से ज्वार का सेवन करते आ रहे हैं. यह शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ-साथ सक्रिय बनाए रखने में भी मदद करती है.
पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है: ज्वार में अच्छी मात्रा में फाइबर पाया जाता है. यही फाइबर हमारे पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करता है. जिन लोगों को कब्ज की समस्या रहती है, उनके लिए ज्वार की रोटी फायदेमंद हो सकती है. फाइबर आंतों को साफ रखने में मदद करता है और भोजन को सही तरीके से पचाने में भी सहयोग देता है. जब पाचन अच्छा रहता है तो शरीर भी ज्यादा स्वस्थ महसूस करता है और कई छोटी-मोटी परेशानियां अपने आप कम होने लगती हैं.
डायबिटीज के मरीजों के लिए अच्छा विकल्प: डायबिटीज के मरीजों को हमेशा ऐसा खाना खाने की सलाह दी जाती है जिससे ब्लड शुगर अचानक न बढ़े. ज्वार की रोटी इस मामले में अच्छी मानी जाती है क्योंकि यह धीरे-धीरे पचती है. इससे शरीर में शुगर धीरे-धीरे पहुंचती है और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है. यही कारण है कि कई डॉक्टर और डाइटीशियन भी मोटे अनाज को डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं. हालांकि मरीजों को अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए.
वजन कम करने वालों के लिए बढ़िया विकल्प: अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं तो ज्वार की रोटी आपके लिए मददगार साबित हो सकती है. इसे खाने के बाद पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है, जिससे बार-बार कुछ खाने की इच्छा कम होती है. इसमें मौजूद फाइबर भूख को नियंत्रित रखने में मदद करता है. साथ ही यह शरीर को जरूरी ऊर्जा भी देता है. इसलिए जो लोग हेल्दी तरीके से वजन कम करना चाहते हैं, वे अपनी डाइट में ज्वार की रोटी को शामिल कर सकते हैं.