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Bilaspur News: दही और कच्चे केले की यह सब्जी गर्मी के मौसम के लिए बहुत खास मानी जाती है क्योंकि दही शरीर को ठंडक देता है और कच्चा केला फाइबर से भरपूर होता है. इसे गरमागरम रोटी या चावल के साथ परोसा जाए, तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.
बिलासपुर. छत्तीसगढ़ की पारंपरिक रसोई में गर्मी के मौसम के लिए कई ऐसे व्यंजन मिलते हैं, जो स्वाद के साथ-साथ शरीर को ठंडक भी देते हैं. दही में कच्चे केले की सब्जी ऐसी ही एक खास देसी डिश है, जो खट्टे-मसालेदार स्वाद और आसान विधि के कारण तेजी से लोगों की पसंद बन रही है. यह डिश न सिर्फ झटपट तैयार हो जाती है बल्कि गर्मी में हल्की और पचने में भी आसान मानी जाती है.
छत्तीसगढ़िया स्वाद की खास पहचान
कच्चे केले और खट्टे दही का यह अनोखा मेल छत्तीसगढ़ के घरों में बड़े चाव से बनाया जाता है. इस डिश को बनाने के लिए सबसे पहले कच्चे केलों को काटकर सुनहरा होने तक तला जाता है, जिससे उनका स्वाद और टेक्सचर बेहतर हो जाता है. इसके बाद उसी तेल में राई, जीरा, कड़ी पत्ता और हरी मिर्च का तड़का लगाया जाता है, जो इस डिश की खुशबू और स्वाद को खास बनाता है.
मसालों का संतुलन बढ़ाता है स्वाद
तड़के के बाद हल्दी, लाल मिर्च और धनिया पाउडर डालकर मसाले को हल्का भुना जाता है. फिर धीमी आंच पर फेंटा हुआ दही डालकर लगातार चलाया जाता है ताकि दही फटे नहीं और ग्रेवी स्मूद बनी रहे. उबाल आने पर तले हुए केले डालकर कुछ देर पकाया जाता है, जिससे केले मसाले का पूरा स्वाद सोख लेते हैं.
गर्मी के लिए हल्की और हेल्दी डिश
यह सब्जी गर्मी के मौसम के लिए खास मानी जाती है क्योंकि दही शरीर को ठंडक देता है और कच्चा केला फाइबर से भरपूर होता है. इसे गर्म-गर्म रोटी या चावल के साथ परोसा जाए, तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.
बनाते समय रखें खास ध्यान
दही को पहले अच्छी तरह फेंटना और डालने के बाद लगातार चलाते रहना बेहद जरूरी है ताकि दही फटे नहीं. सही तरीके से बनाई गई यह पारंपरिक छत्तीसगढ़िया डिश स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन संगम है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.