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घर पर ग्वार फली का अचार कैसे बनाएं? जानें रेसिपी और स्वाद बढ़ाने के देसी टिप्स

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Guar Phali Pickle Recipe: गर्मी के मौसम में ग्वार फली का अचार स्वाद और सेहत दोनों के लिए फायदेमंद विकल्प है. इसे घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है और इसमें किसी तरह के केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता. अचार बनाने के लिए ग्वार फली को उबालकर सुखाया जाता है और फिर मसालों व सरसों के तेल के साथ मिलाकर धूप में रखा जाता है. यह अचार लंबे समय तक सुरक्षित रहता है. फाइबर, आयरन और कैल्शियम से भरपूर ग्वार फली पाचन को बेहतर बनाती है और भोजन का स्वाद भी कई गुना बढ़ा देती है.

गर्मी के दिनों में घरों में अचार बनाने की परंपरा काफी पुरानी है और इन्हीं में से एक है ग्वार फली का अचार, जो स्वाद के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. ग्वार फली आमतौर पर सब्जी के रूप में इस्तेमाल की जाती है, लेकिन जब इसे मसालों और तेल के साथ मिलाकर अचार के रूप में तैयार किया जाता है तो इसका स्वाद अलग ही स्तर का हो जाता है. बाजार में कई तरह के अचार उपलब्ध हैं, लेकिन घर पर बनाया गया ग्वार फली का अचार न केवल अधिक स्वादिष्ट होता है, बल्कि इसमें किसी भी प्रकार के केमिकल या प्रिजर्वेटिव्स का इस्तेमाल नहीं होता. यही वजह है कि लोग इसे घर पर ही बनाने को प्राथमिकता देते हैं.

ग्वार फली का अचार बनाने की प्रक्रिया बेहद सरल है, जिसमें कम मेहनत लगती है और सामग्री भी आसानी से घर में उपलब्ध हो जाती है. सबसे पहले ग्वार फली को अच्छी तरह धोकर उसके दोनों सिरे काट लिए जाते हैं. इसके बाद इसे हल्का उबालने से इसका कड़वापन कम हो जाता है और अचार का स्वाद और भी शानदार बनता है. उबाली हुई ग्वार फली को कपड़े पर फैलाकर अच्छी तरह सुखा लेना जरूरी होता है, ताकि उसमें नमी बिल्कुल न रहे. इस प्रक्रिया के बाद मसाले मिलाने का सही समय आता है. मसालों में हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, मेथी दाना, सौंफ पाउडर और नमक का उपयोग किया जाता है, जो अचार को बेहतरीन स्वाद प्रदान करते हैं.

अचार की शेल्फ लाइफ बढ़ाने और स्वाद को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए सरसों का तेल सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. तेल को हल्का गर्म करके ठंडा किया जाता है और फिर मसालों में मिलाया जाता है. ग्वार फली को इस मसाला-तेल मिश्रण में अच्छी तरह मिलाया जाता है, ताकि हर एक फली पर मसाला अच्छे से चढ़ जाए. इसके बाद इसे एक साफ, सूखे और कांच के जार में भरकर कुछ दिनों के लिए धूप में रखा जाता है. धूप में रखने से मसाले अच्छे से पक जाते हैं और अचार का स्वाद और भी मजेदार हो जाता है. ध्यान रहे कि अचार को हमेशा सूखे चम्मच से ही निकालें, ताकि इसमें नमी न जाए.

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ग्वार फली का यह पारंपरिक अचार न केवल स्वाद के लिए, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक माना जाता है. ग्वार फली में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिससे पाचन क्रिया बेहतर होती है. इसके अलावा इसमें मौजूद विटामिन, आयरन और कैल्शियम शरीर को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. घर में बना अचार शरीर को आवश्यक पोषक तत्व भी देता है, क्योंकि इसमें बाजार में मिलने वाले पैकेट अचारों की तरह अत्यधिक तेल, नमक और केमिकल्स का उपयोग नहीं किया जाता. भोजन के साथ थोड़ा सा ग्वार फली का अचार खाने से खाने का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है और खाने की प्लेट में एक अलग रौनक भी आ जाती है.

आजकल की व्यस्त दिनचर्या में लोग कम मेहनत में स्वादिष्ट और सुरक्षित घरेलू खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देते हैं, और ग्वार फली का यह अचार बिल्कुल इसी जरूरत को पूरा करता है. यह अचार महीनों तक खराब नहीं होता और हर मौसम में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है. चाहे दाल-चावल हो, रोटी-सब्जी या फिर पराठे ग्वार फली का अचार हर भोजन के साथ शानदार मेल बैठाता है. इसकी तैयारी में ज्यादा समय नहीं लगता और इसकी सामग्री भी आसानी से उपलब्ध हो जाती है. यही कारण है कि यह अचार घर-घर में पसंद किया जाता है और हर बार खाने के साथ बेहतरीन स्वाद का अनुभव करवाता है.



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