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Famous Bihari Sattu Recipe: राजस्थान के अलवर सहित ग्रामीण इलाकों में भीषण गर्मी में लोग कोल्ड ड्रिंक छोड़ जौ का सत्तू पी रहे हैं, यह शरीर को ठंडक देकर लू और डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद कर रहा है. सत्तू का सेवन करने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और पसीने से होने वाली कमजोरी भी कम महसूस होती है. यही वजह है कि भीषण गर्मी के बीच यह पेय धीरे-धीरे लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है.
Best Summer Season Drink: अलवर जिले सहित पूरे राजस्थान में इन दिनों भीषण गर्मी का असर साफ देखने को मिल रहा है. ऐसे में हर कोई राहत और बचाव के तरीके तलाश रहा है. गर्मी के मौसम में सबसे बड़ी समस्या बार-बार प्यास लगने और शरीर में पानी की कमी की होती है. इसी वजह से लोग खान-पान में खास सावधानी बरतते हैं और ठंडी व सेहतमंद चीजों को प्राथमिकता देते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में लोग गर्मी से राहत पाने के लिए पारंपरिक पेय पदार्थों की ओर फिर से लौट रहे हैं. लोग अब शरीर को नुकसान पहुंचाने वाली कोल्ड ड्रिंक छोड़कर जौ को भूनकर धानी बनाते हैं और उसे चक्की से पिसवाकर सत्तू तैयार कर रहे हैं, जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है.
शरीर के लिए फायदेमंद है सत्तू
ग्रामीण इलाकों में जैसे ही गर्मी का असर बढ़ता है, लोग ठंडा सत्तू बनाकर पीना शुरू कर देते हैं, जो शरीर को तुरंत ठंडक देता है. खास बात यह है कि अब कई लोग बाजार में मिलने वाली कोल्ड ड्रिंक की बजाय सत्तू का पानी पीना ज्यादा पसंद कर रहे हैं. सत्तू ठंडा तासीर वाला होता है, जिससे शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और लू लगने का खतरा कम हो जाता है. इसके अलावा सत्तू का सेवन करने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और पसीने से होने वाली कमजोरी भी कम महसूस होती है. यही वजह है कि भीषण गर्मी के बीच यह पेय धीरे-धीरे लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है.
घर पर ऐसे तैयार करें जौ का सत्तू
अलवर जिले में किसानों ने अपने खेतों से जौ की फसल निकाल ली है. इसके बाद जौ को भाड़ में भूनकर धानी बनाई जाती है. फिर इस धानी को चक्की में आटे की तरह पिसवाया जाता है, लेकिन ध्यान रखा जाता है कि इसे ज्यादा बारीक न पिसा जाए. इस प्रक्रिया के बाद सत्तू तैयार हो जाता है. सत्तू बनाने के बाद इसमें ठंडा पानी, चीनी और बर्फ मिलाकर अच्छी तरह घोल तैयार किया जाता है. जब यह मिश्रण पूरी तरह पानी में घुल जाता है, तब इसे पिया जाता है. गांवों में लोग इस देसी पेय को बड़े चाव से पीते हैं और इसे गर्मी से बचाव का आसान और असरदार तरीका मानते हैं.
गर्मी बढ़ने के साथ सत्तू की मांग भी लगातार बढ़ रही है. अब इसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ गई है कि शहरों के बाजारों में भी सत्तू की बिक्री होने लगी है. बुजुर्गों का मानना है कि सत्तू शरीर में शीतलता बनाए रखता है और गर्मी से बचाने में मदद करता है. अलवर जिले में गेहूं और जौ की खेती बड़े पैमाने पर होती है. फसल कटाई के बाद किसान गेहूं की तरह जौ को भी अपने घरों में सुरक्षित रखते हैं और उससे सत्तू तैयार करते हैं, जिससे यह पारंपरिक पेय आज भी लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बना हुआ है.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें