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Chhatarpur Top 5 Local Street Foods: मौसम जब बरसात का हो, तो फिर चटपटा खाने का मन हो ही जाता है. ऐसे में आज हम आपको मध्य प्रदेश के छतरपुर के वो देसी फूड बताने जा रहे हैं, जिनकी जिले में बरसात के मौसम में सबसे ज्यादा डिमांड रहती है. आइए जानते हैं
बारिश की हल्की रिमझिम फुहारें हों और साथ में कड़क चाय का कुल्हड़ तो मन सिर्फ गरमा-गरम और क्रिस्पी पकौड़े खाने का ही करता है. छतरपुर जिले में ब्रेड पकोड़ा, आलू-बेसन और पनीर पकौड़ा सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं. पकौड़े मुख्य रूप से आलू, प्याज, बेसन और मसालों के बनते हैं. इन्हें विभिन्न सब्जियों, पनीर या अन्य चीज़ों को बेसन के घोल में लपेटकर तेल में तला जाता है.
छतरपुर जिले में समोसा जिसे 12 महीने खाना पसंद किया जाता है. यहां के समोसे की खास बात होती है कि ये समोसे मिट्टी के चूल्हे पर बनाए जाते हैं, जिसकी वजह से इसका स्वाद और भी खास हो जाता है. छतरपुर में जगह-जगह स्वादिष्ट समोसा खाने को मिल जाएगा, जिसकी कीमत सिर्फ पांच रुपये होती है.
अगर आप इस बारिश में सुबह-शाम हल्का नाश्ता करना चाहते हैं तो मूंगदाल की मंगोड़ी खा सकते हैं. सुबह नाश्ते के तौर पर सबसे ज्यादा मंगोड़ी खाई जाती है. ये मूंग दाल से बनी होती है इसलिए इसकी डिमांड बारिश के सीजन में और बढ़ जाती है.
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छतरपुर में समोसे और मंगोड़ी के बाद आलू टिक्की और चाट सबसे ज्यादा पसंद की जाती है. छतरपुर में शाम के समय चाट खूब खाई जाती है. हालांकि बरसात के मौसम में जब हल्की-हल्की बौछारें पड़ रही होती हैं, तो स्वाद के शौकीन दिन से ही खट्टी-मीठी चाट का आनंद लेने लग जाते हैं.
पलाश (छ्योल) के पत्तों से बना दोना इस चाट के स्वाद को और भी लाजवाब बनाता है. लोग इसी दोने में चाट खाना पसंद करते हैं. इस पेड़ के पत्तों पर खाने का स्वाद खुद-ब-खुद बढ़ जाता है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लोग दोने में आलू टिक्की को चाट-चाट कर खा जाते हैं.
छतरपुर में पानीपूरी की डिमांड हमेशा रहती है. यहां की क्षेत्रीय भाषा में इसे टिकिया कहा जाता है. इस फूड को बच्चों से लेकर जवान और बुजुर्ग तक खाना पसंद करते हैं. आपको 10 रुपये में पांच गोलगप्पे मिल जाएंगे. अलग-अलग फ्लेवर के आपको 20 रुपये खर्च करने होंगे. पानीपूरी बाकी स्ट्रीट फूड की तुलना में हल्की होती है, इसलिए इसे काफी पसंद किया जाता है.
अब बात करते हैं फिंगर की, जिसे नई पीढ़ी के युवा सबसे ज्यादा खाना पसंद करते हैं. ये स्वादिष्ट फिंगर आलू से बनाए जाते हैं. हालांकि यह ऑइली फूड होता है लेकिन इसका स्वाद भी बरसात के मौसम में लाजवाब होता है. चटपटी चटनी के साथ फिंगर खाने वाले लोगों की लाइन लगती है. छतरपुर में फिंगर आपको 10 रुपये में मिल जाएंगे.
युवा में फिंगर और चाऊमीन का क्रेज में बढ़ता जा रहा है. इस फूड को युवाओं के साथ बच्चे भी खाना पसंद करते हैं. ज्यादातर जगहों पर इसकी दुकान लगती है. जहां स्वादिष्ट चाऊमीन सर्व की जाती है. मिर्च की तीखी चटनी इसके स्वाद को और भी बढ़ा देती है.
अब बात करते हैं मोमो की, जिसे युवा पीढ़ी सबसे ज्यादा खाना पसंद करती है. युवा पीढ़ी भले ही चाट-समोसा न खाए लेकिन फिंगर और मोमो खाए बिना रह नहीं सकती. इस फूड को युवाओं के साथ बच्चे भी खाना पसंद करते हैं. ज्यादातर जगहों पर स्टीम और फ्राइड मोमो सर्व किए जाते हैं.