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Jalebi And Imarti Difference: जलेबी और इमरती देखने में भले ही एक जैसी लगती हों, लेकिन दोनों मिठाइयों के स्वाद, बनावट और बनाने के तरीके में बड़ा अंतर है. जलेबी जहां मैदा से तैयार होकर पतली, कुरकुरी और हल्की खट्टी-मीठी होती है, वहीं इमरती उड़द की दाल से बनती है और मोटी, फूल जैसी बनावट के साथ ज्यादा रसीली होती है. चाशनी में डूबने के बाद दोनों का स्वाद और भी खास हो जाता है. यही वजह है कि कई लोग दोनों को एक समझने की गलती करते हैं, जबकि सामग्री से लेकर आकार और स्वाद तक दोनों की अपनी अलग पहचान है.
जलेबी और इमरती, लगभग एक जैसी दिखती हैं. अक्सर लोग खासकर बच्चे दोनों में अंतर नहीं कर पाते. जबकि वास्तव में इनके स्वाद, बनावट और बनाने के तरीके में बहुत फर्क होता है. ये दो बेहद अलग-अलग मिठाइयां हैं. त्योहारों और दुकानों पर साथ मिलने के कारण लोग इन्हें एक ही समझ लेते हैं, लेकिन इनके बीच कई साफ अंतर हैं. ये अंतर सामग्री से लेकर, बनाने के तरीके और अंत में स्वाद में साफ दिखता है पर रेसिपी के कई चरण एक जैसे भी हैं. जानते हैं दोनों का अंतर.
जलेबी पतली और एक समान लच्छों में बनाई जाती है, जिसे गोल सर्पिल आकार में घुमाया जाता है. तलने के बाद यह बाहर से कुरकुरी और अंदर से रसीली होती है. वहीं, इमरती मोटी और फूल जैसी दिखती है, जिसके बीच में एक बड़ा छेद और चारों तरफ 8-10 छोटी गोलाकार डिजाइन होती हैं. इमरती जलेबी की तुलना में अधिक फूली हुई और मोटी होती है. जलेबी अंदर से मुलायम होती है पर इमरती अंदर-बाहर दोनों से थोड़ी सख्त होती है.
जलेबी मैदा से बनती है. मैदा को दही या खमीर के साथ 6-8 घंटे तक खमीर उठाकर घोल तैयार किया जाता है. इसके उल्टे, इमरती उड़द की दाल से बनती है. उड़द दाल को पीसकर उसका गाढ़ा और चिकना घोल बनाया जाता है. इसमें बेकिंग सोडा नहीं डाला जाता, बल्कि फेंटकर हवा भरी जाती है, जिससे यह फूलती है.
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जलेबी खाने में बहुत हल्की सी खट्टी और मीठी, साथ ही कुरकुरी होती है, क्योंकि यह मैदा और खमीर से बनती है. इमरती का स्वाद ज्यादा मीठा और अंदर से रसभरा होता है. उड़द दाल की वजह से इसका स्वाद जलेबी से बिल्कुल अलग लगता है. इन्हें पसंद करने वालों की कैटेगरी भी अलग है. कोई जलेबी का फैन होता है कोई इमरती का. जलेबी जहां खासतौर पर सुबह के समय हलवाइयों की दुकान पर बनती है और गर्म ही पसंद की जाती है. वहीं इमरती शाम को भी तैयार होती है और कई बार गर्म न भी हो तो भी लोग खरीदकर ले जाते हैं और चाव से खाते हैं.
दोनों को गर्म चाशनी में डुबोया जाता है, लेकिन इमरती चाशनी को ज्यादा देर तक सोखती है, इसलिए अधिक रसीली लगती है. जलेबी नाश्ते और दही के साथ खाई जाती है, जबकि इमरती को ज्यादातर पूजा-पाठ और त्योहारों पर खास मिठाई के रूप में बनाया जाता है. संक्षेप में, जलेबी मैदा की पतली-कुरकुरी मिठाई है और इमरती उड़द दाल की मोटी-नरम मिठाई है.