भारत और जिम्बाब्वे T20I सीरीज में भिड़ने के लिए तैयार हैं। 23 जुलाई से 3 मैचों की T20I सीरीज का आगाज होने जा रहा है, जिसमें श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम इंडिया के सामने जीत का खाता खोलने की चुनौती होगी। टीम इंडिया लगभग एक महीने से विदेशी धरती पर खेल रही है और टीम को लगातार असफलता का सामना करना पड़ रहा है। पहले टीम इंडिया को आयरलैंड के हाथों 2 मैचों की T20I सीरीज में 0-2 से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। फिर इंग्लैंड के घर में 5 मैचों की T20I सीरीज में भारतीय टीम को 0-4 से हार मिली। यही नहीं, 3 मैचों की ODI सीरीज में भी इंग्लैंड ने भारतीय टीम को 2-1 से मात दी। अब टीम इंडिया के सामने विदेशी धरती पर लगातार चौथी सीरीज में हार टालने की चुनौती होगी।
तीन मैचों की T20I सीरीज से पहले कप्तान श्रेयस अय्यर ने साफ कर दिया कि टीम अब अतीत में नहीं जीना चाहती। उनका मानना है कि खिलाड़ियों को बिना किसी डर के मैदान पर उतरना होगा, क्योंकि असफलता का भय ही प्रदर्शन पर सबसे बड़ा असर डालता है।
हरारे में पहले T20I मुकाबले की पूर्व संध्या पर अय्यर ने कहा कि इंग्लैंड दौरा टीम के लिए कठिन जरूर रहा, लेकिन उससे कई अहम सीख भी मिली हैं। उनके मुताबिक टीम को अब यह अच्छी तरह समझ आ गया है कि आगे बढ़ने के लिए किस तरह की मानसिकता, परिस्थितियों के अनुसार ढलने की क्षमता और मैच के दौरान बेहतर निर्णय लेने की जरूरत होगी। यह इंग्लैंड और आयरलैंड दौरा बतौर कप्तान श्रेयस अय्यर का पहला विदेशी असाइनमेंट भी था। हालांकि, नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, लेकिन उन्होंने कहा कि इन अनुभवों ने पूरी टीम को पहले से ज्यादा मजबूत और एकजुट बनाया है।
असफलता का डर नहीं होना चाहिए
श्रेयस अय्यर ने खास तौर पर युवा खिलाड़ियों को आत्मविश्वास के साथ खेलने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि खिलाड़ी असफल होने के डर के साथ मैदान में उतरते हैं तो वे अपना स्वाभाविक खेल नहीं खेल पाते। उन्होंने कहा कि जब आपके मन में असफलता का डर होता है तो आप खुद को बचाने के लिए खेलते हैं। लेकिन जब यह डर खत्म हो जाता है, तभी आप अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रदर्शन कर सकते हैं। अय्यर ने यह भी कहा कि टीम को बाहरी आलोचनाओं पर ध्यान देने के बजाय वर्तमान पर फोकस करना चाहिए। उनके अनुसार, अगर खिलाड़ी एकजुट होकर अच्छा क्रिकेट खेलेंगे तो परिणाम अपनेआप बेहतर होंगे।
भारतीय टीम इंग्लैंड से सीधे जिम्बाब्वे पहुंची है और पहले मुकाबले से पहले उसे केवल एक अभ्यास सत्र ही मिला। अय्यर ने स्वीकार किया कि इतने कम समय में नई परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि हम कल यहां पहुंचे, आज अभ्यास किया और कल मैच है। यह चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करना अलग ही संतुष्टि देता है।
जिम्बाब्वे को हल्के में नहीं लेना चाहते अय्यर
कप्तान ने बताया कि टीम में कई खिलाड़ी पहली बार जिम्बाब्वे में खेल रहे हैं। ऐसे में जो टीम जल्दी परिस्थितियों को समझेगी, उसके सफल होने की संभावना भी उतनी ही अधिक होगी। भारतीय कप्तान ने मेजबान जिम्बाब्वे की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह टीम काफी प्रतिस्पर्धी है और उसके कई खिलाड़ियों को IPL खेलने का अनुभव भी है, जिससे वे मुकाबलों को कड़ा बना सकते हैं।
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