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Alsi ki Chutney: बारिश के दिनों में बदलते मौसम के साथ अक्सर इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है और खान-पान में जरा सी लापरवाही सेहत बिगाड़ सकती है. अगर आप भी इस सुहावने मौसम में बिना पेट खराब किए कुछ बेहद लजीज, चटपटा और सुपरहेल्दी खाना चाहते हैं, तो ‘अलसी की चटनी’ आपकी थाली के लिए सबसे मुफीद विकल्प है. ओमेगा-3 और फाइबर से भरपूर यह देसी चटनी न केवल खाने का जायका दोगुना करती है, बल्कि आपको मौसमी दिक्कतों से भी दूर रखती है.
बरसात का मौसम आते ही खान-पान में थोड़ी सावधानी बरतना जरूरी हो जाता है. इस मौसम में बाहर का तला-भुना और ज्यादा मसालेदार खाना स्वाद तो देता है, लेकिन सेहत के लिए परेशानी भी खड़ी कर सकता है. ऐसे में अगर आप घर के खाने के साथ कुछ ऐसा जोड़ना चाहते हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भी हो तो अलसी की चटनी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है.
दरअसल रायबरेली जिले के जीआईसी कॉलेज के गृह विज्ञान के प्रवक्ता अरविंद कुमार लोकल 18 से बात करते हुए बताते हैं कि अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसे भूनकर तैयार की गई चटनी रोटी, पराठे, दाल-चावल या खिचड़ी के साथ खाई जा सकती है. खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय और सामग्री भी नहीं लगती.
अलसी की चटनी बनाने के लिए सबसे पहले एक कप अलसी के बीज लें. इन्हें साफ करके धीमी आंच पर कड़ाही में हल्का भून लें. अलसी को लगातार चलाते रहें ताकि बीज जलें नहीं. जब इनमें हल्की खुशबू आने लगे और बीज चटकने लगें तो गैस बंद कर दें. अब इन्हें पूरी तरह ठंडा होने दें.
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इसके बाद भुनी हुई अलसी को मिक्सर में डालें. इसमें स्वाद के अनुसार हरी या सूखी लाल मिर्च, थोड़ा सा भुना हुआ जीरा, लहसुन की एक-दो कलियां और नमक डाल सकते हैं. सभी चीजों को दरदरा पीस लें. चटनी को ज्यादा महीन पीसने की जरूरत नहीं है, दरदरी चटनी का स्वाद ज्यादा अच्छा लगता है.
अगर आपको चटनी में खट्टा स्वाद पसंद है तो इसमें थोड़ा अमचूर पाउडर डाल सकते हैं. चाहें तो कुछ बूंद नींबू का रस भी मिलाया जा सकता है. हालांकि नींबू या अन्य ताजी सामग्री मिलाने के बाद चटनी को लंबे समय तक स्टोर करने के बजाय ताजा ही खाना बेहतर रहता है.
बरसात के मौसम में लोग अक्सर चटपटा और मसालेदार खाने की ओर आकर्षित होते हैं. ऐसे में घर पर तैयार अलसी की चटनी स्वाद की इच्छा को पूरा करने का एक आसान विकल्प है. अलसी में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र के लिए उपयोगी माना जाता है, जबकि इसमें पाए जाने वाले पौधों से मिलने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड भी आहार का पौष्टिक हिस्सा हो सकते हैं.
बरसात में अलसी की चटनी बनाते समय कुछ छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है. अलसी को हमेशा अच्छी तरह साफ करके ही भूनें. इसे तेज आंच पर न भूनें, वरना इसका स्वाद कड़वा हो सकता है. चटनी को सूखे और साफ एयरटाइट डिब्बे में रखें. अगर इसमें पानी, नींबू का रस या कोई ताजी सामग्री मिलाई है तो इसे फ्रिज में रखकर जल्दी इस्तेमाल करें.