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Rajasthani Food In Delhi: दिल्ली में राजस्थानी खाने का स्वाद लेना है तो बीकानेर हाउस आ सकते हैं. यहां 24 अगस्त तक राजस्थानी फूड फेस्टिवल चल रहा है. दाल-बाटी-चूरमा, प्याज कचौड़ी, घेवर जैसे कई व्यंजन चखे जा सकते हैं. एंट्री फ्री है.

दिल्ली. दिल्ली में अगर आपको राजस्थान के देसी खाने का स्वाद चखना है, तो इन दिनों बीकानेर हाउस एक अच्छा ठिकाना बना हुआ है. पंडारा रोड स्थित बीकानेर हाउस में चल रहे उत्सव के दौरान यहां खास तौर पर राजस्थानी खान-पान पर फोकस किया गया है. 24 अगस्त तक चलने वाले इस आयोजन में सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक पहुंचकर राजस्थानी खाने का स्वाद लिया जा सकता है. सबसे अच्छी बात यह है कि यहां आने के लिए किसी तरह की एंट्री फीस नहीं है.

दाल-बाटी-चूरमा से लेकर कई देसी जायके
राजस्थानी खाने की बात हो और दाल-बाटी-चूरमा का नाम न आए, ऐसा तो हो ही नहीं सकता. यहां राजस्थानी खाने के पारंपरिक स्वाद को करीब से महसूस करने का मौका मिल रहा है. घी से सजी बाटी, दाल और मीठा चूरमा राजस्थान के सबसे पसंद किए जाने वाले कॉम्बिनेशन में शामिल हैं.

इसके अलावा राजस्थान की मशहूर प्याज कचौड़ी, मिर्ची बड़ा, बाजरे की रोटी और लहसुन की चटनी जैसे जायके भी इस फूड फेस्टिवल की खासियत हैं. राजस्थानी खाने में मसालों और देसी घी का इस्तेमाल इसे बाकी खाने से अलग स्वाद देता है.

सब्जियों में भी मिलेगा राजस्थानी ट्विस्ट
अगर आप सब्जियों में कुछ अलग ट्राय करना चाहते हैं, तो गट्टे की सब्जी और केर-सांगरी जैसे पारंपरिक व्यंजन खास आकर्षण हैं. राजस्थान में पानी और हरी सब्जियों की कमी ने वहां की पारंपरिक रसोई को एक अलग पहचान दी है. यही वजह है कि यहां कम पानी में बनने वाले और लंबे समय तक टिकने वाले कई व्यंजन देखने को मिलते हैं.

मीठे में घेवर और राजस्थानी मिठाइयां
खाने के बाद मीठे की बात हो तो राजस्थानी घेवर को कैसे भूल सकते हैं. खासतौर पर सावन-तीज के मौसम में घेवर की डिमांड बढ़ जाती है. इसके अलावा राजस्थानी मिठाइयों और पारंपरिक मीठे व्यंजनों का स्वाद भी यहां लिया जा सकता है.

एंट्री फ्री, सुबह से रात तक फूड का मजा
बीकानेर हाउस का यह आयोजन 15 से 24 अगस्त तक चल रहा है. टाइमिंग सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक है और एंट्री बिल्कुल फ्री है. हालांकि खाने की चीजों के रेट अलग-अलग हैं और आयोजन स्थल पर डिश के हिसाब से भुगतान करना होगा. इसलिए अगर आपका प्लान सिर्फ घूमने का नहीं, बल्कि राजस्थान के खाने का स्वाद लेने का है, तो दोपहर से शाम के बीच यहां पहुंचकर कई तरह के राजस्थानी व्यंजन ट्राय किए जा सकते हैं.

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Raina Shukla

Raina Shukla is an experienced journalist and content professional with nearly two decades of experience in print and digital media. She holds a Master’s degree in Mass Communication and Journalism from Bundelk…

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