मध्यप्रदेश के निमाड़ अंचल की पहचान सिर्फ उसकी बोली, संस्कृति और परंपराओं से ही नहीं, बल्कि यहां के अनोखे और स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड से भी है. इन्हीं में से एक है ‘दाल पकवान’, जिसे लोग प्यार से ‘निमाड़ी पिज़्ज़ा’ भी कहते हैं. इसका स्वाद ऐसा होता है कि एक बार खाने वाला बार-बार यहां खिंचा चला आता है. खंडवा शहर के विट्ठल मंदिर के पास पिछले 32 सालों से एक बाप-बेटे की जोड़ी इस खास व्यंजन को लोगों तक पहुंचा रही है. राजेंद्र सेनी और उनके बेटे ललित सेनी ने अपने स्वाद और मेहनत से इस देसी डिश को एक अलग पहचान दिलाई है.
यहां मात्र 20 रुपए में मिलने वाला दाल पकवान न सिर्फ सस्ता है, बल्कि स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल भी है. कुरकुरे पकवान के ऊपर डाली जाने वाली गरमा गरम मसालेदार दाल, उस पर बारीक कटा प्याज, घर का बना अचार और मीठी-खट्टी सेव का तड़का- यह सब मिलकर इसे एक परफेक्ट देसी ‘पिज़्जा’ बना देते हैं. इसे खाने के बाद न सिर्फ स्वाद का मजा मिलता है, बल्कि पेट भी भर जाता है.
32 साल की मेहनत, स्वाद वही बरकरार
ललित सेनी बताते हैं कि यह काम उन्हें उनके पिता से विरासत में मिला है. उनके पिता राजेंद्र सेनी ने वर्षों पहले एक छोटे से ठेले से इसकी शुरुआत की थी. दिन-रात की मेहनत और ग्राहकों का भरोसा जीतते-जीतते आज यह ठेला खंडवा में एक पहचान बन चुका है.
वे बताते हैं कि उनके यहां रोजाना 500 से 600 प्लेट तक दाल पकवान बिक जाता है. कई बार तो दोपहर होने से पहले ही पूरा सामान खत्म हो जाता है. इसका सबसे बड़ा कारण है- सालों से एक जैसा बना हुआ स्वाद और क्वालिटी, जिसमें कभी कोई समझौता नहीं किया गया.
परंपरा में नया ट्विस्ट
राजेंद्र सेनी बताते हैं कि उन्होंने पुराने पारंपरिक दाल पकवान में थोड़ा बदलाव करते हुए उसमें अचार, प्याज और खास मसालों का तड़का जोड़ा. इसी छोटे से बदलाव ने इस डिश को और ज्यादा स्वादिष्ट बना दिया. आज यह सिर्फ एक स्नैक नहीं, बल्कि एक फूल मील जैसा अनुभव देता है. इस ठेले की खास बात यह भी है कि यह सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि कई लोगों की रोजी-रोटी का सहारा है. इस काम से 6 से 7 लोगों को रोजगार मिल रहा है. यानी यह छोटा सा ठेला कई घरों की आजीविका चला रहा है.
तीन पीढ़ियों की विरासत
ललित सेनी बताते हैं कि उनके दादा से शुरू हुआ यह काम आज तीसरी पीढ़ी तक पहुंच चुका है. यह सिर्फ एक व्यवसाय नहीं, बल्कि उनकी पहचान बन चुका है. वे इसे गर्व के साथ आगे बढ़ा रहे हैं और आने वाले समय में इसे और बड़े स्तर पर ले जाने की योजना भी बना रहे हैं.
क्यों खास है यह ‘निमाड़ी पिज़्ज़ा’
कम कीमत में पेट भर जाता है
स्वाद और सेहत का बेहतरीन संतुलन
पारंपरिक रेसिपी में आधुनिक ट्विस्ट
सालों से एक जैसा भरोसेमंद स्वाद
निमाड़ का यह देसी ‘पिज़्ज़ा’ आज भी अपनी सादगी, किफायती कीमत और लाजवाब स्वाद के दम पर लोगों के दिलों पर राज कर रहा है. यह सिर्फ एक स्ट्रीट फूड नहीं, बल्कि मेहनत, परंपरा और स्वाद की ऐसी कहानी है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती जा रही है.