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Mewat Famous Seemi Recipe: अलवर जिले के मेवात क्षेत्र में बरसात के मौसम और त्योहारों के दौरान पारंपरिक सेवइयां, जिन्हें स्थानीय भाषा में ‘सीमी’ कहा जाता है, बनाने का काम जोर-शोर से चल रहा है. महिलाएं गेहूं का आटा लेकर मशीन के माध्यम से ताजा सेवइयां तैयार करवा रही हैं. तैयार सेवइयों को रस्सियों पर फैलाकर धूप में सुखाया जाता है और बाद में घरों में उपयोग के लिए सुरक्षित रखा जाता है. मेवात की सीमी अपने खास स्वाद के लिए प्रसिद्ध है. इन्हें मीठा, नमकीन और दूध के साथ बनाकर खाया जाता है. यह परंपरा आज भी ग्रामीण संस्कृति का अहम हिस्सा बनी हुई है.

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अलवर. राजस्थान के अलवर जिले में इन दिनों विभिन्न क्षेत्रों में महिलाएं पारंपरिक सेवइयां, जिन्हें स्थानीय भाषा में ‘सीमी’ कहा जाता है, बनाने में व्यस्त हैं. मेवात क्षेत्र की ‘सीमी’ विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जो अपने स्वाद के लिए जानी जाती है. बरसात के मौसम में इन सेवइयों को मीठी, नमकीन तथा दूध के साथ बनाकर बड़े चाव से खाया जाता है. महिलाएं देसी तरीके से मशीन के माध्यम से सेवइयों को तैयार कर रही हैं. इस दौरान ‘सीमी’ को रस्सियों पर फैलाकर सुखाने काम किया जा रहा है. महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही है सेवइयां बाजार के लिए नहीं बल्कि खुद के लिए तैयार करवा रही हैं.

सेवइयां बनाने वाली महिला ने बताया कि रमजान माह से शुरू होकर रक्षाबंधन तक सेवइयां बनाने का पारंपरिक कारोबार चलता है. इस दौरान मशीन पर सेवइयां बनाने के लिए आसपास के ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं सेवइयां बनवाने के लिए आती हैं. महिलाएं अपने साथ गेहूं का आटा लेकर पहुंचती हैं, जो सेवइयां बनाने वाले को ₹10 प्रति किलो आटा की मजदूरी देकर ताजा सेवइयां तैयार करवाती हैं. ऐसे में बड़ी संख्या में महिलाएं अपने घर के लिए सेवइयां तैयार करवा रही हैं. जिन्हें खुले वातावरण में रस्सियों पर सुखाकर पैक किया जा रहा है. वहीं जिन ग्राहकों के पास आटा या मैदा नहीं होता, उन्हें तैयार सेवइयां भी उपलब्ध कराई जाती है. त्योहारों और पारिवारिक आयोजनों के दौरान इनकी मांग बढ़ जाती है.

5 वर्षो से बना रही हैं अलग-अलग वैरायटी के सेवइयां

सेवइयां बनाने वाली महिलाओ ने बताया कि पिछले पांच वर्षों से सेवइयां (सीमी) बनाने का काम कर रही हैं. महिलाएं अपने घर से आटा लेकर आती हैं और उनकी मशीन से सेवइयां तैयार करवाती हैं, जिसके बदले निर्धारित शुल्क लिया जाता है. तैयार की गई सेवइयों को पहले धूप में अच्छी तरह सुखाया जाता है. एक-दो घंटे तक सूखने के बाद उन्हें पैक कर घर ले जाया जा सकता है. उन्होंने बताया कि सेवइयों को खाने से पहले मिट्टी के बर्तन में तेज आंच पर अच्छी तरह भूनना पड़ता है. इसके बाद इन्हें मीठा, नमकीन या दूध के साथ बनाकर स्वादपूर्वक खाया जा सकता है.

ऐसे बनाकर खा सकते हैं सेवइयां

मेवात में आटे से बनी सेवइयां को लोग स्वाद अनुसार खाते हैं. मीठी सेवइयां बनाने के लिए एक बर्तन में अच्छे तरीके से पानी को उबाल लें. उसके बाद जब पानी तेज उबलने लगे तो उसमें सेवइयां को डाल दें. उसके बाद बारीक छलना में उनको डाले और ताकि पानी निकल जाए. उसके बाद जब सेवइयां ठंडा हो जाए तो उसमें मीठा बुरा और घी डालकर खा सकते हैं.

ऐसे बना सकते हैं नमकीन सेवइयां

नमकीन सेवइयां बनाने के लिए सबसे पहले मसालों को तेज आंच पर अच्छी तरह भून लिया जाता है. इसके बाद आवश्यकता अनुसार पानी डालकर उसे उबालने के लिए छोड़ दिया जाता है. जब पानी अच्छी तरह उबलने लगे, तब उसमें सेवइयां डाल दी जाती हैं. कुछ देर पकाने के बाद जैसे ही पानी पूरी तरह सूख जाता है, नमकीन सेवइयां तैयार हो जाती है. इसके बाद इन्हें गरमा-गरम परोसा और स्वाद लेकर खाया जा सकता है.

ऐसे बनाएं दूध वाली मीठी सेवइयां

दूध वाली मीठी सेवइयां बनाने के लिए सबसे पहले दूध को तेज आंच पर अच्छी तरह उबाल लिया जाता है. इसके बाद स्वादानुसार चीनी डालकर उसे पूरी तरह घुलने तक पकाया जाता है. जब दूध और चीनी का मिश्रण अच्छी तरह तैयार हो जाए, तब उसमें सेवइयां डाल दी जाती हैं. इसके बाद धीमी आंच पर कुछ देर पकाने से सेवइयां दूध में अच्छी तरह गल जाती हैं और स्वादिष्ट मीठी सेवइयां तैयार हो जाती है. महिला ने अस्थाई दुकान में इंजन के साथ सेवइयां बनाने वाली मशीन लगा रखी है. जिसमें आटा को गूंद कर मशीन में डाला जाता है और बारीक बारीक सेवइयां बनकर बाहर निकलते जाती है.

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deep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें



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