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अगर आप पुष्कर की धार्मिक यात्रा के साथ स्थानीय खानपान का असली स्वाद लेना चाहते हैं तो हलवाई गली आपके लिए एक बेहतरीन जगह है. पुष्कर की हलवाई गली पूरे दिन गरमा-गरम मालपुओं की मिठास और देसी घी की खुशबू से महकती रहती है. मालपुआ के साथ रबड़ी और अन्य पारंपरिक मिठाइयों का स्वाद लेने के लिए अजमेर ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं. बारिश के दिनों में यहां लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है.
अजमेर. अगर आप पुष्कर आ रहे हैं तो यहां की हलवाई वाली गली का रूख जरूर करें. यह गली पूरे दिन गरमा-गरम मालपुओं की मिठास और देसी घी की खुशबू से महकती है. मालपुआ के साथ रबड़ी और अन्य पारंपरिक मिठाइयों का स्वाद लेने के लिए अजमेर ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं. मानसून के दौरान पुष्कर की हलवाई गली का नजारा और भी खास हो जाता है
विदेशों से आए सैलानी भी मालपुआ चखने आते हैं
कारोबारी उमेश चंद्र पाराशर आगे बताते हैं कि उनके पूर्वजों ने इस गली में मालपुए बनाना शुरू किया था और आज भी उसी अंदाज़ में ये मिठास लोगों के दिलों तक पहुंच रही है. पुष्कर के प्रसिद्ध रबड़ी मालपुआ बनाने के लिए सबसे पहले फुल क्रीम दूध को उबालकर गाढ़ा किया जाता है. इस गाढ़े दूध में मैदा मिलाकर घोल तैयार करते हैं, जिसे देसी घी में जालीदार तला जाता है. इसके बाद इन्हें हल्की गर्म एक-तार की चाशनी में डुबोकर, पिस्ता और बादाम से सजाकर परोसा जाता है. देश ही नहीं, विदेशों से आए सैलानी भी यहां मालपुआ चखने आते हैं और कुछ तो इसे पैक कर अपने देश तक ले जाते हैं.
धार्मिक यात्रा के साथ खानपान के लिए बेहतरीन जगह
कैसे पहुंचे पुष्कर ?
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दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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