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Dehradun News: सुहावने मौसम और हल्की बरसात में अगर देहरादून में कुछ सबसे खास लगता है तो वह है यहां का मशहूर बन-टिक्की का स्वाद. वेस्टर्न बर्गर के दौर में भी दूनवासियों और यहां आने वाले पर्यटकों के दिलों पर देशी ‘बन-टिक्की’ का राज बरकरार है.

मक्खन या शुद्ध घी में सिके हुए नर्म बन के बीच रखी करारी आलू की टिक्की, साथ में खट्टी-मीठी सोंठ, हरी मिर्च-धनिया की तीखी चटनी और बारीक कटा प्याज, यह कॉम्बिनेशन पहली ही बाइट में मुंह में स्वाद का धमाका कर देता है. देहरादून के पलटन बाजार, एस्ले हॉल और नत्थनपुर जैसे मशहूर अड्डों पर तैयार होने वाली यह स्पेशल बन-टिक्की न सिर्फ जेब के लिहाज से किफायती है, बल्कि बारिश की बूंदों के बीच चाय की चुस्कियों के साथ इसका जायका दोगुना हो जाता है.

देहरादून का सुहावना मौसम, हल्की-हल्की बूंदें और हाथ में गरमा-गरम बन-टिक्की, यह एक ऐसा कॉम्बिनेशन है जिसके आगे बड़े-बड़े वेस्टर्न बर्गर भी फीके पड़ जाते हैं. अगर आप भी इस मानसून देहरादून के इस मशहूर देसी स्वाद का लुत्फ उठाना चाहते हैं तो यहां की 6 सबसे मशहूर जगहों के बारे में जरूर जान लीजिए, जहां की बन-टिक्की आपका दिल जीत लेगी.

ई सी रोड पर स्थित द्वारका स्टोर की बन-टिक्की पूरे देहरादून में एक लैंडमार्क बन चुकी है. सालों पुराना यह ठेला अपनी क्वालिटी और ऑथेंटिक टेस्ट के लिए जानी जाती है. यहां की आलू टिक्की को धीमी आंच पर एकदम कुरकुरा सेका जाता है, जिससे उसका बाहरी हिस्सा बहुत क्रिस्पी और अंदर से आलू एकदम मुलायम रहता है.

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जब इसे ताजा सिके बन के बीच, इमली की खट्टी-मीठी चटनी और हरी मिर्च-धनिया के तीखे पेस्ट के साथ परोसा जाता है तो स्वाद का जवाब नहीं. मालू के पत्ते पर परोसी गई टिक्की बहुत उम्दा लगती है. बारिश के मौसम में यहां लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है, जहां ग्राहक अपनी बारी का इंतज़ार करना भी खुशी-खुशी पसंद करते हैं.

देहरादून का दिल कहा जाने वाला पलटन बाजार अपनी हलचल के साथ-साथ ज़ायकेदार स्ट्रीट फूड के लिए मशहूर है. पलटन बाज़ार में मोती बाजार में ही राजेश बन टिक्की अपनी लजीज बन-टिक्की के लिए जाना जाता है. यहां की बन-टिक्की की खासियत है इसका देसी तड़का. टिक्की के साथ मिलाई जाने वाली सोंठ और बारीक कटे प्याज का संतुलन इतना सटीक होता है कि हर बाइट में चटाकेदार स्वाद आता है. बाजार में खरीदारी करते-करते बारिश से बचने के लिए शेड के नीचे खड़े होकर यहां की गरमा-गरम बन-टिक्की खाना एक अलग ही आनंद देता है.

एस्ले हॉल, देहरादून का एक ऐसा केंद्र है जहां युवाओं और पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहता है. एस्ले हॉल के पास लगने वाले पारंपरिक ठेले और स्टॉल्स दून की पुरानी फास्ट-फूड संस्कृति की याद दिलाते हैं. यहां मिलने वाली बन-टिक्की में शुद्ध मक्खन की महक और करारेपन का अनोखा मेल देखने को मिलता है. बारिश की फुहारों के बीच, हाथ में पत्तल में रखी टिक्की और साथ में गर्म चाय का कुल्हड, यह अनुभव आपको देहरादून के पुराने दिनों के पुराने आकर्षण से जोड़ देता है. किफायती दाम में मिलने वाला यह नाश्ता पेट और मन दोनों को भर देता है.

अगर आप थोड़ा अथेन्टिक और ठेठ स्थानीय स्वाद चखना चाहते हैं तो नत्थनपुर मोड़ का रुख करें. यहां के बन-टिक्की वाले अपने खास मसालों और चटनी के सीक्रेट कॉम्बिनेशन के लिए जाने जाते हैं. टिक्की में डाला जाने वाला खास गरम मसाला और ऊपर से निचोड़ा गया नींबू इसे अन्य जगहों से काफी अलग और चटपटा बनाता है. मानसून के समय नत्थनपुर के आसपास की हरियाली और सुहावना माहौल यहां की बन-टिक्की के मजा को दोगुना कर देता है. यहां लोग शाम ढलते ही यहां परिवार और दोस्तों के साथ जायका लेने पहुंच जाते हैं.

बिंदाल पुल के पास मिलने वाली बन-टिक्की दून के युवाओं और कॉलेज स्टूडेंट्स की पहली पसंद है. यहां आपको स्वाद के साथ-साथ शुद्धता का भी पूरा ध्यान रखा मिलता है. यहां बन टिक्की को एक नया फ्लेवर देने के लिए आलू के साथ चने और मूंग की दाल को भी टिक्की इस्तेमाल होती है. यहां हल्की बारिश में दोस्तों के साथ गपशप करते हुए यहां की बन-टिक्की उड़ाना एक परफेक्ट इवनिंग प्लान है.

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