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basant panchami

मां सरस्वती को समर्पित त्योहार बसंत पंचमी इस बार 5 फरवरी को मनाया जा रहा है। इस दिन को बागीश्वरी जयंती और श्रीपंचमी भी कहा जाता है। हर साल की तरह इस साल भी बसंत पंचमी पर लाखों जोड़े विवाह के बंधन में बंध जाएंगे। कहा जाता है कि बसंत पंचमी के दिन अबूझ विवाह के लिए सर्वश्रेष्ठ संयोग और मुहुर्त होता है। यानी जिन जोड़ों के विवाह का कोई मुहूर्त नहीं निकल पाता वो बेझिझक बसंत पंचमी के दिन विवाह कर सकते हैं। 

चलिए जानते हैं कि बसंत पंचमी का दिन विवाह के लिए इतना उपयुक्त क्यों माना जाता है।

दरअसल ज्योतिष शास्त्र में बसंत पचंमी के पूरे दिन भर दोषरहित परम श्रेष्ठ योग रहता है। ये योग उन लोगों की शादी कराने के लिए सर्वथा उपयुक्त होता है जिनकी – 

  • कई कारणों से शादी नहीं हो पा रही है
  • शादी के लिए गुण आपस में नहीं मिल पा रहे है
  • शादी के लिए कोई शुभ मुहुर्त नहीं निकल पा रहा है
  • तुरंत शादी करनी हो

ऐसे सभी लोग बसंत पंचमी के दिन विवाह कर सकते हैं। 

शास्त्रों में ऐसी भी मान्यता है कि इस शुभ दिन पर ही महादेव शिव और मां पार्वती का विवाह पूर्व होने वाला तिलक समारोह हुआ था। 

बसंत पंचमी के दिन दोषरहित परम श्रेष्ठ योग के साथ साथ रवि योग भी लगता है जो किसी शुभ काम में बनने वाले विपरीत हालातों का नाश करके शुभ काम को परिपूर्ण करता है।

इतना ही नहीं इस दिन अमृत सिद्धि योग भी होता है और पूरे दिन जो भी काम किया जाए, वो शुभ संपन्न होते हैं। 

कहा जाता है कि इस दिन शादी ही नहीं कोई भी  शुभ काम बिना झिझक और बिना मुहुर्त निकाले किया जा सकता है। 

शादी ब्याह के अलावा, मुंडन संस्कार, यज्ञोपवीत, सगाई, गृह प्रवेश, वाहन खरीदना, घर खरीदना, बिजनेस की शुरूआत समेत कोई भी नया और शुभ काम किया जा सकता है। 





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