भारतीय सड़कों, स्टेशनों और बस अड्डों पर मिलने वाली कुल्हड़ वाली चाय का स्वाद हर किसी को याद रहता है. मिट्टी की खुशबू, तेज उबाल और मसालों की एकदम संतुलित मात्रा. यही है कुल्हड़ वाली चाय की पहचान. यही वजह है कि घर की चाय कितनी भी अच्छी हो, बाजार की कुल्हड़ वाली चाय का मुकाबला करना किसी भी चाय के लिये आसान नहीं. अच्छी खबर यह है कि सही तरीके से आप वही बेमिसाल स्वाद घर पर भी पा सकते हैं.

कुल्हड़ चाय का स्वाद खास क्यों होता है?
कुल्हड़ यानी मिट्टी का कप छिद्रयुक्त होता है. जब उसमें खौलती चाय डाली जाती है, तो मिट्टी की हल्की‑सी सौंधी खुशबू चाय में घुल जाती है. इसके अलावा सड़क किनारे चाय को लंबे समय तक तेज आंच पर उबालना, दूध‑पानी का सही अनुपात और मसालों का सही संतुलन. ये सब मिलकर इसका स्वाद अलग बनाते हैं.

बाजार जैसी कुल्हड़ चाय बनाने के लिए जरूरी सामग्री

पानी – 1 कप
फुल क्रीम दूध – 1 कप
काली चाय पत्ती – 2 छोटी चम्मच
अदरक – ½ इंच (कुटी हुई)
इलायची – 1 (कुटी हुई)
चीनी – स्वादानुसार
मिट्टी का कुल्हड़ – 1(पहले से साफ और गरम किया हुआ)

कुल्हड़ चाय बनाने का बेजोड़ तरीका

कुल्हड़ तैयार करें
सबसे पहले नए कुल्हड़ को पानी से अच्छी तरह धो लें. फिर उसे 10–15 मिनट साफ पानी में भिगो दें और उपयोग से पहले गरम पानी से गरम कर लें. इससे कच्ची मिट्टी की गंध कम हो जाती है.

चाय का उबाल
एक पैन में पानी डालें, उसमें कुटी अदरक और इलायची डालकर तेज आंच पर उबालें. अब चाय पत्ती डालें और 1–2 मिनट पकने दें.

दूध डालकर खौलाना
अब दूध डालें और चाय को धीमी‑तेज आंच पर 3–4 उबाल आने दें. बाजार जैसा रंग और स्वाद लाने के लिए चाय को अच्छे से “खौलाना” बहुत जरूरी है.

चीनी मिलाएं
अंतिम उबाल से पहले चीनी डालें और एक बार फिर उबाल आने दें.

कुल्हड़ में परोसें
उबलती चाय को सीधे गरम कुल्हड़ में छानकर डालें. डालते ही जो मिट्टी की खुशबू उठे, वही असली कुल्हड़ वाली चाय का जादू है.

परोसने का सही तरीका
कुल्हड़ चाय को तुरंत पिएं. चाहें तो साथ में मठरी, बिस्कुट या नमकीन रस्क लें, जैसा बाजार में मिलता है.

कुल्हड़ वाली चाय सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि एक अनुभव है. थोड़ी‑सी मेहनत और सही तरीका अपनाकर आप भी घर पर बाजार जैसी बेमिसाल कुल्हड़ चाय का आनंद ले सकते हैं.



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