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बारिश के मौसम में घर पर ऐसे बनाएं अरबी की पकौड़ी, स्वाद ऐसा कि मन ललचाए

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Arabi Ki Pakodi Recipe: अरबी के पत्तों की पारंपरिक पकौड़ी सिर्फ एक स्वादिष्ट व्यंजन ही नहीं, बल्कि गांवों की पुरानी खान-पान की संस्कृति की पहचान भी है. बदलते दौर में जहां लोग तरह-तरह के फास्ट फूड की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं बारिश के मौसम में अरबी के पत्तों से बनने वाला यह देसी पकवान आज भी लोगों की पसंद बना हुआ है. आइए जानते हैं कि घर पर टेस्टी अरबी की पकौड़ी कैसे तैयार कर सकते हैं.

बरसात का मौसम आते ही ग्रामीण इलाकों में कई तरह के पारंपरिक पकवानों का स्वाद लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने लगता है. इन्हीं में से एक है अरबी के पत्तों की पकौड़ी, जिसे कई जगहों पर अरबी के पत्तों की बड़ियां या पत्तौड़ भी कहा जाता है. बारिश के मौसम में खेतों और घरों के आसपास आसानी से मिलने वाले अरबी के पत्तों से तैयार होने वाली यह देसी डिश स्वाद में बेहद लाजवाब होती है.

अरबी के पत्तों की पकौड़ी बनाने के लिए सबसे पहले ताजे और साफ पत्तों को अच्छी तरह धोकर तैयार किया जाता है. इसके बाद बेसन में नमक, लाल मिर्च, हल्दी, धनिया, अजवाइन और जरूरत के अनुसार अन्य मसाले मिलाकर गाढ़ा घोल तैयार किया जाता है. इस मसालेदार मिश्रण को अरबी के पत्तों पर लगाकर उन्हें एक के ऊपर एक रखा जाता है और रोल तैयार किया जाता है.

तैयार रोल को भाप में पकाया जाता है. जब यह अच्छी तरह पक जाता है तो इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर तेल में सुनहरा होने तक तला जाता है. गरमा-गरम अरबी के पत्तों की पकौड़ी को हरी चटनी, टमाटर की चटनी या चाय के साथ परोसा जाता है. इसका स्वाद बारिश के मौसम में लोगों को खूब पसंद आता है.

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अरबी के पत्तों की पकौड़ी खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक तरीके से बनाई जाती है. बुजुर्ग महिलाएं आज भी इसे पुराने तरीके से तैयार करती हैं. कम लागत में तैयार होने वाला यह पकवान स्वाद के साथ ग्रामीण खान-पान की परंपरा को भी जीवित रखे हुए है.

बरसात में जब मौसम ठंडा होता है और आसमान में बादल छाए रहते हैं, ऐसे समय में गरमा-गरम पकौड़ी और चाय का स्वाद लोगों को खूब भाता है. यही वजह है कि बारिश के दिनों में अरबी के पत्तों की पकौड़ी की मांग घरों में बढ़ जाती है. यह पकौड़ी आपको रेस्टोरेंट और होटल पर नहीं मिलती हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी अधिक डिमांड रहती है

अरबी के पत्तों की यह पारंपरिक पकौड़ी सिर्फ एक स्वादिष्ट व्यंजन ही नहीं, बल्कि गांवों की पुरानी खान-पान की संस्कृति की पहचान भी है. बदलते दौर में जहां लोग तरह-तरह के फास्ट फूड की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं बारिश के मौसम में अरबी के पत्तों से बनने वाला यह देसी पकवान आज भी लोगों की पसंद बना हुआ है.

गृहणी मंजू बताती हैं कि अरबी के पत्तों से बनी पकौड़ी तैयार करने में ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. इसे घर में आसानी से उपलब्ध बेसन, नमक, हल्दी, लाल मिर्च, धनिया, अजवाइन और अन्य मसालों की मदद से तैयार किया जा सकता है. अरबी के पत्तों को अच्छी तरह साफ करने के बाद उन पर बेसन का मसाला लगाकर रोल तैयार किया जाता है. इसके बाद रोल को भाप में पकाकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लिया जाता है और हल्का सुनहरा होने तक तल लिया जाता है. मंजू के मुताबिक, बरसात के मौसम में गरमा-गरम अरबी के पत्तों की पकौड़ी चाय के साथ खाने में काफी आनंद आता है.

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