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करौंदा न सिर्फ स्वाद में बेमिसाल है, बल्कि बरसात के मौसम में यह आपकी सेहत का भी पूरा ख्याल रखता है. विटामिन-सी, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर करौंदा मानसून में आपकी इम्यूनिटी को मजबूत रखता है

रिमझिम बारिश का मौसम हो और थाली में गर्मागर्म पकोड़ों या दाल-चावल के साथ थोड़ी सी चटपटी चटनी मिल जाए, तो खाने का मज़ा दोगुना हो जाता है. मानसून आते ही बाज़ार में ताज़े-ताज़े करौंदे दिखने शुरू हो जाते हैं. छोटे-छोटे, लाल और सफेद रंग के ये करौंदे भले ही बेहद खट्टे होते हैं, लेकिन जब इनकी चटनी बनती है, तो स्वाद ऐसा होता है कि आप उंगलियां चाटते रह जाएंगे.

करौंदा न सिर्फ स्वाद में बेमिसाल है, बल्कि बरसात के मौसम में यह आपकी सेहत का भी पूरा ख्याल रखता है. विटामिन-सी, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर करौंदा मानसून में आपकी इम्यूनिटी को मजबूत रखता है. आइए जानते हैं बारिश के इस सुहाने मौसम में करौंदे की चटपटी चटनी बनाने की बिल्कुल पारंपरिक और आसान रेसिपी!

चटनी बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
ताज़े करौंदे: 1 कप
हरा धनिया: 1 मुट्ठी
पुदीने के पत्ते: ½ मुट्ठी
हरी मिर्च: 3 से 4 (तिखापन पसंद हो तो)
प्याज: 1 (बारीक कटा हुआ)
लहसुन: 5-6 कलियां
धनिया पाउडर: 1 छोटा चम्मच
सादा नमक: स्वादानुसार
*काला नमक: ½ छोटा चम्मच

बनाने की आसान विधि
1. कड़वाहट निकालने की सीक्रेट ट्रिक
सबसे पहले करौंदों को अच्छे से धोकर बीच में से काट लें और उनके बीज निकाल दें. करौंदों में हल्का सा कड़वा रस होता है; इसे दूर करने के लिए इन्हें 20-30 मिनट के लिए हल्के नमक वाले पानी में भिगोकर छोड़ दें. फिर पानी छानकर करौंदे अलग कर लें.

2. मसाला और लहसुन पीसें
अगर आप देसी स्वाद चाहते हैं, तो सिलबट्टे या ओखली का इस्तेमाल करें. सबसे पहले लहसुन, हरी मिर्च, धनिया पाउडर और सादा नमक डालकर दरदरा कूट लें.

3. हरा धनिया और करौंदा मिलाएं
अब इसमें हरा धनिया और पुदीना डालकर अच्छे से पीसें. इसके बाद पानी से निकाले हुए करौंदे और बारीक कटा प्याज मिलाकर दोबारा पीस लें.

4. दें स्वाद का फाइनल टच
चटनी जब अच्छी तरह पिस जाए, तो ऊपर से काला नमक डालकर मिला लें. यह चटनी के खट्टेपन को बैलेंस करता है और हाजमे के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है.मास्टर टिप: सिलबट्टे पर बनी इस चटनी में पानी की एक बूंद भी न डालें, इसका दरदरापन ही असली स्वाद देता है। अगर समय कम है और आप मिक्सी का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो ‘पल्स मोड’ पर (रुक-रुक कर) ही चलाएं ताकि चटनी पेस्ट न बने बल्कि दरदरी रहे.



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