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Fish Fry Tips: फिश फ्राई बनाना मुश्किल नहीं है, बस सही तरीका जानना जरूरी है. सही मछली चुनना, उसे अच्छे से सुखाना और सही तापमान पर फ्राई करना सबसे जरूरी स्टेप हैं. जल्दीबाजी करने से मछली टूट जाती है. सही कोटिंग और कम छेड़छाड़ से ही परफेक्ट क्रस्ट बनती है. अगर इन बेसिक बातों का ध्यान रखें, तो हर बार होटल जैसी फिश घर पर बन सकती है.
Fish Fry Tips: घर पर फिश फ्राई बनाना देखने में जितना आसान लगता है, असल में उतना ही मुश्किल होता है. अक्सर लोग सोचते हैं कि बस मसाला लगाओ, तेल गरम करो और मछली डाल दो, लेकिन यहीं सबसे ज्यादा गड़बड़ होती है. मछली पैन में चिपक जाती है, पलटते समय टूट जाती है या फिर पूरी क्रिस्पी बनने के बजाय नरम और गीली रह जाती है. कई बार तो मेहनत से बनाई मछली प्लेट तक पहुंचते पहुंचते टुकड़ों में बदल जाती है. इसका कारण कोई एक नहीं बल्कि कई छोटी छोटी गलतियां होती हैं.
जैसे गलत मछली का चुनाव, ज्यादा नमी, सही तापमान न होना या जल्दी पलट देना. अच्छी बात यह है कि अगर आप कुछ बेसिक नियम समझ लें, तो घर पर भी होटल जैसी परफेक्ट, गोल्डन और क्रिस्पी फिश आसानी से बना सकते हैं. इस आर्टिकल में आपको वही आसान तरीके बताए गए हैं जो आपके किचन में हर बार काम आएंगे.
सही मछली चुनना ही आधी जीत है: फिश फ्राई का पहला और सबसे जरूरी स्टेप है सही मछली का चुनाव. हर मछली फ्राई करने के लिए सही नहीं होती. अगर मछली बहुत नरम और जल्दी टूटने वाली है, तो वह पैन में टिक नहीं पाएगी. इसलिए हमेशा थोड़ी सख्त और मीटी मछली चुनें. जैसे सुरमई, रोहु, कतला, तिलापिया या पोमफ्रेट अच्छे ऑप्शन हैं. ये मछलियां फ्राई करते समय अपना शेप बनाए रखती हैं और अच्छी क्रस्ट देती हैं. बहुत पतली या ज्यादा नरम मछली लेने से बचें.
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मछली को सही तरीके से काटना और साफ करना: फिश फ्राई की सफलता काफी हद तक कटिंग पर भी निर्भर करती है. अगर पीस बहुत पतले होंगे तो पलटते समय टूट सकते हैं. इसलिए मछली के पीस थोड़े मोटे रखें, करीब 1 से 1.5 इंच तक. साथ ही सभी पीस एक जैसे होने चाहिए ताकि बराबर पकें. अच्छी तरह धोने के बाद मछली को पूरी तरह सुखाना बहुत जरूरी है.
नमी हटाना क्यों जरूरी है: अगर मछली में पानी रह गया, तो फ्राई करते समय तेल उछलेगा और मछली चिपक जाएगी. इसलिए हमेशा किचन टिशू से अच्छे से सुखाएं. चाहें तो 20 मिनट के लिए खुला रख दें ताकि हल्की एयर ड्राई हो जाए. यही ट्रिक मछली को ज्यादा क्रिस्पी बनाती है.
मसाला और मेरिनेशन का सही तरीका: इंडियन फिश फ्राई का असली स्वाद उसके मसाले में होता है. हल्दी, लाल मिर्च, अदरक लहसुन पेस्ट, नमक और नींबू का रस बेसिक मेरिनेशन होता है. इसके बाद आप राइस फ्लोर, बेसन या सूजी लगा सकते हैं. यह कोटिंग ही मछली को क्रिस्पी बनाती है. ध्यान रखें कि मेरिनेशन बहुत ज्यादा देर तक न करें, वरना मछली से पानी निकलने लगेगा.
सही कोटिंग से आएगी परफेक्ट क्रंच: अगर आपको कुरकुरी फिश चाहिए तो कोटिंग बहुत जरूरी है. सूजी से बनी रवा फ्राई, राइस फ्लोर और बेसन का मिक्स या ब्रेडक्रम्ब्स सभी अलग अलग टेक्सचर देते हैं. सूजी से बाहर की लेयर ज्यादा क्रिस्पी बनती है, जबकि ब्रेडक्रम्ब्स हल्की क्रंच देते हैं.
सही कढ़ाई और पैन का चुनाव: फिश फ्राई के लिए कास्ट आयरन तवा सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि इसमें हीट बराबर रहती है. स्टील पैन भी अच्छा है लेकिन उसे पहले अच्छी तरह गरम करना जरूरी है. नॉन स्टिक पैन आसान होता है लेकिन उसमें उतनी अच्छी ब्राउनिंग नहीं मिलती.
तेल का सही तापमान सबसे अहम: अगर तेल ठंडा है तो मछली तेल सोख लेगी और सॉफ्ट रह जाएगी. अगर बहुत ज्यादा गरम है तो ऊपर से जल जाएगी और अंदर से कच्ची रह जाएगी. सही तापमान मीडियम हाई होना चाहिए. टेस्ट के लिए थोड़ा आटा डालकर देखें, अगर तुरंत ऊपर आ जाए तो तेल तैयार है.
मछली को कब और कैसे पलटें: सबसे बड़ी गलती लोग यही करते हैं कि मछली डालते ही उसे छेड़ने लगते हैं. ऐसा बिल्कुल न करें. मछली को 2-3 मिनट तक ऐसे ही रहने दें ताकि नीचे से क्रस्ट बन जाए. जब किनारे सुनहरे दिखने लगें, तभी धीरे से पलटें. एक बार से ज्यादा पलटना भी मछली तोड़ सकता है.
फ्राई होने के बाद सही तरीके से निकालना: फिश फ्राई होने के बाद उसे सीधे प्लेट में न रखें. पहले टिशू पेपर या वायर रैक पर रखें ताकि एक्स्ट्रा तेल निकल जाए और क्रिस्पीनेस बनी रहे.
अगर मछली टूट जाए तो क्या करें: अगर फिर भी मछली टूट जाए तो उसे फेंकने की जरूरत नहीं है. आप उससे फिश कटलेट बना सकते हैं, राइस में मिला सकते हैं या रैप में इस्तेमाल कर सकते हैं.