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Brinjal cooking tips: बैंगन की सब्जी का स्वाद बेहतर बनाने के लिए दूध की छोटी सी ट्रिक बेहद असरदार है. यह कड़वाहट को कम करता है और स्वाद को स्मूद बनाता है. सब्जी का रंग काला होने से बचाता है और उसे फ्रेश दिखाता है. हल्की क्रीमीनेस जोड़कर स्वाद को रिच बनाता है बिना भारी किए. सिर्फ 1 से 2 चम्मच दूध डालना ही काफी होता है बेहतर रिजल्ट के लिए.
Brinjal cooking tips: गर्मी हो या सर्दी, बैंगन की सब्जी हर घर में कभी न कभी जरूर बनती है, लेकिन सच यह भी है कि इसे बनाना जितना आसान लगता है, उतना होता नहीं है. कई बार बैंगन कड़वा लग जाता है, कभी इसका रंग जल्दी काला पड़ जाता है, तो कभी इसका स्वाद थोड़ा भारी और अजीब सा लगता है. ऐसे में लोग मसाले बदलते हैं, तेल बदलते हैं, या अलग-अलग तरीके ट्राई करते हैं, लेकिन फिर भी वो परफेक्ट स्वाद नहीं मिल पाता. अगर आप भी इसी परेशानी से गुजर चुके हैं, तो अब आपको ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं है.
एक बेहद आसान और देसी किचन ट्रिक है, जो आपके बैंगन के स्वाद को तुरंत बेहतर बना सकती है. बस आपको सब्जी बनाते समय थोड़ा सा दूध मिलाना है. यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन यह तरीका सच में कमाल करता है और आपकी साधारण सी सब्जी को भी खास बना देता है.
दूध डालने से क्या होता है: जब आप बैंगन की सब्जी बनाते समय उसमें थोड़ा सा दूध मिलाते हैं, तो यह सब्जी के अंदर मौजूद तेज और कड़वे स्वाद को संतुलित करता है. बैंगन बहुत जल्दी फ्लेवर को सोखता है, और दूध उसमें एक स्मूदनेस और हल्की मिठास जोड़ देता है. इससे सब्जी का स्वाद ज्यादा बैलेंस्ड और अच्छा लगने लगता है. साथ ही सब्जी देखने में भी ज्यादा फ्रेश और आकर्षक लगती है.
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कड़वाहट होती है कम: कई बार बैंगन खासकर पुराने या बीज वाले बैंगन हल्के कड़वे लगते हैं. ऐसे में दूध एक नेचुरल बैलेंसर की तरह काम करता है. यह कड़वेपन को कम करता है और स्वाद को सॉफ्ट बना देता है. इससे सब्जी खाने में ज्यादा मजेदार लगती है और हर किसी को पसंद आती है.
रंग को काला होने से बचाता है: बैंगन काटने के बाद बहुत जल्दी ऑक्सीडाइज होकर काला पड़ने लगता है. यही चीज पकाते समय भी होती है. लेकिन जब आप उसमें थोड़ा सा दूध डालते हैं, तो यह प्रोसेस धीमा हो जाता है. इससे सब्जी का रंग ज्यादा देर तक अच्छा बना रहता है और देखने में भी ज्यादा टेस्टी लगती है.
हल्की क्रीमीनेस देता है: दूध सब्जी में बहुत ज्यादा भारीपन नहीं लाता, बल्कि एक हल्की क्रीमी फील देता है. इससे बैंगन की सॉफ्ट टेक्सचर और भी बेहतर हो जाती है. खास बात यह है कि इसमें अलग से क्रीम या मक्खन डालने की जरूरत नहीं पड़ती, फिर भी स्वाद रिच लगता है.
मसालों का स्वाद करता है बैलेंस: अगर आप अपनी सब्जी में सरसों का तेल, लहसुन या तेज मसाले डालते हैं, तो कई बार उनका स्वाद ज्यादा तेज हो जाता है. दूध इन सब फ्लेवर को बैलेंस करता है और एक स्मूद टेस्ट देता है. इससे सब कुछ अच्छे से मिक्स हो जाता है और कोई भी फ्लेवर अलग से हावी नहीं होता.
कब इस्तेमाल करें यह ट्रिक: यह ट्रिक रोजमर्रा की बैंगन की सब्जी में सबसे ज्यादा काम आती है. जैसे बैंगन का भरता, सूखी सब्जी या हल्की ग्रेवी वाली डिश. लेकिन अगर आप बहुत ज्यादा खट्टी सब्जी बना रहे हैं, जैसे इमली या ज्यादा टमाटर वाली, तो उसमें दूध डालने से वह फट सकता है. इसलिए ऐसे मामलों में इस ट्रिक को अवॉइड करना बेहतर है.
कितना दूध डालना सही रहेगा: इस ट्रिक का सही फायदा तभी मिलेगा जब आप दूध की मात्रा कंट्रोल में रखें. ज्यादा दूध डालने से सब्जी का स्वाद हल्का पड़ सकता है. इसलिए सिर्फ 1 से 2 चम्मच दूध ही काफी होता है. इसे सब्जी पकाते समय आखिर में डालें और अच्छे से मिला दें.
क्या भिगोना जरूरी है: बहुत लोग बैंगन को पहले पानी में भिगोकर रखते हैं ताकि कड़वाहट कम हो जाए. यह तरीका सही है, लेकिन दूध का काम थोड़ा अलग है. यह पकाते समय अंदर तक असर करता है और स्वाद को और ज्यादा बैलेंस करता है. इसलिए अगर आपने पहले भिगोया भी है, तब भी दूध डालना फायदेमंद रहता है.