इंग्लैंड दौरे पर बल्ला भले ही खामोश रहा हो, लेकिन 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा पर दुनिया का भरोसा कम नहीं हुआ है। जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने भारत के युवा बल्लेबाज की जमकर तारीफ करते हुए कहा है कि अगर उसका सही तरीके से मार्गदर्शन किया गया, तो वह आने वाले सालों में क्रिकेट का जेनरेशन बदल देने वाला खिलाड़ी साबित हो सकता है।
भारत और जिम्बाब्वे के बीच 23 जुलाई से शुरू होने वाली तीन मैचों की T20I सीरीज से पहले रजा ने कहा कि इतनी कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलना ही अपने आप में बड़ी उपलब्धि है और सिर्फ दो-तीन मैचों के आधार पर किसी खिलाड़ी की आलोचना करना बिल्कुल उचित नहीं है।
वैभव बन सकते हैं सबसे बड़े क्रिकेटर
रजा ने जियोस्टार से बातचीत में कहा कि वैभव बेहद प्रतिभाशाली क्रिकेटर है। अगर 15 साल का कोई खिलाड़ी इंटरनेशनल क्रिकेट खेल रहा है तो सिर्फ दो या तीन मैचों के बाद उसकी आलोचना करना सही नहीं है। उसके आसपास कई अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं। अगर उसका सही तरीके से मार्गदर्शन और प्रबंधन किया गया तो वह आने वाली पीढ़ी का सबसे बड़ा क्रिकेटर बन सकता है।
इंग्लैंड दौरे पर वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने तीन T20I मैचों में 14, 13 और 15 रन की पारियां खेलीं। इनमें दो बार वह इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की शॉर्ट गेंदों का शिकार बने। भारत को भी इस दौरे पर निराशा हाथ लगी और टीम को इंग्लैंड के खिलाफ T20I सीरीज में 0-4 से हार का सामना करना पड़ा।
जिम्बाब्वे में वैभव से होंगी बड़ी उम्मीदें
इंग्लैंड में फेल होने के बाद वैभव एक ऐसे मैदान पर लौट रहे हैं जहां उन्होंने कुछ महीने पहले अपनी बल्लेबाजी से पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था। जनवरी में हरारे में खेले गए U19 वर्ल्ड कप फाइनल में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन की विस्फोटक पारी खेलकर भारत को यादगार जीत दिलाई थी। इस बार भारतीय टीम में संजू सैमसन शामिल नहीं हैं। ऐसे में वैभव को पारी की शुरुआत में लगातार मौके मिलने की पूरी संभावना है। रजा का मानना है कि पिछले एक साल में वैभव ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वे किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए असाधारण हैं।
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