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मऊ के भातकोल बाजार में मिलने वाली खास ‘घाटी’ इन दिनों लोगों की पहली पसंद बनी हुई है. सिर्फ 6 रुपये में मिलने वाला यह देसी स्वाद सुबह 6 से 10 बजे तक ही उपलब्ध होता है. चने के खास मसाले और घर जैसे स्वाद से तैयार यह घाटी इतनी लोकप्रिय है कि लोग इसे खाने के साथ पैक कराकर भी ले जाते हैं.

मऊ. उत्तर प्रदेश समेत कई प्रदेशों में लोग समोसा बड़े ही मन से खाते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में मिलने वाली घाटी की अलग ही मांग है. क्योंकि मऊ जनपद में खाने वाले व्यंजन में घाटी पहली पसंद है जो हर जनपद और हर प्रदेश में नहीं मिलती. यही वजह है कि लोग मऊ में इसे काफी पसंद करते हैं. लोकल 18 से बात करते हुए मऊ जनपद के भातकोल बाजार के कृष्णा कैंटर्स एंड स्वीट हाउस के दुकानदार दीपू बताते हैं कि उनके यहां एक स्पेशल घाटी बनाई जाती है. इस घाटी में घर का स्वाद मिलता है इस वजह से लोग इसे काफी पसंद करते हैं.  6 रुपए में मिलने वाला यह व्यंजन घाटी सुबह 6 बजे से सुबह 10 बजे तक केवल इस दुकान पर मिलेगी. उसके बाद इस दुकान पर अलग-अलग व्यंजन चलने लगते हैं, क्योंकि यह कई प्रकार के खाद्य पदार्थ बनाए जाते हैं. लेकिन उनके यहां घाटी सबसे प्रसिद्ध है यहां घाटी को लोग खाते ही नहीं है घर भी पैक करा कर लेकर जाते हैं. इस घाटी में बिल्कुल घर का स्वाद मिलता है यही वजह है कि लोग सुबह आते ही सबसे पहले घाटी ही इनकी दुकान पर मांगते हैं.

चना को भून कर तैयार किया जाता है घाटी मसाला
इस घाटी को बनाने के लिए सबसे पहले चना को 5 से 10 मिनट तक अच्छे से भुना जाता है. फिर इसे भुने हुए चना को जब ठंडा हो जाता है तब आटा चक्की में पिसाई की जाती है. जब यह तैयार हो जाता है तो इसमें हींग, प्याज, लहसुन, हल्का मसाला, पंच फोरन डालकर अच्छी से इसे मिक्स किया जाता है. मिक्स करने के बाद आता को अच्छे से गुदा लिया जाता है. जब आटा गुदकर तैयार हो जाता है फिर उस आटे को गोल-गोल लोई काट ली जाती है और इस लॉय में चना के बेसन का तैयार किया गया प्याज, लहसुन और अन्य पदार्थ डालकर बनाया गया घाटी को डालकर उसे गोल आकार में भर देते हैं और उसे घाटी की आकर बना देते हैं.

मात्र 6 घण्टे तक ही मिलेगी
जब घाटी भरकर तैयार हो जाती है तब चूल्हे पर कड़ाही रखकर उसमें तेल डालकर हल्की आंच में सभी घाटी को कढ़ाई में डालकर पकाया जाता है. यह घाटी कम से कम 20 से 25 मिनट तक हल्की आंच पर पकाया जाता है. तब जाकर लाल आकार का होकर यह घाटी तैयार होती है. यह घाटी केवल सुबह 6 बजे से 10 बजे तक बनाई जाती है, जिसे लोग काफी पसंद करते हैं. सुबह से ही लोग इसे खरीदना शुरू कर देते हैं हालांकि, यह मात्र 6 रुपए में घाटी मिलती है जिसे लोग काफी पसंद करते हैं क्योंकि इस घाटी को ऐसे तैयार किया जाता है जैसे वह घर की घाटी लगे. यदि आप घाटी को एक बार खा लेते हैं तो अन्य व्यंजन पदार्थ खाना छोड़ देंगे और यदि एक बार यहां की घाटी खा लेंगे तो बार-बार खाने पर मजबूर होंगे.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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