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आज जिस आलू वाले समोसे को हम बड़े चाव से खाते हैं, वह इसका असली रूप नहीं है. 500 साल पुरानी एक शाही रेसिपी वायरल हो रही है, जिसमें समोसे की फिलिंग और बनाने का तरीका बिल्कुल अलग बताया गया है. इस खुलासे ने लोगों को चौंका दिया है.

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शाही समोसे की अलग थी फिलिंग. (Photo: Dr. M.F. Khan@Dr_TheHistories)

समोसा आज भारत का सबसे पसंदीदा स्ट्रीट फूड माना जाता है, जिसे हर गली-नुक्कड़ पर आसानी से मिल जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज जो आलू वाला समोसा हम खाते हैं, वह इसका असली और पुराना रूप नहीं है. हाल ही में 500 साल पुरानी एक शाही रेसिपी वायरल हो रही है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है. इस रेसिपी से पता चलता है कि कभी समोसा राजाओं की रसोई का खास पकवान हुआ करता था.

इतिहासकार डॉ. एम.एफ. खान के मुताबिक, यह रेसिपी एक फारसी पांडुलिपि ‘Ni’matnama’ (बुक ऑफ डिलाइट्स) में दर्ज है, जिसे 1501-1510 के बीच मध्य भारत के मांडू के सुल्तान के लिए लिखा गया था. यह पांडुलिपि मुगल बादशाह अकबर, टीपू सुल्तान और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के पास से होती हुई आज ब्रिटिश म्यूजियम में सुरक्षित है. इससे यह साफ होता है कि समोसा पहले आम लोगों का नहीं, बल्कि शाही रसोई का हिस्सा था.





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