कटहल का अचार भारतीय घरों में बेहद पसंद किया जाता है. इसका खट्टा‑तीखा और मसालेदार स्वाद खाने का मजा कई गुना बढ़ा देता है. कच्चे कटहल से बना यह अचार लंबे समय तक सुरक्षित रहता है और दाल‑चावल, रोटी या पराठों के साथ बहुत स्वादिष्ट लगता है. आइए जानते हैं कटहल का अचार बनाने की आसान रेसिपी.
आवश्यक सामग्री
कच्चा कटहल – 500 ग्राम
सरसों का तेल – 1 कप
सरसों के दाने – 2 टेबलस्पून
मेथी दाना – 1 टेबलस्पून
सौंफ – 1 टेबलस्पून
हल्दी पाउडर – 1 छोटा चम्मच
लाल मिर्च पाउडर – 1 से 2 छोटा चम्मच
नमक – स्वादानुसार
हींग – 1 चुटकी
सिरका (विनेगर) – 2 टेबलस्पून
बनाने की विधि
1. कटहल की तैयारी
सबसे पहले कटहल को छीलकर छोटे‑छोटे टुकड़ों में काट लें. चिपचिपाहट से बचने के लिए हाथों में तेल लगा लें. इसके बाद कटहल के टुकड़ों को हल्के नमक वाले पानी में 5–10 मिनट उबाल लें. इससे कटहल थोड़ा नरम हो जाता है और अचार में अच्छा स्वाद आता है. उबालने के बाद इसे छानकर पूरी तरह सुखा लें.
2. मसाला तैयार करें
अब एक पैन में मेथी दाना, सौंफ और सरसों के दाने हल्का भून लें. ठंडा होने पर इन्हें दरदरा पीस लें. इस मसाले की खुशबू ही अचार का स्वाद बढ़ाती है.
3. तेल गरम करें
सरसों का तेल कढ़ाई में डालकर अच्छी तरह धुआं आने तक गरम करें. फिर गैस बंद करके तेल को थोड़ा ठंडा होने दें. इससे तेल का तीखापन कम हो जाता है और अचार ज्यादा स्वादिष्ट बनता है.
4. अचार मिलाना
अब एक बड़े बर्तन में उबला हुआ कटहल डालें. इसमें हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, नमक, हींग और तैयार मसाला डालकर अच्छी तरह मिला लें. इसके बाद ठंडा किया हुआ सरसों का तेल इसमें डालकर अच्छे से मिक्स करें.
5. सेट होने के लिए रखें
इस तैयार अचार को साफ और सूखे कांच के जार में भर लें. अगर आप चाहें तो इसमें थोड़ा सा सिरका भी मिला सकते हैं, जिससे अचार ज्यादा दिनों तक सुरक्षित रहता है. जार को 3–4 दिनों तक धूप में रखें और रोज एक बार हिलाते रहें ताकि मसाले अच्छे से मिल जाएं.
कटहल के अचार के फायदे
कटहल फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन में मदद करता है.
इसमें विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो इम्यूनिटी बढ़ाते हैं.
अचार खाने से भूख बढ़ती है और भोजन का स्वाद भी बढ़ जाता है.
ध्यान रखने वाली बातें
अचार बनाने के लिए हमेशा साफ और सूखे बर्तनों का उपयोग करें.
कटहल के टुकड़े पूरी तरह सूखे होने चाहिए, वरना अचार खराब हो सकता है.
जार में तेल इतना जरूर होना चाहिए कि अचार पूरी तरह डूबा रहे.